Last Updated on दिसम्बर 17, 2025 15:38, अपराह्न by Pawan
ई-कॉमर्स कंपनी मीशो के शेयर ने लिस्टिंग से अब तक यानी 7 दिन में अपने निवेशकों का पैसा लगभग डबल कर दिया है। कंपनी का शेयर अपने इश्यू प्राइस ₹111 से अब तक करीब 95% चढ़ चुका है। इसका शेयर आज (बुधवार, 17 दिसंबर) 20% (36 रुपए) के अपर सर्किट के साथ 216.34 रुपए पर कारोबार कर रहा है।
बीते 5 दिन में कंपनी के शेयर ने 27% रिटर्न दिया है। वहीं 10 दिसंबर को मीशो के शेयर की शेयर बाजार (BSE-NSE) में लिस्टिंग 50% प्रीमियम के साथ 167 रुपए पर हुई थी। दिनभर के कारोबार के बाद ये 59.09 रुपए (53.23%) ऊपर 170.09 रुपए पर बंद हुआ था।
मीशो के को-फाउंडर विदित बिलिनेयर बने
कंपनी के शेयर में इस तेजी के साथ ही मीशो के को-फाउंडर और CEO विदित आत्रेय बिलिनेयर क्लब में शामिल हो गए हैं। 34 साल के विदित 2015 से मीशो के सीईओ हैं। शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयरों में 95% तक बढ़त से उनकी संपत्ति में यह इजाफा हुआ।
47.25 करोड़ शेयरों के साथ विदित की कंपनी में 11.10% हिस्सेदारी है। उनकी संपत्ति अब 10,222 रुपए (एक बिलियन डॉलर से ज्यादा) आंकी गई है। को-फाउंडर संजीव बर्नवाल के पास भी कंपनी के 31.6 करोड़ शेयर हैं। उनकी संपत्ति 6,836 करोड़ रुपए हो गई है। विदित ने IIT दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। वे ITC में भी काम कर चुके हैं।
मीशो का IPO कुल ₹5,421 करोड़ का था
मीशो का IPO 3 दिसंबर को ओपन और 5 दिसंबर को क्लोज हुआ था। कंपनी ने IPO के लिए प्राइस बैंड ₹105 से ₹111 प्रति शेयर तय किया था। इसका अलॉटमेंट 8 दिसंबर को हुआ था। मीशो का IPO कुल ₹5,421 करोड़ का था।
IPO में ₹4,250 करोड़ का फ्रेश इश्यू (38.29 करोड़ शेयर) और 1171 करोड़ रुपए का ऑफर फॉर सेल (10.55 करोड़ शेयर) था। कंपनी के IPO को तीन दिन में टोटल 81.76 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। वहीं रिटेल कैटेगरी में इसे 19.89 गुना सब्सक्राइब किया गया था।
फंड्स का इस्तेमाल कहां करेगी कंपनी?
- मीशो के फ्रेश इश्यू से जुटाए गए ₹4,250 करोड़ का बड़ा हिस्सा टेक्नोलॉजी पर खर्च किया जाएगा। वहीं ₹1,390 करोड़ मीशो टेक्नोलॉजीज सब्सिडियरी के लिए क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगा।
- मार्केटिंग-ब्रांडिंग पर ₹1,020 करोड़ खर्च किए जाएंगे। ₹480 करोड़ मशीन लर्निंग और AI टीम्स पर सैलरी पर खर्च होंगे। बाकी इनऑर्गेनिक ग्रोथ और जनरल कॉर्पोरेट पर्पस के लिए खर्च किया जाएगा।

दो दोस्त विदित आत्रेय और संजीव बरनवाल ने 2015 में मीशो नाम की कंपनी शुरू की थी।
मीशो का शुरुआती सफर
मीशो की यात्रा आसान नहीं रही। शुरुआत हाइपर लोकल फैशन डिलीवरी एप ‘फैशनियर’ से हुई थी। पर, यह नहीं चला। फिर, डिजिटल स्टोरफ्रंट मॉडल अपनाया। यह चला, पर बड़े स्केल तक नहीं पहुंचा। असल बदलाव बेहद साधारण व जमीनी ऑब्जर्वेशन से आया। ग्राउंड रिसर्च के दौरान विदित ने पाया कि गुजरात व यूपी के छोटे शहरों की कई महिलाएं वॉट्सएप बुटिक चला रही थीं।
वे थोक विक्रेताओं से कपड़ों की फोटो मंगातीं, उन्हें अपने वॉट्सएप ग्रुप पर शेयर करतीं और ऑर्डर मिलने पर सामान पहुंचाती थीं। इन महिलाओं की 60-70% बिक्री बिना दुकान या वेबसाइट के, सिर्फ सोशल नेटवर्किंग से हो रही थी। विदित व संजीव ने इसे मौके के रूप में देखा और मीशो को ‘वन स्टॉप सॉल्यूशन’ के रूप में पेश किया। ‘मीशो’ नाम ‘माई शॉप’ का संक्षिप्त रूप है। आज 81,462 करोड़ रु मार्केट कैप है।
IAS बनाना चाहते थे विदित के पिता
एक इंटरव्यू में विदित ने कहा था, पिता रवि दत्त शर्मा चाहते थे कि वे IAS अफसर बनें। पर IIT में पढ़ाई के दौरान लगा कि IAS के अलावा भी कई विकल्प हैं। इंटरव्यू में विदित ने बताया था कि पिता अक्सर कहते थे, पढ़ाई नहीं करोगे तो किराने की दुकान पर काम करना पड़ेगा। विदित के मुताबिक वे लंबे समय तक इसी डर में जीते रहे। पढ़ाई करने का असली कारण यही था कि उन्हें किराने की दुकान पर न बैठना पड़े।
एक कॉल से बदली दिशा
विदित के अनुसार स्टार्टअप का आइडिया किसी तय प्लान का हिस्सा नहीं था। जून 2015 में संजीव ने जापान से फोन कर भारत लौटकर स्टार्टअप से जुड़ने की इच्छा जताई। विदित ने कहा था, ‘स्टार्टअप ही करना है तो क्यों न अपना शुरू करें।’ बस इसके बाद दोनों ने लाखों के पैकेज वाली नौकरियां छोड़ दीं।
छोटे दुकानदारों की मदद
बीटेक के बाद विदित ने आईटीसी से शुरुआत की। फिर इनमोबी से जुड़े, जहां उन्हें टेक इंडस्ट्री का अनुभव मिला। 2015 में उन्होंने संजीव के साथ फैशनियर एप पर काम शुरू किया। विदित ने देखा कि छोटे दुकानदार ऑनलाइन सामान नहीं बेच पा रहे थे, जबकि बड़ी कंपनियों तक पहुंच सिर्फ बड़े दुकानदारों और होलसेलर की थी। उन्हें लगा कि अगर छोटे दुकानदारों को भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ें, तो उनका कारोबार बढ़ सकता है। इसी सोच से मीशो की शुरुआत हुई।
विदित की पत्नी का भी स्टार्टअप
विदित की पत्नी मीनू मार्गरेट एक्टिववियर ब्रांड ब्लिसक्लब की फाउंडर हैं, जो फिटनेस वियर बनाती है। दोनों को स्टार्टअप जगत का पावर कपल कहा जाता है। हैदराबाद में जन्मीं मीनू की विदित से मुलाकात 2015 में पार्टी में हुई थी। तीन दिन बाद ही दोनों डेटिंग करने लगे। बाद में शादी की। दोनों की एक बेटी भी है।
रीसेट एंड रिचार्ज
2022 में मीशो ने लगातार दूसरे साल दिवाली के बाद स्टाफ को 11 दिन छुट्टी दी। यह फैसला विदित ने कर्मचारियों की मानसिक सेहत को ध्यान में रखकर लिया था, ताकि वे परिवार को वक्त दे सकें। 2021 से 2024 तक स्टाफ के लिए पहल ‘रीसेट एंड रिचार्ज’ भी चलाई।