Last Updated on दिसम्बर 3, 2025 15:16, अपराह्न by Pawan
Meesho IPO: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो ने अपने 2,439 करोड़ रुपये के एंकर बुक का एक काफी बड़ा हिस्सा SBI म्यूचुअल फंड को आवंटित किया है। हालांकि कंपनी का यह फैसला अब एक बड़ी बहस का कारण बन गया है। मामले से वाकिफ सूत्रों ने बताया कि SBI म्यूचुअल फंड को ज्यादा शेयर आवंटित करने का फैसला खुद कंपनी के मैनेजमेंट ने लिया था, न कि मर्चेंट बैंकर ने।
इस कदम ने न केवल संस्थागत निवेशकों के बीच मतभेद पैदा किए बल्कि भारत के आईपीओ मार्केट में बदलते ट्रेंड को भी दिखा रहा है। यह कदम दिखाता है और कंपनियां अब आईपीओ लाने काफी पहले से ही संभावित निवेशकों से सीधे बातचीत कर रही हैं और उनके साथ प्राइस और शेयर अलॉटमेंट पर नेगोशिएट कर रही हैं और कई मामलों में बैंकरों की सलाह को भी नजरअंदाज कर रही हैं। इस घटना ने यह भी दिखाया है कि एंकर एलोकेशन में “फेयरनेस” के लिए किसी फ्रेमवर्क के नहीं होने से ऐसे फैसलों के लिए जगह बनती है।
संस्थागत निवेशकों में पड़ी फूट
मीशो के इस फैसले के खिलाफ कैपिटल ग्रुप, नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड जैसे बड़े निवेशक एंकर बुक से बाहर निकल गए। उनका कहना था कि SBI MF को दिया गया आवंटन काफी बड़ा था, जबकि दूसरे बड़े घरेलू फंड हाउसों को उसकी तुलना में बेहद कम हिस्सेदारी मिली। देश की दूसरी सबसे बड़ी फंड हाउस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि एंकर बुक से बाहर निकलने का फैसला इसलिए लिया गया ताकि गलत मिसाल न बने।
जानकारों के अनुसार, मीशो ने एंकर बुक में SBI MF को लगभग 600 करोड़ रुपये के शेयर ऑफर किए, जबकि ICICI प्रूडेंशियल MF को सिर्फ 100 करोड़ रुपये के शेयर ऑफर किए गए। इस “विशाल अंतर” से असंतोष बढ़ा और कई दिग्गज निवेशकों ने इससे दूरी बना ली। लोगों ने बताया कि मीशों ने SBI MF को पहले से किए गए वादे को पूरा करने पर जोर दिया और इसका हवाला देते हुए शेयर अलॉटमेंट को बदलने से इनकार कर दिया।
एंकर बुक में किसे मिले शेयर?
मीशो अपने रुख पर कायम रहा। कंपनी ने 2 दिसंबर की देर रात अपने एंकर बुक के फाइनल शेयर अलॉटमेंट को जारी किया। इसमें SBI म्यूचुअल फंड को 603 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा हिस्सा मिला। इसके बाद सबसे बड़ा GIC और मॉनेटरी अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर को मिला, जिसमें 200 करोड़ रुपये के शेयर थे। फिडेलिटी को 148 करोड़ रुपये और ब्लैकरॉक को 75 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए गए। घरेलू म्यूचुअल फंडों की बात करें तो, SBI MF के बाद सबसे बड़े फंड हाउस Axis MF को सिर्फ 48 करोड़ रुपये का हिस्सा मिला।
मीशो ने क्यों दिया SBI MF को इतना बड़ा हिस्सा?
मीशों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि SBI म्यूचुअल फंड को इतना बड़ा आवंटन देने के पीछे कई कारण थे। उनके अनुसार, SBI म्यूचुअल फंड ने एंकर बुक खुलने से काफी पहले ही कीमत और आवंटन दोनों पर अपनी रुचि स्पष्ट कर दी थी, जिससे कंपनी को एंकर बुक बनाने में शुरुआती स्पष्टता मिल गई। फंड ने यह भी भरोसा दिलाया कि वह मुख्य IPO के दौरान और लिस्टिंग के बाद भी ऑफर प्राइस पर या उससे नीचे खरीदारी जारी रखने को तैयार है।
SBI MF का रिकॉर्ड बताता है कि वह नए जमाने की कंपनियों में लंबे समय तक निवेश बनाए रखता है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि SBI MF अक्सर प्रॉपर तरीके से रिसर्च के बाद ही IPO में हिस्सा लेता है और कई महीनों पहले ही अपना रुख कंपनियों को बता देता है। इसीलिए कई कंपनियां उसे एक “सच्चे एंकर निवेशक” के रूप में देखती हैं, न कि शॉर्ट-टर्म ट्रेड के लिए आए हुए निवेशक के तौर पर।
एंकर बुक में पारदर्शिता की कमी
बाजार में यह भी चर्चा है कि एंकर बुक के 30 गुना से अधिक ओवरसब्सक्राइब होने के बावजूद यह असली मांग को नहीं दिखाता, क्योंकि निवेशकों को बोली के समय पैसे जमा नहीं कराने पड़ते। इसलिए कई बार निवेशक सिर्फ “दौड़ में बने रहने” के लिए बड़े-बड़े बिड डालते हैं।
मीशो IPO की प्रमुख जानकारी
मीशो का आईपीओ आज 3 दिसंबर से बोली के लिए खुल गया और निवेशक इसमें 5 दिसंबर तक बोली लगा सकते हैं। आईपीओ का कुल साइज 5,421.20 करोड़ रुपये है। इसमें 4,250 करोड़ रुपये के फ्रेश इश्यू और 1,171.20 करोड़ रुपये का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल हैं। मीशो के शेयर 10 दिसंबर 2025 को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे।
डिस्क्लेमरः एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।