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अभी निवेश नहीं किया तो फिर हाथ में नहीं आएगा IRCTC का स्टॉक, जानिए क्यों

अभी निवेश नहीं किया तो फिर हाथ में नहीं आएगा IRCTC का स्टॉक, जानिए क्यों

आईआरसीटीसी का प्रदर्शन तीसरी तिमाही में अच्छा रहा। लेकिन, मार्केट में लगातार जारी गिरावट का असर इस स्टॉक पर पड़ा है। महाकुंभ से चौथी तिमाही में कंपनी की अर्निंग्स ग्रोथ बढ़ सकती है। गिरावट के बाद इस शेयर की कीमत काफी कम रह गई है। सवाल है कि क्या सस्ते भाव पर इस शेयर को खरीदने पर लंबी अवधि में अच्छी कमाई हो सकती है?

ट्रैवल-टूरिज्म में दमदार स्थिति

इंडिया में ट्रैवल और टूरिज्म मार्केट में IRCTC की स्थिति काफी मजबूत है। रेलवे के टिकट में इस कंपनी का एकाधिकार है। कैटरिंग और पैकेज्ड वाटर बिजनेस में भी इसकी दमदार स्थिति है। यह सस्ती कीमत में टूरिज्म पैकेज भी ऑफर करती है। अगर इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही की बात की जाए तो ह आम तौर पर सुस्त सीजन होता है। फिर भी इस दौरान कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ साल दर साल आधार पर 9.5 फीसदी रही। इसके EBIDTA मार्जिन में भी साल दर साल धार पर इम्प्रूवमेंट देखने को मिला।

रेवेन्यू ग्रोथ तीसरी तिमाही में 10 फीसदी

तीसरी तिमाही में करीब 10 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ में रेल नीर और टूरिज्म बिजनेस का बड़ा योगदान रहा। कंपनी के टूरिज्म बिजनेस में बीते कुछ समय से तेजी देखने को मिल रही है। इसमें महाराजा एक्सप्रेस, भारत गौरव ट्रेन और तेजस एक्सप्रेस का बड़ा हाथ है। हालांकि, कंपनी की इनकम में इंटरनेट टिकटिंग की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है। कपनी का नॉन-टिकटिंग रेवेन्यू भी बढ़ा है। रेल नीर के बेहतर कैपिसिटी यूटिलाइजेशन से भी कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा है।

महाकुंभ से अर्निंग बढ़ने की उम्मीद

आम तौर पर चौथी तिमाही बिजनेस के लिहाज से अच्छी नहीं रहती है। लेकिन, इस बार महाकुंभ जैसा बड़े आयोजन की वजह से चौथी तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रह सकता है। 45 दिन तक चले महाकुंभ में रेलवे से यात्रा करने वाले लोगों की संख्या काफी बढ़ी। इसके अलावा रेल नीर और फूड्स की बिक्री भी ज्यादा रही। इसके अलावा IRCTC ने महाकुंभ मेला में वीआईपी टेंट लगाए थे। इससे भी उसकी कमाई बढ़ेगी।

इनकम के दूसरे स्रोतों पर फोकस

इंटरनेट टिकटिंग की पहुंच 87 फीसदी तक पहुंच गई है। इसके और बढ़ने की उम्मीद कम दिखती है। ऐसे में वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ने से कंपनी की रेवेन्यू में मीडियम टर्म में इजाफा हो सकता है। अगले तीन साल में रेलवे वंदे भारत की स्लीपर ट्रेनें चलाने जा रहा है। इससे भी कंपनी की कमाई बढ़ेगी। कंपनी के मैनेजमेंट का मानना है कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर शुरू हो जाने से रेलवे के लिए पैसेंजर्स ट्रेनों की संख्या बढ़ाना आसान हो जाएगा।

क्या आपोक निवेश करना चाहिए?

इस बात में कोई संदेह नहीं कि लंबी अवधि में IRCTC की ग्रोथ बेहतर रहेगी। लेकिन, इनवेस्टर्स को इस स्टॉक से सामान्य अर्निंग्स की उम्मीद करनी चाहिए। यह स्टॉक गिरावट के बाद 52 हफ्ते के अपने लो लेवल पर आ गया है। इसकी वैल्यूएशन अभी प्राइस-टू-अर्निंग्स ग्रोथ (PEG) की 2.4 गुना है। चूंकि कंपनी की अर्निंग्स को लेकर तस्वीर साफ है। इसकी वैल्यूएशन अट्रैक्टिव है। शेयरों में और गिरावट की उम्मीद नहीं दिखती। बीते 6 महीनों में यह 28% गिर चुका है। ऐसे में इस स्टॉक में निवेश किया जा सकता है।

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