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बाप रे! 1 दिन में 66,92,535% की छलांग, इस शेयर ने सारे रिकॉर्ड तोड़ रच दिया इतिहास

Last Updated on अक्टूबर 30, 2024 12:10, अपराह्न by

नई दिल्‍ली: एलसिड इन्‍वेस्‍टमेंट्स (Elcid Investments) नाम के स्‍मॉलकैप शेयर ने शेयर बाजार में इतिहास रच दिया है। कंपनी के शेयर का दाम सिर्फ 3.53 रुपये से बढ़कर 2,36,250 रुपये हो गया। यह एक दिन में 66,92,535% की बढ़ोतरी है। इसके पहले यह कभी नहीं देखा गया। Elcid अब भारत का सबसे महंगा शेयर बन गया है। इसने MRF के 1.2 लाख रुपये के भाव को भी पीछे छोड़ दिया है।भारतीय शेयर बाजार में ऐसी तेजी पहले कभी नहीं देखी गई। यह 2021 के क्रिप्टो उन्माद की याद दिलाता है, जब कुछ ही दिनों में कई क्रिप्टोकरेंसी के दाम आसमान छू गए थे। हालांकि, Elcid का मामला निवेशकों के उन्माद का नहीं है। अलबत्‍ता, सोमवार को BSE और NSE की ओर से आयोजित एक विशेष नीलामी का नतीजा है। यह नीलामी निवेश होल्डिंग कंपनियों में मूल्य की खोज के लिए की गई थी।

बुक वैल्‍यू थी 5,85,225 रुपये

SAMCO Securities के अनुसार, 2011 से Elcid का शेयर सिर्फ 3 रुपये पर बिक रहा था। लेकिन, उसकी बुक वैल्यू 5,85,225 रुपये थी। इस बड़े अंतर के कारण मौजूदा शेयरधारक बेचने को तैयार नहीं थे। इसके चलते 2011 से कोई ट्रेडिंग नहीं हुई थी।

होल्डिंग कंपनियों के मौजूदा बाजार मूल्य और बुक वैल्यू के बीच के अंतर को कम करने के लिए सेबी ने शेयर बाजारों को उन होल्डिंग कंपनियों के लिए एक विशेष नीलामी सत्र आयोजित करने को कहा था, जिनके शेयर उनके बुक वैल्यू की तुलना में बहुत कम कीमत पर कारोबार कर रहे थे।

Elcid के शेयर में भी शायद ही कोई कारोबार हुआ हो। इस विशेष सत्र के कारण शेयर का सही मूल्य निर्धारित हुआ। इसके चलते 67 लाख फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जो अब तक का सबसे बड़ा एक दिन का लाभ है।

Asian Paints में 1.28% हिस्सेदारी

Elcid Investments की Asian Paints में 1.28% हिस्सेदारी है। इसका मूल्य 3,616 करोड़ रुपये है। यह Elcid के कुल मार्केट कैप का 80% है। 2.3 लाख रुपये प्रति शेयर पर भी Elcid सिर्फ 0.38 के प्राइस-टू-बुक मल्टीपल पर कारोबार करता है।

सिर्फ 4,725 करोड़ रुपये के मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ Elcid अब भारत का सबसे महंगा शेयर (2.36 लाख रुपये प्रति शेयर) है। अब तक, MRF ही भारत का एकमात्र ऐसा शेयर था, जिसका प्रति शेयर मूल्य 1 लाख रुपये से अधिक था। निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि शेयर की कीमत और वैल्यूएशन अलग-अलग अवधारणाएं हैं। ऊंचे शेयर मूल्य का मतलब महंगा होना नहीं है, ठीक उसी तरह जैसे कम शेयर मूल्य का मतलब सीधे तौर पर सस्ता होना नहीं है।

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