Last Updated on दिसम्बर 28, 2025 9:47, पूर्वाह्न by Khushi Verma
Zepto IPO: नए जमाने की कंपनी जेप्टो का आईपीओ जल्दी ही आ सकता है। जी हां, इस क्विक कॉमर्स कंपनी ने आईपीओ से जुड़े कागजात सेबी के पास गोपनीय तरीके से जमा करा दिए हैं। इसका आईपीओ अगले साल बाजार में आ सकता है।
नया फंड जुटाना चाहती है कंपनी
आदित पालिचा (Aadit Palicha) के नेतृत्व वाली यह कंपनी लगभग 11,000 करोड़ रुपये का नया फंड जुटाना चाहती है। बाकी रकम शुरुआती निवेशकों को मिलेगी जो इस आईपीओ के जरिए अपने शेयर बेचेंगे। यह खबर भी ईटी (ET) ने बीते 25 दिसंबर को दी थी। बाजार नियामक के पास गोपनीय फाइलिंग करने का यह तरीका जेप्टो को अपना IPO साइज अंतिम रूप से इश्यू लॉन्च करने से पहले संशोधित करने की अनुमति देगा। इसी रास्ते को स्विगी, मीशो और ग्रो जैसे अन्य स्टार्टअप्स ने भी अपनाया था। इस बारे में ईटी ने जेप्टो से प्रतिक्रिया मांगी थी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक वहां से कोई जवाब नहीं आया है।
कितनी पुरानी है कंपनी
जेप्टो महज चार साल पुरानी कंपनी है। यह पब्लिक होने वाली सबसे युवा, नए जमाने की वेंचर कैपिटल-समर्थित कंपनी होगी। इसे 23 दिसंबर को हुई एक असाधारण आम बैठक (EGM) में इसके शेयरधारकों से IPO के लिए हरी झंडी मिल गई थी। इससे पहले, ओला इलेक्ट्रिक और होनसा कंज्यूमर जैसी स्टार्टअप्स को शामिल होने के छह-सात साल बाद पब्लिक होने का मौका मिला था। साल 2025 में एक मजबूत IPO सीजन तो रहा ही। ऐसे संकेत हैं कि अगला साल भी आईपीओ के लिए शानदार रहेगा। इस समय फोनपे, फ्लिपकार्ट, शैडोफैक्स, शिपरोकेट और क्योरफूड्स सहित कई अन्य नए-जमाने की कंपनियां पब्लिक होने की कतार में हैं।
कौन हैं बैंकर
मॉर्गन स्टेनली, एक्सिस कैपिटल, एचएसबीसी, गोल्डमैन सैक्स, जेएम फाइनेंशियल, आईआईएफएल सिक्योरिटीज और मोतीलाल ओसवाल जेप्टो के इश्यू के लिए बैंकर हैं। क्विक कॉमर्स फर्म ने जनवरी में अपना बेस सिंगापुर से वापस भारत स्थानांतरित कर लिया था। बीते अक्टूबर में, ज़ेपटो ने 7 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर प्राइमरी और सेकेंडरी लेनदेन के मिश्रण में 450 मिलियन डॉलर का राउंड बंद किया था। बेंगलुरु मुख्यालय वाली कंपनी जेप्टो, स्विगी और ज़ोमैटो की मूल कंपनी इटर्नल जैसे दिग्गजों से प्रतिस्पर्धा करती है। ये कंपनियां पहले से ही लिस्टेड हैं। कंपनी 2026 की जुलाई-सितंबर तिमाही में लिस्टिंग की योजना बना रही है।