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आज Dixon Technology और Senco Gold भर सकते हैं निवेशकों की झोली, क्यों आ सकती है तेजी?

आज Dixon Technology और Senco Gold भर सकते हैं निवेशकों की झोली, क्यों आ सकती है तेजी?

Last Updated on दिसम्बर 16, 2024 8:36, पूर्वाह्न by Pawan

नई दिल्ली: पिछले हफ्ते शेयर मार्केट में ओवरऑल तेजी रही। इस हफ्ते पहले दिन केपीआर मिल, क्रिसिल, वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड, भारती एयरटेल, भारती हेक्साकॉम, रैमको सीमेंट्स और वर्द्धमान टेक्सटाइल्स के शेयरों में तेजी दिख सकती है। दूसरी ओर फीनिक्स मिल्स, केएसबी, यूको बैंक, आर्चियन केमिकल इंडस्ट्रीज, सेल, इंडियन ओवरसीज बैंक और एरिस लाइफसाइंसेज के शेयरों में बिकवाली का दबाव है। पिछले हफ्ते शुक्रवार को 227 शेयरों अपना 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर छुआ जबकि 35 शेयर 52 हफ्ते लो पर खिसक गए। 52 हफ्ते के टॉप पर पहुंचे शेयरों में केपीआर मिल, क्रिसिल, स्वान एनर्जी, पेज इंडस्ट्रीज, इंडियन होटल्स, एचसीएल टेक और डिक्सन टेक्नोलॉजीज शामिल हैं।कॉन्ट्रैक्ट पर इलेक्ट्रॉनिक आइटम बनाने वाली कंपनी डिक्सन टेक्नोलॉजीज और वीवो ने भारत में स्मार्टफोन बनाने के लिए एक जॉइंट वेंचर बनाने की घोषणा की है। इसमें डिक्सन की मैज्योरिटी हिस्सेदारी होगी। कोलकाता की रिटेल जूलरी चेन श्रृंखला सेंको गोल्ड लिमिटेड ने 40.8 लाख इक्विटी शेयर आवंटित करके क्यूआईपी के जरिए 459 करोड़ रुपये जुटाए हैं। सेंको गोल्ड ने शुक्रवार शाम शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि कंपनी के बोर्ड की क्यूआईपी समिति ने 10 रुपये मूल्य के इक्विटी शेयरों के जारी करने और आवंटन को मंजूरी दे दी है।

कैसी रहेगी बाजार की चाल

पिछले हफ्ते घरेलू शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली थी। इस दौरान बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 623.07 अंक या 0.76 प्रतिशत चढ़ गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 90.5 अंक या 0.36 प्रतिशत के लाभ में रहा। एनालिस्ट्स का कहना है कि इस सप्ताह अमेरिकी केंद्रीय बैंक के ब्याज दर पर निर्णय, थोक महंगाई के आंकड़ों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के प्रवाह पर शेयर बाजारों की दिशा निर्भर करेगी। इसके अलावा आगे के संकेतकों के लिए निवेशक वैश्विक रुझान पर निगाह रखेंगे।

घरेलू व्यापक आर्थिक आंकड़ों की बात करें तो सोमवार को थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई के आंकड़ों पर सभी की निगाह रहेगी। फेडरल रिजर्व की मीटिंग बुधवार को होनी है। माना जा रहा है कि बैंक प्रमुख नीतिगत दर में 0.25% की कटौती कर सकता है। भविष्य में नीतिगत दर को लेकर अमेरिकी केंद्रीय बैंक की टिप्पणी भी महत्वपूर्ण होगी। विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों का प्रवाह भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतों पर भी बाजार भागीदारों की निगाह रहेगी।

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