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नवंबर में इंडस्ट्रियल ग्रोथ 6.7% रही: 2 साल के उच्चतम स्तर पर; मैन्युफैक्चरिंग और माइनिंग सेक्टर के अच्छे परफॉर्मेंस के कारण तेजी

नवंबर में इंडस्ट्रियल ग्रोथ 6.7% रही:  2 साल के उच्चतम स्तर पर; मैन्युफैक्चरिंग और माइनिंग सेक्टर के अच्छे परफॉर्मेंस के कारण तेजी

Last Updated on दिसम्बर 30, 2025 1:08, पूर्वाह्न by Pawan

 

नवंबर में इंडस्ट्रियल ग्रोथ 2 साल के उच्चतम स्तर पर आ गई है। इस महीने प्रोडक्शन ग्रोथ 6.7% दर्ज की गई है। पिछले महीने अक्टूबर में ये 0.4% पर थी। मैन्युफैक्चरिंग और माइनिंग सेक्टर के अच्छे परफॉर्मेंस के कारण तेज इंडस्ट्रियल ग्रोथ हुई है। मैन्युफैक्चरिंग का IIP में तीन-चौथाई से ज्यादा का योगदान है।

 

नवंबर में भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का आउटपुट 8% रहा, जबकि पिछले साल इसी महीने में ये 5.5% था। वहीं माइनिंग सेक्टर के उत्पादन में नवंबर में 5.4% की ग्रोथ देखी गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 1.9% थी। इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर में -1.5% की ग्रोथ हुई। पिछले साल नवंबर में इसमें 4.4% की ग्रोथ दर्ज की गई थी।

अक्टूबर की तुलना में नवंबर में सेक्टर वाइज इंडस्ट्रियल ग्रोथ:

  • मैन्युफैक्चरिंग: अक्टूबर में 5.5% पर थी जो नवंबर में 8% पर आ गई।
  • माइनिंग: अक्टूबर में ये 1.9% पर थी जो नवंबर में 5.4% पर आ गई।
  • इलेक्ट्रिसिटी: अक्टूबर में 4.4% पर थी जो नवंबर में -1.5% पर आ गई।
  • प्राइमरी गुड्स: अक्टूबर में -0.6% पर थी जो नवंबर में 2.0% पर आ गई।
  • कैपिटल गुड्स: अक्टूबर में 2.1% पर थी जो नवंबर में 10.4% पर आ गई।
  • इंटरमीडिएट गुड्स: अक्टूबर में 2.5% पर थी जो नवंबर में बढ़कर 7.3% पर आ गई।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गुड्स: अक्टूबर में 7.1% पर थी जो नवंबर में बढ़कर 12.1% पर आ गई।
  • कंज्यूमर ड्यूरेबल गुड्स: अक्टूबर में -1.3% पर थी जो नवंबर में बढ़कर 10.3% पर आ गई।
  • कंज्यूमर नॉन ड्यूरेबल गुड्स: अक्टूबरमें -5.2% हो गई थी जो नवंबर में 7.3% पर आ गई।

इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) क्या है?

जैसा कि नाम से ही जाहिर है, उद्योगों के उत्पादन के आंकड़े को औद्योगिक उत्पादन कहते हैं। इसमें तीन बड़े सेक्टर शामिल किए जाते हैं। पहला है- मैन्युफैक्चरिंग, यानी उद्योगों में जो बनता है, जैसे गाड़ी, कपड़ा, स्टील, सीमेंट जैसी चीजें।

दूसरा है- खनन, जिससे मिलता है कोयला और खनिज। तीसरा है- यूटिलिटिज यानी जन सामान्य के लिए इस्तेमाल होने वाली चीजें। जैसे- सड़कें, बांध और पुल। ये सब मिलकर जितना भी प्रॉडक्शन करते हैं, उसे औद्योगिक उत्पादन कहते हैं।

इसे नापा कैसे जाता है?

IIP औद्योगिक उत्पादन को नापने की इकाई है- इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन। इसके लिए 2011-12 का आधार वर्ष तय किया गया है। यानी 2011-12 के मुकाबले अभी उद्योगों के उत्पादन में जितनी तेजी या कमी होती है, उसे IIP कहा जाता है।

इस पूरे IIP का 77.63% हिस्सा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से आता है। इसके अलावा बिजली, स्टील, रिफाइनरी, कच्चा तेल, कोयला, सीमेंट, प्राकृतिक गैस और फर्टिलाइजर- इन आठ बड़े उद्योगों के उत्पादन का सीधा असर IIP पर दिखता है।

 

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