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आईपीओ मार्केट में टूट गए सारे रेकॉर्ड, अगले साल कैसी रहेगी बाजार की चाल?

आईपीओ मार्केट में टूट गए सारे रेकॉर्ड,  अगले साल कैसी रहेगी बाजार की चाल?

Last Updated on दिसम्बर 25, 2025 11:45, पूर्वाह्न by Khushi Verma

नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में यह ऐतिहासिक साल रहा। इस साल कंपनियों ने आईपीओ के जरिए रेकॉर्ड ₹1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाए। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान आठ बड़ी कंपनियों ने ₹78,300 करोड़ रुपये जुटाए, जो आईपीओ से आई कुल रकम का लगभग 44.5% था। साल 2025 में कुल 103 कंपनियों ने मेनबोर्ड पर आईपीओ जारी किए। यह संख्या 2024 में 91 और 2023 में 57 थी।

प्राइम डेटाबेस के मुताबिक पिछले साल कंपनियों ने आईपीओ के जरिए कुल ₹1,59,784 करोड़ कमाए थे। अगर हम दस साल पहले यानी 2015 की बात करें, तो उस साल सिर्फ 21 कंपनियों ने आईपीओ जारी किए थे और ₹13,614 करोड़ ही जुटाए थे। इस साल कई बड़ी कंपनियों के आईपीओ ने बाजार में धूम मचाई। टाटा कैपिटल का आईपीओ 2025 का सबसे बड़ा IPO रहा। कंपनी ने अक्टूबर में ₹15,512 करोड़ जुटाए।

नई कंपनियों के शेयरों की मांग

इसके बाद HDB फाइनेंशियल सर्विसेज का नंबर है जिसने जून में ₹12,500 करोड़ जुटाए। LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने अक्टूबर में ₹11,605 करोड़ जुटाए। ICICI प्रूडेंशियल AMC ने दिसंबर में लिस्टिंग के जरिए ₹10,602 करोड़ जुटाए। इन चार बड़ी कंपनियों ने मिलकर ही करीब ₹50,000 करोड़ जुटाए। प्राइम डेटाबेस के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रणव हल्दिया ने बताया कि IPO में यह उछाल इसलिए आया क्योंकि बाजार स्थिर था और नई कंपनियों के शेयरों की मांग थी।

उन्होंने कहा कि डोमेस्टिक संस्थागत निवेशकों, खासकर म्यूचुअल फंड्स के पास बहुत पैसा था, क्योंकि लोग लगातार उनमें निवेश कर रहे थे। 2025 में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में ₹3.22 लाख करोड़ रुपए का नेट फ्लो आया। जब शेयर बाजार में पहले से ही ऊंचे दामों पर शेयर मिल रहे थे, तो नई कंपनियों के लिए पैसा लगाने की जगह कम थी। ऐसे में नई कंपनियों के IPO की जरूरत थी। अच्छी वैल्यूएशन (कीमत) मिलने की वजह से प्रमोटरों और कंपनियों ने IPO बाजार का रुख किया।

एसएमई सेगमेंट

दूसरी बड़ी कंपनियों के IPO को भी बाजार में अच्छा समर्थन मिला। IT सर्विस कंपनी हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज ने फरवरी में ₹8,750 करोड़ जुटाए। आईवियर रिटेलर लेंसकार्ट सॉल्यूशंस ने अक्टूबर में ₹7,278 करोड़ जुटाए। फिनटेक प्लेटफॉर्म बिलियनब्रेन गराज वेंचर्स (Groww) ने नवंबर में ₹6,632 करोड़ जुटाए। ई-कॉमर्स कंपनी मीशो ने दिसंबर में ₹5,421 करोड़ के IPO के साथ साल का अंत किया।

यह तेजी सिर्फ मेनबोर्ड तक ही सीमित नहीं रही। स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज (SME) सेगमेंट में तो और भी ज्यादा उछाल देखा गया। 2025 में 267 SME IPO आए, जबकि 2024 में 240 और 2023 में 182 आए थे। SME IPO के ज़रिए जुटाए गए फंड्स भी बढ़कर ₹11,429 करोड़ हो गए, जो पिछले साल ₹8,761 करोड़ थे। 2015 में SME प्लेटफॉर्म पर सिर्फ 43 आईपीओ आए थे और ₹260 करोड़ जुटाए गए थे।

मजबूत डोमेस्टिक लिक्विडिटी

निवेश बैंकरों का कहना है कि 2025 भारत के प्राइमरी मार्केट के लिए एक अहम पड़ाव था। इसमें जारी की गई कंपनियों की संख्या और उनकी गुणवत्ता, दोनों ही प्रभावशाली थीं। पेंटोमैथ कैपिटल के एमडी और सीईओ कामराज सिंह नेगी ने कहा कि सिर्फ IPO की संख्या ही नहीं, बल्कि बाजार में आने वाली कंपनियों की विविधता और गुणवत्ता भी खास थी। बेहतर रेगुलेटरी और बाजार ढांचे, बेहतर एग्जीक्यूशन और सही समय पर IPO लाने की वजह से रेकॉर्ड स्तर पर इश्यू हुए।

म्यूचुअल फंड्स, बीमा कंपनियों और रिटेल निवेशकों से मिली मजबूत डोमेस्टिक लिक्विडिटी ने हर साइज के इश्यू और बाजार की हर स्थिति में लगातार मांग सुनिश्चित की। निवेश बैंकरों का मानना है कि IPO की यह तेजी आगे भी जारी रहेगी। डोमेस्टिक लिक्विडिटी का लगातार मिलना और आने वाले IPO की अच्छी पाइपलाइन इसका सपोर्ट करेगी। डीएएम कैपिटल एडवाइजर्स के एमडी और सीईओ धर्मेश मेहता ने कहा कि भारत अब ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है जहां लंबी अवधि के लिए पूंजी का निर्माण होगा, जो असली विकास की जरूरतों से प्रेरित होगा, न कि सिर्फ थोड़े समय के वैल्यूएशन साइकल्स से।

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