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कमजोर बाजार में इस सिगरेट बनाने वाली कंपनी ने 2 दिन में दिया 44% का जबरदस्त रिटर्न

कमजोर बाजार में इस सिगरेट बनाने वाली कंपनी ने 2 दिन में दिया 44% का जबरदस्त रिटर्न

Last Updated on फ़रवरी 18, 2025 8:15, पूर्वाह्न by Pawan

 

गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। सोमवार को बीएसई पर यह 20% बढ़कर ₹7,170 के दो महीने के हाई पर पहुंच गए। कंपनी के तिमाही नतीजे आने के बाद शुक्रवार को भी तेजी जारी रही। दिसंबर तिमाही (Q3FY25) में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 48.7% बढ़कर ₹315.9 करोड़ हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹212.40 करोड़ था।

कंपनी का शुद्ध राजस्व 27.3% बढ़कर ₹1,591.2 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह ₹1,249.6 करोड़ था। मुनाफे में सुधार के साथ EBITDA भी 57.6% बढ़कर ₹358.8 करोड़ हो गया और EBITDA मार्जिन 7.5% से बढ़कर 9.1% पर पहुंच गया। बीते दो दिनों में कंपनी के शेयरों में 44% की तेजी आई है, जबकि 28 जनवरी 2025 से अब तक इसमें 74% का उछाल देखा गया है। पिछले साल 16 सितंबर को स्टॉक ₹8,480 के 52-सप्ताह के हाई पर था।

शुक्रवार को सुबह 11:26 बजे, गॉडफ्रे फिलिप्स का शेयर 17% बढ़कर ₹7,001.80 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि बीएसई सेंसेक्स में 0.40% की गिरावट थी। कंपनी के सिगरेट ब्रांड्स में फोर स्क्वेयर, रेड एंड व्हाइट, कैवेंडर्स, स्टेलर, फोकस और ओरिजिनल्स इंटरनेशनल शामिल हैं। इसके अलावा, गॉडफ्रे फिलिप्स भारत में मार्लबोरो ब्रांड का निर्माण और वितरण भी करती है। कंपनी की कन्फेक्शनरी श्रेणी में फंडा ब्रांड शामिल है, और यह अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए विशेष उत्पाद भी बनाती है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के पहले 9 महीनों (अप्रैल-दिसंबर) में घरेलू सिगरेट बिक्री में मजबूती दर्ज की है। इसके अलावा, ₹1,411 करोड़ के बिना तैयार तंबाकू के निर्यात से भी कंपनी को फायदा हुआ है। सरकार की नीतियां और कर व्यवस्था तंबाकू उद्योग को सीधे प्रभावित करती हैं। अधिक करों का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना और राजस्व जुटाना होता है, लेकिन इससे अवैध तंबाकू व्यापार भी बढ़ सकता है। हाल के वर्षों में प्रीमियम सिगरेट सेगमेंट में अवैध व्यापार तेजी से बढ़ा था, जिससे कानूनी उद्योग को नुकसान हुआ।

हालांकि, सरकार ने अवैध सिगरेट बिक्री पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। साथ ही, सिगरेट की कीमतों में कम वृद्धि के चलते कंपनियों को बेहतर वॉल्यूम ग्रोथ मिल सकती है। मिराए एसेट शेयरखान का मानना है कि इन बदलावों से संगठित सिगरेट उद्योग को मजबूती मिलेगी और भविष्य में ग्रोथ की संभावना बनी रहेगी।

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