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ब्लूचिप शेयरों के लिए कैसा रहा साल 2025? किन शेयरों ने रुलाया, किसने किया मालामाल? जानें

ब्लूचिप शेयरों के लिए कैसा रहा साल 2025?  किन शेयरों ने रुलाया, किसने किया मालामाल? जानें

Last Updated on दिसम्बर 31, 2025 18:11, अपराह्न by Pawan

Stock Market 2025: अगर आप सोचते हैं कि सेंसेक्स-निफ्टी के चढ़ने पर सबने पैसा कमाया, तो जरा रुकिए। क्योंकि इस साल शेयर बाजार ने एक बहुत कड़वा लेकिन जरूरी सच सिखाया है। सेंसेक्स और निफ्टी ने भले ही 9–10% का रिटर्न दिया हो, लेकिन इसके पीछे छिपी कहानी बिल्कुल अलग है। कुछ शेयरों ने निवेशकों को मालामाल किया, तो कुछ बड़े नामों ने कई सालों का भरोसा तोड़ दिया। IT, रियल्टी और मीडिया जैसे सेक्टर फिसले, जबकि ऑटो, मेटल और PSU बैंक चमके। आइए जानते हैं कि 2025 में लार्जकैप और ब्लूचिप ने असल में कैसा प्रदर्शन किया? कौन बना हीरो, कौन रहा जीरो और निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सबक क्या रहा?

साल 2025 में अगर हम लार्जकैप इंडेक्सों की बात करें, तो सेंसेक्स ने करीब 9 फीसदी और निफ्टी ने लगभग 10.5 फीसदी का रिटर्न दिया। ये आंकड़े दिखने में ठीक लग सकते हैं, लेकिन जब हम एशियाई और ग्लोबल मार्केट्स से तुलना करते हैं, तो भारतीय बाजार थोड़ा पीछे नजर आता है। यही नहीं, इस साल बाजार में उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा रहा और सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस में बड़ा फर्क देखने को मिला।

आईटी, रियल्टी और मीडिया जैसे सेक्टर 2025 में सबसे ज्यादा दबाव में रहे। इन सेक्टर्स के इंडेक्स में 12 से 20 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। खासकर आईटी सेक्टर को अमेरिका और यूरोप से कमजोर डिमांड, क्लाइंट्स के खर्च में कटौती और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का सामना करना पड़ा।

लेकिन दूसरी तरफ तस्वीर का दूसरा पहलू भी उतना ही दिलचस्प है। 2025 में पीएसयू बैंक, मेटल और ऑटो सेक्टर बाजार के सुपरस्टार साबित हुए। इन सेक्टर्स ने 23 से 30 फीसदी तक का शानदार रिटर्न दिया। यानी जिसने सही सेक्टर और सही स्टॉक्स चुने, उसके लिए यह साल कमाई का साल भी रहा।

अगर हम निफ्टी के टॉप परफॉर्मर्स की बात करें, तो इस साल श्रीराम फाइनेंस, मारुति सुजुकी, आयशर मोटर्स, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, SBI लाइफ और बजाज फाइनेंस जैसे शेयर सबसे आगे रहे। कुल मिलाकर निफ्टी के 31 शेयरों ने पॉजिटिव रिटर्न दिया, जिनका दायरा 1 फीसदी से लेकर 72 फीसदी तक रहा। इनमें से 3 शेयर ऐसे रहे जिन्होंने 50 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया, जबकि 8 शेयरों ने 30 फीसदी से ऊपर की छलांग लगाई।

मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट की बात करें, तो मिडकैप इंडेक्स ने करीब 6 फीसदी की बढ़त दर्ज की। L&T फाइनेंस, आदित्य बिड़ला कैपिटल, RBL बैंक, लॉरस लैब्स, एमसीएक्स और मुथूट फाइनेंस जैसे शेयर मिडकैप के टॉप गेनर्स में शामिल रहे। वहीं स्मॉलकैप सेगमेंट में हिंदुस्तान कॉपर ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया।

अब बात करते हैं कुछ खास ब्लूचिप शेयरों की, जिन्होंने 2025 की कहानी को खास बनाया।

सबसे पहले बात करते हैं आयशर मोटर्स की। रॉयल एनफील्ड बनाने वाली इस कंपनी के लिए 2025 एक ऐतिहासिक साल रहा। शेयर ने 50 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया, जो 2014 के बाद इसका सबसे बेहतरीन साल रहा। सरकार ने इस साल कारों और मोटरसाइकिल्स पर जीएसटी में कटौती की, जिसने इस शेयर में तेजी को बड़ा सपोर्ट मिला।

इसके अलावा रॉयल एनफील्ड की ओवरसीज शिपमेंट्स में भी जबरदस्त उछाल देखा गया। दूसरी तिमाही में कंपनी की विदेशों में बिक्री 55 फीसदी से ज्यादा बढ़ी, जहां आमतौर पर घरेलू बाजार से ज्यादा मुनाफा होता है। यही वजह रही कि आयशर मोटर्स के स्टॉक, निफ्टी ऑटो इंडेक्स में भी टॉप गेनर्स में से एक रहा।

अब चलते हैं आईटी सेक्टर की ओर, जहां तस्वीर बिल्कुल उलट रही। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस के लिए 2025 सबसे खराब सालों में से एक रहा। शेयर में करीब 20 फीसदी की गिरावट आई, जो 2008 के ग्लोबल आर्थिक संकट के बाद सबसे बड़ी सालाना गिरावट मानी जा रही है। अमेरिकी क्लाइंट्स की कमजोर डिमांड, आईटी खर्च में कटौती और लगातार विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने इस सेक्टर को दबाव में रखा।

हालांकि आईटी सेक्टर में एक अपवाद भी रहा और वह था एलटीआईमाइंडट्री। यह इस साल निफ्टी आईटी इंडेक्स का इकलौता शेयर रहा जिसने पॉजिटिव रिटर्न दिया। कंपनी ने साल के दौरान अपने सबसे बड़े डील्स में से दो बड़ी डील्स हासिल कीं, जिससे निवेशकों का भरोसा बना रहा।

बैंकिंग सेक्टर की बात करें तो निफ्टी बैंक इंडेक्स ने 2025 में करीब 17 फीसदी की बढ़त दर्ज की। लेकिन इसके बीच इंडसइंड बैंक ऐसा इकलौता शेयर रहा जिसने नुकसान झेला। शेयर करीब 10 फीसदी टूटा। मैनेजमेंट में बदलाव, अकाउंटिंग से जुड़े मुद्दे और कुछ आंतरिक गड़बड़ियों की खबरों ने इस स्टॉक को कमजोर किया।

ऑटो सेक्टर में जहां एक तरफ कई कंपनियां चमकीं, वहीं टाटा मोटर्स के लिए 2025 चुनौती भरा रहा। कंपनी का पैसेंजर व्हीकल बिजनेस करीब 18 फीसदी टूटा, जो 2022 के बाद इसका सबसे खराब साल रहा। इसकी बड़ी वजह कंपनी की लग्जरी यूनिट जेएलआर रही, जहां से कंपनी की आमदनी का करीब तीन चौथाई हिस्सा आता है। अमेरिका में टैरिफ, साइबर अटैक से प्रोडक्शन रुकना और कमजोर डिमांड ने कंपनी के मुनाफे पर असर डाला।

वहीं दूसरी ओर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए 2025 राहत भरा साल साबित हुआ। बीपीसीएल, एचपीसीएल और आईओसी जैसे शेयरों ने 20 से 30 फीसदी तक का रिटर्न दिया। कच्चे तेल की कीमतों में 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट ने इन कंपनियों के मार्जिन सुधारने में मदद की और निवेशकों को फायदा मिला।

साल के आखिर में ऑटो सेक्टर ने जबरदस्त वापसी की और रिकॉर्ड क्लोजिंग के साथ 2025 को अलविदा कहा। जीएसटी कटौती के बाद डिमांड में सुधार और मजबूत फेस्टिव सीजन ने ऑटो शेयरों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। मारुति, महिंद्रा, टीवीएस और आइशर जैसे शेयरों ने इंडेक्स को ऊपर खींचा। वहीं अशोक लेलैंड ने करीब 63 फीसदी की तेजी के साथ ऑटो स्पेस में सबसे ज्यादा कमाई कराई।

कुल मिलाकर, 2025 की यह पूरी कहानी हमें एक ही बात सिखाती है कि यह साल इंडेक्स का नहीं, सही शेयर चुनने वालों का साल रहा। जिसने सेक्टर ट्रेंड्स को समझा, फंडामेंटल्स पर भरोसा किया और धैर्य रखा, उसके लिए बाजार ने मौके दिए। 2026 में कदम रखते हुए निवेशकों के लिए यही सबसे बड़ा सबक है कि भीड़ के साथ चलने के बजाय समझदारी से चुने गए शेयर ही असली कमाई करा सकते हैं।

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