Last Updated on दिसम्बर 14, 2025 13:30, अपराह्न by Pawan
मोतीलाल ओसवाल की हाल में आई एक स्टडी के मुताबिक 2020 से 2025 के दौरान पांच साल का समय तीन दशक के इतिहास में सबसे ज्यादा पैसा बनाने वाला साबित हुआ है। इस दौरान देश की टॉप 100 वेल्थ क्रिएटर्स कंपनियों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। इन कंपनियों ने 38% की सालाना चक्रवृद्धि वृद्धि दर (CAGR) हासिल की जो सेंसेक्स के 21% CAGR से कहीं ज्यादा है। जानिए किन शेयरों ने किया निवेशकों को मालामाल और किन शेयरों ने बर्बाद…स्टडी के मुताबिक वेल्थ क्रिएशन की होड़ में भारती एयरटेल सबसे आगे रही। इसने पांच साल में अपने बाजार मूल्य में 7.9 लाख करोड़ रुपये जोड़े। इसके बाद आईसीआईसीआई बैंक का नंबर है जिसकी मार्केट वैल्यू 5 साल में 7.4 लाख करोड़ रुपये बढ़ी। इस दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) खुद ही सबसे तेज धन सृजन करने वाला बन गया। 2020 से 2025 के बीच इसने सालाना 124% का रिटर्न दिया। ऑल राउंड परफॉरमेंस में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की धूम रही जिसने 75% सीएजीआर के साथ रिटर्न दिया
सबसे ज्यादा नुकसान
दूसरी ओर सबसे ज्यादा पैसा डुबाने वाले शेयरों में टॉप 10 शेयरों की हिस्सेदारी 82% रही। इस लिस्ट में बंधन बैंक, वोडाफोन आइडिया, जी एंटरटेनमेंट, पीवीआर आईनॉक्स और फ्यूचर कंज्यूमर जैसे जाने-माने शेयर शामिल हैं। राजेश एक्सपोर्ट्स और व्हर्लपूल इंडिया ने निवेशकों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। इन दोनों शेयरों ने मिलकर पांच साल में निवेशकों का ₹10,000 करोड़ से ज्यादा पैसा डुबो दिया। राजेश एक्सपोर्ट्स का शेयर पिछले 5 साल में 60% गिर गया। यानी हर साल औसतन 19% का नुकसान हुआ है।
इसी तरह व्हर्लपूल इंडिया के शेयरों में 5 साल में 56% गिरावट आई है यानी हर साल औसतन 11% का नुकसान हुआ है। बंधन बैंक के शेयर भी पीछे नहीं रहे। इनके शेयरों में कुल मिलाकर 6% का सालाना नुकसान हुआ, जिससे निवेशकों का ₹8400 करोड़ डूब गया। कर्ज में डूबी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया के शेयरों ने निवेशकों को पांच साल में ₹7100 करोड़ का फटका दिया है। यह तब हुआ है जब पिछले छह महीनों में ही इसके शेयर 50% से ज्यादा बढ़े हैं। यह लिस्ट में अकेला ऐसा शेयर है जिसका सालाना रिटर्न (CAGR) 17% पॉजिटिव रहा है।
कंज्यूमर और रिटेल
धानी सर्विसेज इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर रहा। उसने सालाना -12% के रिटर्न के साथ निवेशकों का ₹4400 करोड़ का नुकसान कराया। इसी तरह रिलैक्सो फुटवियर, पीवीआर आईनॉक्स, स्पंदन स्फूर्ति, जी एंटरटेनमेंट और फ्यूचर कंज्यूमर शामिल हैं। इन्होंने कुल मिलाकर निवेशकों के ₹14,100 करोड़ का फटका लगाया। सबसे ज्यादा नुकसान वाले सेक्टरों में कंज्यूमर और रिटेल सबसे ऊपर रहे। इन्होंने निवेशकों को ₹29600 करोड़ का नुकसान कराया, जो कुल नुकसान का 44% है। इसके बाद फाइनेंशियल और टेलीकॉम सेक्टर का नंबर है