Last Updated on दिसम्बर 31, 2025 8:19, पूर्वाह्न by Khushi Verma
नए साल में सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारियों की सैलरी और रिटायर्ड लोगों की पेंशन बढ़ सकती है। वहीं 1 जनवरी से CNG और घरेलू PNG के दाम 2 से 3 रुपए तक कम हो जाएंगे। हालांकि कई बचत योजनाओं पर ब्याज भी घट सकता है। इसके अलावा ₹12 लाख की कमाई टैक्स फ्री हो जाएगी। 2026 में होने वाले 7 बड़े बदलाव…
1. 8वें वेतन आयोग से बढ़ सकती है सैलरी केंद्र सरकार ने 8वां वेतन आयोग लागू करने का ऐलान किया है। अभी टाइमलाइन नहीं बताई गई है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है यह जनवरी 2026 से लागू हो सकता है।
सरकार का कहना है कि इसका मकसद केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और अलाउंस को रिवाइज करना है। इससे कर्मचारियों को मिलने वाली रकम बढ़ेगी।
मान लीजिए 7वें वेतन आयोग के हिसाब अभी आपकी बेसिक सैलरी 35,400 रुपए है तो इसमें DA और HRA के बाद ये करीब 65,500 रुपए हो जाती है। वहीं 8वें वेतन आयोग के बाद ये 1 लाख 10 हजार के पार हो सकती है।

फिटमेंट फैक्टर क्या है: ये एक मल्टीप्लायर नंबर है, जिसे मौजूदा बेसिक सैलरी से गुणा करके नई बेसिक सैलरी निकाली जाती है। वेतन आयोग इसे महंगाई और लिविंग कॉस्ट को ध्यान में रखकर तय करता है।
2. CNG और घरेलू PNG सस्ती होंगी पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) ने 1 जनवरी 2026 से गैस ट्रांसपोर्टेशन चार्ज को कम किया है। इसके बाद देश के अलग-अलग राज्यों में CNG और घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की कीमतें ₹2-3 प्रति यूनिट तक घट जाएंगी।

3. ITR के नए स्लैब से पैसा बचेगा
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए न्यू टैक्स रिजीम के तहत ITR फाइल करने पर अब 12 लाख रुपए तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए 75 हजार के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ छूट ₹12.75 लाख हो जाएगी। पहले ये लिमिट 7 लाख रुपए थी।
टैक्स एक्सपर्ट चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) आनंद जैन (इंदौर) के अनुसार अब जिनकी सालाना इनकम 12 लाख रुपए तक है, उनका 60 हजार रुपए टैक्स बचेगा। वहीं 10 लाख रुपए की इनकम वालों के 40 हजार रुपए बच जाएंगे।
उसके अलावा जिनकी सालाना इनकम ₹20 से ₹24 लाख तक है, न्यू रिजीम में उनके लिए 25% टैक्स का नया स्लैब शामिल किया गया है। इससे पहले ₹15 लाख से ऊपर की आय पर 30% टैक्स देना होता था। इससे मध्यम और उच्च-मध्यम वर्ग को टैक्स में बचत होगी।

4. स्मॉल सेविंग स्कीम्स के ब्याज में कटौती
इस महीने के आखिर यानी 31 दिसंबर तक स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरों में कटौती का ऐलान हो सकता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने रेपो रेट 25 बेसिस पॉइंट घटाकर 5.25% कर दिया है। ऐसे में सरकारी बचत योजनाओं की दरें भी कम होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

5. कारें 2-3% तक महंगी हो सकती हैं
मारुति, टाटा, MG और हुंडई जैसी कंपनियों की गाड़ियां 1 जनवरी से महंगी हो सकती हैं। MG ने दाम बढ़ाने की घोषणा भी कर दी है, वहीं बाकी कंपनियां भी जल्द ही इसकी घोषणा कर सकती हैं।
इनपुट कॉस्ट बढ़ने से MG मोटर ने कारों की कीमत 2% तक बढ़ाई है। इससे MG हेक्टर 38 हजार रुपए महंगी मिलेगी। MG के अलावा लग्जरी सेगमेंट में मर्सिडीज और BMW ने 2-3% तक कीमत बढ़ाने का ऐलान किया है।

6. 12 जनवरी से दिन में रेलवे रिजर्वेशन के लिए आधार जरूरी 12 जनवरी से ऐसे यूजर्स जिनका अपना IRCTC अकाउंट आधार से लिंक नहीं है, वो सुबह 8 से रात 12 बजे तक टिकट बुक नहीं कर सकेंगे। ये नियम केवल रिजर्व टिकट बुकिंग खुलने के पहले दिन के लिए हैं।
रिजर्वेशन के लिए ट्रेन डिपार्चर की तारीख से 60 दिन पहले खुलती है। जिस दिन ये बुकिंग खुलती है इसे ही पहला दिन माना जाता है। इसका मकसद ओपनिंग डे पर ज्यादा से ज्यादा पैसेंजर्स को ऑनलाइन टिकट बुक करने का मौका देना है और फर्जी अकाउंट्स के जरिए होने वाली बुकिंग को रोकना है।

7. नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होगा
1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू होगा। यह 1961 के पुराने कानून की जगह लेगा। सरकार का कहना है कि नया बिल टैक्स कानूनों को आसान बनाएगा। इससे टैक्स रेट में कोई बदलाव नहीं होगा।
नए इनकम टैक्स बिल की 4 बड़ी बातें…
- इनकम टैक्स बिल में असेसमेंट ईयर को टैक्स ‘ईयर’ से रिप्लेस किया गया है। बिल के पन्ने 823 से घटकर 622 रह गए हैं। हालांकि चैप्टर्स की संख्या 23 ही है। सेक्शन 298 से बढ़ाकर 536 कर दिए गए हैं और शेड्यूल्स भी 14 से बढ़कर 16 हो गए हैं।
- क्रिप्टो एसेट्स को अनडिस्क्लोज्ड इनकम के तहत गिना जाएगा, जैसे अभी नगदी, बुलियन और ज्वेलरी को शामिल किया जाता है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि डिजिटल ट्रांजैक्शन को भी पारदर्शी और कानूनी तरीके से कंट्रोल किया जा सके।
- बिल में टैक्सपेयर्स चार्टर को शामिल किया गया है, जो टैक्स पेयर्स के अधिकारों को प्रोटेक्ट करेगा और टैक्स प्रशासन को ज्यादा ट्रांसपेरेंट बनाएगा। यह चार्टर टैक्सपेयर्स के हितों की रक्षा करने के साथ टैक्स अधिकारियों के अधिकारों और जिम्मेदारियों को भी साफ करेगा।
- सैलरी से संबंधित कटौतियां, जैसे कि स्टैंडर्ड डिडक्शन, ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट को अब एक ही जगह पर लिस्ट कर दिया गया है। पुराने कानून में मौजूद मुश्किल एक्सप्लेनेशन और प्रावधानों को हटा दिया गया है, जिससे टैक्सपेयर्स के लिए इसे समझना आसान होगा।
आम आदमी को क्या फायदा होगा?
- कानून आसान भाषा में है, इसलिए खुद समझना और ITR भरना आसान होगा।
- फेसलेस असेसमेंट और डिजिटल प्रोसेस से परेशानी कम, भ्रष्टाचार की गुंजाइश घटी।
- रिफंड तेजी से मिलेगा, कुछ डिडक्शन (जैसे पेंशन, हाउस प्रॉपर्टी) स्पष्ट हुए।
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शराब पीने में हमें तो बहुत मजा आता है, लेकिन क्या हमारे शरीर को भी इतना ही मजा आता है। हार्ट, लिवर, किडनी, ब्रेन, अगर ये सब बोल पाते तो हमसे क्या कहते? हर साल की तरह इस बार भी नए साल के जश्न में जाम–से–जाम टकराएंगे। लेकिन जरा ठहरिए! बोतल खोलने से पहले इनकी तो सुन लीजिए। ये कोई और नहीं, आपके ही ब्रेन, हार्ट, लिवर हैं, जो अपनी कहानी सुना रहे हैं