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इस साल टायर इंडस्ट्री को मिलेगी मजबूती! रिप्लेसमेंट डिमांड से मिलेगी रफ्तार, स्टॉक्स पर रखें नजर

इस साल टायर इंडस्ट्री को मिलेगी मजबूती! रिप्लेसमेंट डिमांड से मिलेगी रफ्तार, स्टॉक्स पर रखें नजर

Last Updated on अगस्त 25, 2025 17:28, अपराह्न by Pawan

 

India Tyre Industry: भारत का टायर उद्योग चालू वित्त वर्ष में अच्छी ग्रोथ कर सकता है. इसकी वजह है कंपनियों का लगातार निवेश, बेहतर मैन्युफैक्चरिंग तकनीक और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर ज्यादा ध्यान देना.

मांग बढ़ा रही है रफ्तार

हालांकि गाड़ियों के लिए नए टायर की मांग थोड़ी कम है, लेकिन पुराने टायर बदलने की मांग काफी मजबूत बनी हुई है. उद्योग के जानकारों का कहना है कि इसी से टायर सेक्टर को अच्छी ग्रोथ मिल रही है.

 

फैक्टर्स का मिलेगा फायदा

 

विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों का सीजन आ रहा है, ब्याज दरें घट सकती हैं, मानसून अच्छा रहा है, इन सबका असर गांवों में खपत पर पड़ेगा और इसका फायदा टायर कंपनियों को मिलेगा.

कितनी होगी ग्रोथ?

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक टायर इंडस्ट्री की कमाई 7-8% बढ़ सकती है. रिप्लेसमेंट टायर्स कुल बिक्री का लगभग 50% हिस्सा हैं. इस सेगमेंट में 6-7% की ग्रोथ का अनुमान है.

क्या मिलेगा कंपनियों को फायदा?

टायर की कीमतों में मामूली बढ़त हो सकती है क्योंकि प्रीमियम टायर की मांग बढ़ रही है. कच्चे माल की लागत स्थिर है और कंपनियों की फैक्टरी क्षमता का अच्छा इस्तेमाल हो रहा है, जिससे मुनाफा स्थिर रह सकता है लगभग 13-13.5% ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन रहने का

ये हैं चुनौतियां

अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव की वजह से चीन की कंपनियां अपने टायर दूसरे देशों में भेज सकती हैं, जिससे भारत में कॉम्पटीशन बढ़ सकता है.

इंडस्ट्री का साइज

भारत में टॉप 6 टायर कंपनियां इस क्षेत्र के 85% रेवेन्यू में योगदान देती हैं. देश के कुल टायर कारोबार का करीब 75% घरेलू बिक्री से आता है, बाकी हिस्सा निर्यात से.

सेल्स ग्रोथ 5-6% रहने की संभावना

क्रिसिल रेटिंग्स के सीनियर वाइ अनुज सेठी के अनुसार, इस वित्त वर्ष में सेल्स ग्रोथ 5-6% रहने की संभावना है, जो पिछले वित्त वर्ष के समान है. रिप्लेसमेंट सेगमेंट कुल बिक्री का लगभग 50% है. इस सेगमेंट में बड़े वाहन आधार, मजबूत माल ढुलाई और ग्रामीण क्षेत्रों में सुधार के कारण 6-7% की ग्रोथ की उम्मीद है.

FY25 में टायर एक्सपोर्ट ₹25,000 करोड़ के पार

जेके टायर्स एंड इंडस्ट्रीज (JK Tyre & Industries) के एमडी अंशुमान सिंघानिया ने कहा कि भारतीय टायर इंडस्ट्री एक निर्यात-प्रधान विनिर्माण क्षेत्र बना हुआ है, जहां वित्त वर्ष 2024-25 में टायर निर्यात ₹25,000 करोड़ को पार कर गया.

उन्होंने एक विश्लेषक कॉल में कहा, वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में, घरेलू रिप्लेसमेंट डिमांड के मजबूत बने रहने के कारण, भले ही ओरिजिनल इक्विपमेंट (OE) की मांग कमजोर रहे, भारतीय टायर उद्योग में 7-8% की ग्रोथ की उम्मीद है.

इन टायर स्टॉक्स पर रखें नजर

टायर इंडस्ट्री की ग्रोथ का टायर बनाने वाली कंपनियों के शेयर पर दिखेगा. निवेशक सीएट, अपोलो टायर्स, जेके टायर इंडस्ट्री, एमआरएफ (MRF) पर नजर रख सकते हैं.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सवाल: भारत का टायर उद्योग इस साल क्यों चर्चा में है?

जवाब: टायर इंडस्ट्री में वित्त वर्ष 2025-26 में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है.

सवाल: टायर की मांग बढ़ने की वजह क्या है?

जवाब: पुराने टायर बदलने यानी रिप्लेसमेंट डिमांड बहुत मजबूत है.

सवाल: वित्त वर्ष 2025-26 में कितनी ग्रोथ हो सकती है?

जवाब: टायर इंडस्ट्री में 7-8% तक की ग्रोथ हो सकती है.

सवाल: टायर इंडस्ट्री की कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा किससे आता है?

जवाब: टायर इंडस्ट्री की लगभग 50% बिक्री रिप्लेसमेंट टायर से होती है.

सवाल: भारत से कितना टायर निर्यात होता है?

जवाब:  FY25 में ₹25,000 करोड़ से ज्यादा का टायर निर्यात किया गया है

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