Last Updated on दिसम्बर 27, 2025 16:48, अपराह्न by Khushi Verma
भारत की एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) इंडस्ट्री ने एक बड़ा माइलस्टोन क्रॉस किया है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, जेरोधा फंड हाउस का कहना है कि अक्टूबर 2025 तक ETF के तहत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के हो गए। पिछले 3 सालों में इंडस्ट्री का कुल AUM दोगुना हो गया है। जेरोधा फंड हाउस ने हाल ही में एक बयान में कहा कि भारतीय ETF इकोसिस्टम में ट्रेडिंग एक्टिविटी में भी तेज बढ़ोतरी देखी गई है।
ETF ट्रेडिंग वॉल्यूम 7 गुना से ज्यादा बढ़ गया। वित्त वर्ष 2019-20 में यह 51,000 करोड़ रुपये था, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में 3.83 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह मोमेंटम मौजूदा फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में भी जारी रहा। अकेले 2025-26 के पहले 6 महीनों यानि कि अप्रैल-सितंबर 2025 में ETF ट्रेडिंग वॉल्यूम 3.2 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया। जेरोधा फंड हाउस ने बताया कि ज्यादा लिक्विडिटी से निवेशकों के लिए टाइट स्प्रेड, बेहतर प्राइस डिस्कवरी और आसान ट्रेड एग्जीक्यूशन में मदद मिली है। रिटेल भागीदारी एक प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर के रूप में उभरी है।
ETF निवेशक खाते
ETF निवेशक खातों की संख्या 5 सालों में 8 गुना से ज्यादा बढ़ गई। नवंबर 2020 में यह संख्या लगभग 41 लाख थी, जबकि नवंबर 2025 तक फोलियो 3 करोड़ से ज्यादा हो गए। इस बढ़ोतरी को निवेशकों की ज्यादा जागरूकता और डिजिटल इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म्स के जरिए आसान पहुंच से सपोर्ट मिला है। इक्विटी ETF का दबदबा ज्यादा है। पिछले 12 महीनों में 25 लाख नए फोलियो जोड़े गए हैं।
नवंबर 2025 तक गोल्ड और सिल्वर ETF मिलकर कुल ETF AUM का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा थे। पिछले एक साल में, गोल्ड ETF के तहत AUM दोगुना होकर 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। सिल्वर ETF का AUM चार गुना बढ़कर 49,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया।
जेरोधा फंड हाउस के CEO विशाल जैन का कहना है कि 10 लाख करोड़ रुपये AUM का आंकड़ा पार करना भारतीय ETF सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक पल है। जेरोधा फंड हाउस एक एसेट मैनेजमेंट कंपनी है, जो जेरोधा ब्रोकिंग लिमिटेड और CASE प्लेटफॉर्म्स प्राइवेट लिमिटेड का एक जॉइंट वेंचर है।