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अडाणी-ग्रीन-एनर्जी केस में प्रणव अडाणी को क्लीन चिट मिली: सेबी को कोई ठोस सबूत नहीं मिले, गौतम अडाणी के भतीजे पर इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप लगे थे

अडाणी-ग्रीन-एनर्जी केस में प्रणव अडाणी को क्लीन चिट मिली:  सेबी को कोई ठोस सबूत नहीं मिले, गौतम अडाणी के भतीजे पर इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप लगे थे

Last Updated on दिसम्बर 13, 2025 11:49, पूर्वाह्न by Khushi Verma

 

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने अडाणी ग्रीन एनर्जी की 2021 में SB एनर्जी अधिग्रहण डील से जुड़े इनसाइडर ट्रेडिंग केस में प्रणव अडाणी और उनके दो रिश्तेदारों को क्लीन चिट दे दी है। 50 पेज के ऑर्डर में सेबी ने कहा कि उनके खिलाफ अनपब्लिश्ड प्राइस सेंसिटिव इनफार्मेशन (UPSI) शेयर करने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला।

 

ट्रेड्स पब्लिक इन्फॉर्मेशन के बाद हुए और नॉर्मल पैटर्न से मैच करते हैं। अलग ऑर्डर में भी सेबी ने विनोद बहेटी समेत अन्य को भी आरोपों से क्लियर किया है।

क्या था पूरा मामला

यह केस अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) की SB एनर्जी होल्डिंग्स को 3.5 बिलियन डॉलर यानी 31,693 करोड़ रुपए में खरीदने की डील से जुड़ा था। डील की ऑफिशियल अनाउंसमेंट 19 मई 2021 को हुई थी। सेबी ने जनवरी 2021 से अगस्त 2021 तक के ट्रेड्स की जांच की। नवंबर 2023 में गौतम अडाणी के भतीजे प्रणव अडाणी, कुणाल शाह और नृपाल शाह को शो-कॉज नोटिस जारी हुआ था।

कुणाल शाह की प्रणव की कजिन नृपाल से शादी हुई है। उन पर आरोप था कि प्रणव ने गुप्त जानकारी शेयर की और रिश्तेदारों ने उस आधार पर 17-18 मई को शेयर खरीदे। जिससे उन्हें ₹51 लाख और ₹40 लाख का प्रॉफिट हुआ था।

सेबी ने क्यों दी क्लीन चिट

सेबी के ऑर्डर में मुख्य पॉइंट यह था कि 16 मई 2021 को कुणाल का प्रणव से फोन कॉल UPSI शेयर करने के लिए नहीं था। उस दिन दोपहर में ही मीडिया में SB एनर्जी डील की रिपोर्ट्स आ चुकी थीं, इसलिए जानकारी पब्लिक हो गई थी।

ट्रेड्स उसके बाद हुए और इनका पैटर्न नॉर्मल ट्रेडिंग से मैच करता है। शेयर प्राइस का उछाल भी मीडिया रिपोर्ट्स के बाद शुरू हुआ। सेबी ने कहा कि आरोप साबित नहीं होते, इसलिए कोई डायरेक्शन या पेनाल्टी नहीं लगाई जाएगी। मामला बंद कर दिया गया है।

अलग ऑर्डर में अन्य लोगों को भी क्लीन चिट

एक अलग 63 पेज के ऑर्डर में सेबी ने विनोद बहेटी (पूर्व अडाणी ग्रुप M&A हेड), तरुण जैन, राजतरु एंटरप्राइजेस और MC जैन इन्फोसर्विसेस को भी इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों से मुक्त कर दिया। ये भी उसी SB एनर्जी डील से जुड़े ट्रेड्स पर थे। सेबी ने कोई सबूत नहीं मिलने की वजह से केस बंद किया है।

डील की बैकग्राउंड डिटेल्स

19 मई 2021 को सुबह AGEL ने स्टॉक एक्सचेंज पर अनाउंस किया कि सॉफ्टबैंक और भारती ग्रुप से SB एनर्जी के 100% शेयर खरीदने का एग्रीमेंट साइन किया है। यह रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की बड़ी डील थी।

अनाउंसमेंट के दिन शेयर 3.75% चढ़ा, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स से पहले ही मार्केट रिएक्ट कर चुका था। 18 मई को क्लोजिंग ₹1,198.75 थी, 19 मई को ₹1,243.65 पर बंद हुआ था।

सेबी के ऑर्डर की मुख्य बातें

सेबी ने ऑर्डर में लिखा, ‘नोटिसी नंबर 2 (कुणाल) और 3 (नृपाल) के ट्रेड्स जेनुइन यानी रीयल थे और कंपनी या उसके शेयरों से जुड़ी किसी UPSI से प्रभावित नहीं थे। प्रणव अडाणी को कनेक्टेड पर्सन माना गया, लेकिन UPSI कम्युनिकेट करने का कोई प्रूफ नहीं मिला।

आगे अडाणी ग्रुप पर क्या असर होगा

यह अडाणी ग्रुप के लिए हाल की दूसरी बड़ी राहत है। सितंबर 2025 में सेबी ने हिंदनबर्ग रिपोर्ट से जुड़े रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन के आरोपों से भी ग्रुप को क्लियर किया था।

अब यह इनसाइडर ट्रेडिंग केस बंद होने से रेगुलेटरी प्रेशर कम हो सकता है। AGEL के शेयरों पर पॉजिटिव इंपैक्ट दिख सकता है, क्योंकि पुरानी जांचें खत्म हो गईं हैं। कंपनी का फोकस रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर बना हुआ है।

 

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