Last Updated on अक्टूबर 10, 2024 12:18, अपराह्न by Pawan
Defence Stocks: डिफेंस कंपनियों के शेयरों में आज 10 अक्टूबर को बड़ी तेजी देखने को मिली। हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयर शुरुआती कारोबार में 4 प्रतिशत तक उछल गए। यह तेजी इस खबर के बाद आई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट सुरक्षा समिति (CCS) ने लगभग 80,000 करोड़ रुपये के रक्षा सौदों को मंजूरी दी है। इन सौदों में अमेरिका से 31 प्रिडेटर ड्रोन की खरीद और विशाखापत्तनम के शिप बिल्डिंग सेंटर में दो परमाणु-संचालित पनडुब्बियों को बनाने का प्रस्ताव शामिल है।
31 प्रिडेटर ड्रोन खरीदने की मंजूरी
कैबिनेट सुरक्षा समिति ने अमेरिका से 31 प्रिडेटर ड्रोन खरीदने के सौदे को मंजूरी दी है। इस सौदे के तहत भारत को 31 हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस (HALE) ड्रोन (UAVs) मिलेंगे। इनमें से 15 ‘सीगार्जियन’ ड्रोन भारतीय नौसेना को मिलेंगे, जबकि आर्मी और भारतीय वायुसेना को 8-8 ‘स्काइगार्जियन’ ड्रोन मिलेंगे। इस सौदे का मुख्य उद्देश्य भारत की समुद्री निगरानी और सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाना है, खासकर चीन के साथ लगने वाली वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर।
नौसेना को मिलेंगी 2 परमाणु-संचालित पनडुब्बिया
दूसरा बड़ा सौदा विशाखापत्तनम में दो परमाणु-संचालित हमलावर पनडुब्बियों के निर्माण को लेकर है। यह परियोजना लगभग 45,000 करोड़ रुपये की होगी, जो भारतीय नौसेना की निगरानी क्षमताओं को बढ़ाएगी। इन पनडुब्बियों का उद्देश्य हिंद महासागर में भारत की क्षमताओं को मजबूत करना है।
बताया जा रहा है कि दो नई परमाणु पनडुब्बियों के निर्माण में लार्सन एंड टुब्रो (L&T) जैसी प्राइवेट क्षेत्र की कंपनियों की प्रमुख भागीदारी होगी। वहीं एमक्यू-9बी ‘हंटर किलर’ ड्रोन को अमेरिकी की दिग्गज डिफेंस कंपनी जनरल एटॉमिक्स से विदेशी सैन्य बिक्री मार्ग के तहत करीब 3.1 बिलियन डॉलर की कुल लागत से खरीदा जा रहा है।
इस डील को 31 अक्टूबर से पहले मंजूरी मिलनी थी क्योंकि अमेरिकी प्रस्ताव की वैधता उसी समय तक थी और अब इस पर अगले कुछ दिनों में हस्ताक्षर हो सकता है। प्रस्तावित मेगा ड्रोन डील की घोषणा जून 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिकी दौरे के दौरान की गई थी।
डिफेंस शेयरों में तेजी
आज सुबह 9:47 बजे तक, HAL, BDL, BEL, तनेजा एरोस्पेस एंड एविएशन लिमिटेड, पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज, हाई एनर्जी बैटरीज और कोचिन शिपयार्ड सहित कई डिफेंस कंपनियों के स्टॉक्स 4 प्रतिशत तक बढ़ गए थे।
भारत अपनी सशस्त्र बलों की निगरानी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए लंबे समय तक चलने वाले ‘हंटर-किलर’ ड्रोन खरीद रहा है। खास तौर से चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर इन ड्रोन को तैान किया जाएगा। तीनों सेनाओं के लिए सी गार्डियन ड्रोन खरीदे जा रहे हैं क्योंकि वे समुद्री निगरानी, पनडुब्बी रोधी युद्ध और क्षितिज से ऊपर लक्ष्य को निशाना साधने सहित कई तरह की भूमिकाएं निभा सकते हैं।