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टैक्स डिमांड विवाद मामले में हिंदुस्तान यूनिलीवर ने चुकाए 192.55 करोड़ रुपये

हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने 2 दिसंबर को बताया कि कंपनी ने इनकम टैक्स असेसिंग ऑफिसर के निर्देश का पालन करते हुए 192.55 करोड़ रुपये चुकाए हैं। यह रकम कुल बकाया डिमांड (962.75 करोड़ रुपये) का 20 पर्सेंट है। टैक्स का यह मामला जीएसटी ग्रुप की इकाइयों से इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स हासिल करने के मामले में 3,045 करोड़ रुपये के भुगतान से जुड़े टीडीएस का है।

हिंदुस्तान यूनिलीवर ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया, ‘कंपनी ने जरूरी निर्देशों का पालन करते हुए 28 नवंबर 2024 को 192.55 करोड़ रुपये का भुगतान किया। यह भुगतान संबंधित सेल-परचेज एग्रीमेंट के मुताबिक क्षतिपूर्ति क्लेम के तहत मिली राशि के सिलसिले में की गई। लिहाजा, इस समय इसको लेकर कोई वित्तीय जटिलता नहीं है।’

गौरतलब है कि हिंदुस्तान यूनिलीवर को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से 962.75 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस मिला था, जिसमें 329.3 करोड़ रुपये का ब्याज भी शामिल है। यह नोटिस TDS के नॉन -डिडक्शन के मामले में दी गई थी। टैक्स डिमांड GSK ग्रुप की इकाइयों से इंडिया HFD IPR के अधिग्रहण से जुड़े भुगतान के लिए 3,045 करोड़ रुपये की रेमिटेंस चुकाते समय TDS का भुगतान नहीं करने पर भेजी गई थी। 2018 में हिंदूस्तान यूनिलिवर्स ने जीएसके से 3,045 करोड़ रुपये में हॉर्लिक्स ब्रांड का अधिग्रहण किया था। इसमें भारत, बांग्लादेश और 20 से अधिक देश शामिल है। इस अधिग्रहण के जरिए बूस्ट, माल्टोवा और वीवा जैसे अन्य GSKCH ब्रांड भी एचयूएल के पोर्टफोलियो में शामिल हो गए थे।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में 2 दिसंबर को हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर 0.69 पर्सेंट की गिरावट के साथ 2,479 रुपये पर बंद हुआ।

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