Last Updated on दिसम्बर 20, 2025 15:31, अपराह्न by Pawan
चांदी की कीमत में लगातार चौथे हफ्ते तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 12 दिसंबर को एक किलो चांदी की कीमत 1,95,180 रुपए थी, जो एक हफ्ते में 4,887 रुपए बढ़कर 2,00,067 रुपए/kg पर पहुंच गई है।
इसी हफ्ते चांदी ने अपनी सबसे ऊंची कीमत का भी आंकड़ा छुआ और 18 दिसंबर को कारोबार के दौरान ₹2,01,250 पर पहुंच गई। हालांकि बाद में थोड़ी गिरावट के बाद ₹2,01,120 पर बंद हुई।
तीन हफ्तों की तेजी के बाद सोने का भाव गिरा
लगातार तीन हफ्ते चढ़ने के बाद इस हफ्ते सोने की कीमत में गिरावट रही। IBJA के अनुसार, पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी 12 दिसंबर को 1,32,710 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जो शुक्रवार (19 दिसंबर) तक 931 रुपए गिरकर 1,31,779 रुपए पर आ गया है। इस हफ्ते 15 दिसंबर को सोने ने 1,33,249 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया।

इस साल सोना ₹55,617 और चांदी ₹1,14,050 महंगी हुई
- इस साल अब तक सोने की कीमत 55,617 रुपए (73.02%) बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो अब 1,31,779 रुपए हो गया है।
- चांदी का भाव भी इस दौरान 1,14,050 रुपए (132.59%) बढ़ गया है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जो अब 2,00,067 रुपए प्रति किलो हो गई है।
आपके शहर में सोना-चांदी किस भाव में मिल रहा है, ये भी देख लीजिए…

अलग-अलग शहरों में रेट्स अलग क्यों होते हैं?
IBJA की सोने की कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज, ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होता। इसलिए शहरों के रेट्स इससे अलग होते हैं। इन रेट्स का इस्तेमाल RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के रेट तय करने के लिए करता है। कई बैंक गोल्ड लोन के रेट तय करने के लिए इसे इस्तेमाल करते हैं।
गोल्ड में तेजी के 3 प्रमुख कारण
- डॉलर कमजोर – अमेरिका के ब्याज दर घटाने से डॉलर कमजोर हुआ और सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हुई, इससे लोग खरीदने लगे।
- जियोपॉलिटिकल – रूस-यूक्रेन जंग और दुनिया में तनाव बढ़ने से निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानकर खरीद रहे हैं।
- रिजर्व बैंक – चीन जैसे देश अपने रिजर्व बैंक में सोना भर रहे हैं, ये सालभर में 900 टन से ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं, इसलिए दाम ऊपर जा रहे हैं।
चांदी में तेजी के 3 प्रमुख कारण
- इंडस्ट्रियल डिमांड – सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV में भारी इस्तेमाल, चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी नहीं, जरूरी कच्चा माल बन गई है।
- ट्रंप का टैरिफ डर – अमेरिकी कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, ग्लोबल सप्लाई में कमी से कीमतें ऊपर चढ़ीं।
- मैन्युफैक्चरर होड़ में – प्रोडक्शन रुकने के डर से सभी पहले से खरीद रहे हैं, इसी वजह से आने वाले महीनों में भी तेजी बनी रहेगी।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान
- सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।
- कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

