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2026 में 192 कंपनियां IPO से ₹2.5 लाख करोड़ जुटाएंगी: इस साल 1.77 लाख करोड़ पहुंचा; नए साल में NSE, जियो, फोनपे जैसी कंपनियों की लिस्टिंग

2026 में 192 कंपनियां IPO से ₹2.5 लाख करोड़ जुटाएंगी:  इस साल 1.77 लाख करोड़ पहुंचा; नए साल में NSE, जियो, फोनपे जैसी कंपनियों की लिस्टिंग

Last Updated on दिसम्बर 12, 2025 14:16, अपराह्न by Pawan

 

IPO यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग के मामले में 18 साल बाद 2025 में बना रिकॉर्ड अगले ही साल 2026 में टूटने के पूरे आसार हैं। इस साल अब तक करीब 100 कंपनियों ने मेनबोर्ड आईपीओ से रिकॉर्ड 1.77 लाख करोड़ रुपए जुटाए। यह 2007 के बाद सबसे ज्यादा है। पर 2026 में 192 कंपनियां 2.56 लाख करोड़ रुपए जुटा सकती हैं।

 

कुछ ही दिनों में आने वाले नए साल के लिए पाइपलाइन मजबूत है। प्राइमडेटाबेस के आंकड़ों के मुताबिक, सेबी ने 88 कंपनियों को 1.16 लाख करोड़ के IPO लाने की मंजूरी दे दी है। 104 कंपनियां 1.4 लाख करोड़ रुपए के पब्लिक इश्यू मंजूर होने का इंतजार कर रही हैं।

2026 में निवेशकों को IPO मार्केट में कई बड़े नामों का इंतजार रहेगा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, रिलायंस जियो, मणिपाल हॉस्पिटल्स, फोनपे, जेप्टो, बोट जैसी बड़ी कंपनियों की फाइलिंग की उम्मीद है।

फोनपे, जिसने 10,000 करोड़ के इश्यू के लिए ड्राफ्ट पेपर जमा किए हैं, सबसे ज्यादा चर्चित पब्लिक इश्यू में से एक है। साथ ही नई पीढ़ी की कंपनियां, मसलन जेप्टो, बोट, ऑफबिजनेस और कोरफूड्स भी आईपीओ कैलेंडर में रोमांच बढ़ाएंगी।

सेंसेक्स दो साल में 8% चढ़ा, IPO दोगुना लॉन्च हुए

साल IPO कुल राशि सेंसेक्स चढ़ा
2020 15 ₹26,613 15.7%
2021 63 ₹1,18,723 22.0%
2022 40 ₹59,302 4.44%
2023 57 ₹49,436 18.7%
2024 91 ₹1,59,784 8.17%
2025 100 ₹1,77,056 8.55%

नोट: राशि करोड़ रुपए में; 2025 के आंकड़े 11 दिसंबर तक सोर्स: प्राइमडेटाबेस और BSE

कंपनियां विस्तार या कर्ज चुकाने के लिए पूंजी जुटा रहीं

एक्सिस सिक्योरिटीज के सीनियर VP राजेश पालविया का कहना है कि सभी तरह की कंपनियां, खास तौर पर नई और छोटी, विस्तार करने या ऑपरेशन बेहतर बनाने या कर्ज चुकाने के लिए पूंजी चाहती हैं।

घरेलू शेयर बाजार में लिक्विडिटी (निवेश के लिए पैसा) भरपूर है और रिटेल निवेशक मजबूत हैं। देश की अर्थव्यवस्था बेहतर स्थिति में है और नई कंपनियां उभर रही हैं। इसलिए हर IPO को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

हाल के वर्षों में PE निवेश वाली कई कंपनियां अब मेनबोर्ड लिस्टिंग से वैल्यू अनलॉक करने के लिए तैयार हैं। दूसरी तरफ निवेशक बड़े नामों का इंतजार कर रहे हैं। इनमें एनएसई, रिलायंस जियो के इश्यू शामिल हैं।

1.10 लाख करोड़ घर ले गए प्रमोटर, बड़े निवेशक

रिकॉर्ड IPO क्यों?

प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल (वीसी) फंड निवेश निकालना चाहते हैं। प्राइमरी मार्केट में तेजी के बीच IPO निकासी का अच्छा रास्ता बन गया है। सेकेंडरी मार्केट सुस्त रहा, पर प्राइमरी मार्केट में ग्रोथ रही।

कहां गया पैसा?

इस साल कंपनियों के प्रमोटर, प्राइवेट इक्विटी (PE) और VC निवेशक ऑफर फॉर सेल यानी IPO में अपने हिस्से के शेयर बेचकर 1.10 लाख करोड़ रुपए कलेक्ट किए। फिर भी कंपनियों के मैनेजमेंट के पास विस्तार या अन्य जरूरतों के लिए 67,000 करोड़ रुपए बचे।

2026 के प्लान सफल होंगे?

विशेषज्ञों का मानना है कि 2.56 लाख करोड़ का लक्ष्य आसानी से हासिल हो जाएगा। हालांकि, स्मॉल-कैप सेगमेंट पर दबाव रह सकता है, लेकिन आईपीओ बाजार 2025 की तरह ही इन मुश्किलों के बावजूद चमकेगा।

इस साल 2024 से 55% ज्यादा IPO एप्लिकेशन

2024 में 91 कंपनियों ने IPO से 1.6 लाख करोड़ और 2023 में 57 कंपनियों ने इस तरीके से 49,436 करोड़ रुपए जुटाए थे। ये रफ्तार बढ़ रही है। 2025 में 244 कंपनियों ने सेबी के पास IPO के लिए आवेदन किए, जो 2024 के 157 से 55% ज्यादा हैं।

 

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