Last Updated on नवम्बर 5, 2024 10:37, पूर्वाह्न by Pawan
Sebi cautions on Unauthorized Virtual Trading: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने निवेशकों को ऑनलाइन कारोबार (ट्रेडिंग) या ‘गेमिंग’ मंच के जरिये लेन-देन करने को लेकर सोमवार को आगाह किया और उन्हें केवल पंजीकृत मध्यस्थों के माध्यम से कारोबार करने को सुझाव दिया. सेबी ने कुछ ऐप/वेब एप्लिकेशन/मंचों द्वारा सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर मूल्य डेटा के आधार पर जनता को ऑनलाइन ट्रेडिंग सेवाएं या पेपर ट्रेडिंग या फैंटसी गेम की पेशकश करने के मामलों का संज्ञान लेने के बाद यह परामर्श वक्तव्य जारी किया है.
केवल रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म से ही करें निवेश
मार्केट रेगुलेटर ने कहा, ऐसी गतिविधियां निवेशकों की सुरक्षा के लिए बनाए गए प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) अधिनियम 1956 और सेबी अधिनियम 1992 का उल्लंघन हैं. सेबी ने बयान में दोहराया कि जनता केवल पंजीकृत मध्यस्थों के माध्यम से ही प्रतिभूति बाजारों में निवेश कर सकती है तथा व्यापारिक गतिविधियां कर सकती है.
हुआ नुकसान तो आप ही होंगे जिम्मेदार
इसमें कहा गया, “गोपनीय तथा व्यक्तिगत लेन-देन डेटा को साझा करने सहित अनधिकृत योजनाओं में संलिप्तता, उससे होने वाला नुकसान तथा उसके परिणाम के लिए निवेशक स्वयं जिम्मेदार है क्योंकि ऐसी योजनाएं/मंच सेबी के साथ पंजीकृत नहीं हैं.”
इन ऐप्स का बिल्कुल भी न करें इस्तेमाल
निवेशकों को सचेत करते हुए सेबी ने उनसे कहा कि वे गैर-पंजीकृत मध्यस्थों/वेब एप्लिकेशन/मंच/ऐप के माध्यम से निवेश या कारोबारी गतिविधियां न करें. इसमें कहा गया है कि ऐसी गतिविधियों से संबंधित किसी भी प्रकार के विवाद के लिए निवेशकों को सेबी या शेयर बाजार के अधिकार क्षेत्र के तहत निवेशक संरक्षण नहीं मिलेगा जिसमें ‘स्कोर्स’ भी शामिल हैं.
शेयर बाजारों द्वारा प्रशासित निवेशक शिकायत निवारण तंत्र आदि ऑनलाइन विवाद समाधान तंत्र जैसी व्यवस्थाएं भी उनके लिए उपलब्ध नहीं होंगी. सेबी ने इससे पहले अगस्त, 2016 में प्रतिभूति बाजार से संबंधित लीग/योजनाओं/प्रतियोगिताओं को लेकर भी जनता को आगाह किया था.