Last Updated on अप्रैल 30, 2025 13:00, अपराह्न by Pawan
Oberoi Realty Q4 Results: मुंबई स्थित रियल एस्टेट कंपनी ओबेरॉय रियल्टी के शेयर मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए. कंपनी का चौथी तिमाही (Q4 FY25) का शुद्ध मुनाफा 45% गिरकर ₹433.17 करोड़ रह गया, जिसके बाद इसके शेयर की कीमत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹46.80 यानी 2.82% की गिरावट के साथ ₹1,610 पर बंद हुई.
कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को दी गई जानकारी में बताया कि जनवरी-मार्च तिमाही में उसका मुनाफा ₹788.03 करोड़ से घटकर ₹433.17 करोड़ रह गया है. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह ज़मीन खरीद पर खर्च में भारी बढ़ोतरी और ऑपरेशनल रेवेन्यू में कमी रही.
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के भूमि अधिग्रहण पर खर्च में 207% का इजाफा हुआ है. यह खर्च मार्च तिमाही में ₹587 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह केवल ₹191 करोड़ था. इतनी बड़ी लागत ने कंपनी के मुनाफे को सीधे तौर पर प्रभावित किया, भले ही बाजार में उसकी स्थिति मजबूत बनी हुई है.
कंपनी की मुख्य परिचालन आय भी 12.5% घटकर ₹1,150.14 करोड़ रही, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹1,314.77 करोड़ थी.
ऑपरेटिंग स्तर पर, ओबेरॉय रियल्टी का EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई) भी 21.7% की गिरावट के साथ ₹617.8 करोड़ पर आ गया. एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹788.9 करोड़ था. इसके साथ ही EBITDA मार्जिन भी 60% से घटकर 53.7% पर आ गया.
हालांकि कमजोर तिमाही नतीजों के बीच कंपनी ने अपने शेयरधारकों को राहत देते हुए वित्त वर्ष 2024-25 के लिए चौथा अंतरिम लाभांश घोषित किया है. ओबेरॉय रियल्टी ने प्रति शेयर ₹2 का डिविडेंड देने का ऐलान किया है. इसके लिए रिकॉर्ड तिथि 5 मई तय की गई है.
कुल मिलाकर, बढ़ती लागत और घटती आय ने कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को प्रभावित किया है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है. शेयर बाजार में इसका सीधा असर कंपनी के स्टॉक पर देखने को मिला.