Last Updated on मई 9, 2025 15:28, अपराह्न by Pawan
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- India Pak Tensions: Rafale maker Dassault Aviation Shares Up 8% In 2 Weeks; Rally 63% In 2025
नई दिल्ली3 मिनट पहले
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भारत-पाकिस्तान टेंशन के बीच राफेल बनाने वाली कंपनी डसॉल्ट एविएशन का शेयर बीते 2 हफ्ते में 8% से ज्यादा चढ़ा है। 2025 में अब तक कंपनी के शेयर में 63% से ज्यादा की तेजी आई है।
हालांकि, आज शुक्रवार को पेरिस में लिस्टेड डसॉल्ट एविएशन का शेयर 1% से ज्यादा की गिरावट के साथ 320 यूरो यानी 30,808 रुपए के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं बीते 5 दिन में भी कंपनी का शेयर करीब 2.5% गिरा है। 31 दिसंबर 2024 को कंपनी का शेयर 195 यूरो यानी 18,774 रुपए पर था। वहीं बीते 6 महीने में कंपनी का शेयर 60% चढ़ा है। अभी डसॉल्ट एविएशन का मार्केट कैप 2.61 बिलियन यूरो यानी 25,125 करोड़ रुपए है।
डसॉल्ट एविएशन एक फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी है
डसॉल्ट एविएशन एक फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी है, जो मिलिट्री एयरक्राफ्ट, बिजनेस जेट्स और स्पेस सिस्टम्स के डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। इसकी पेरेंट कंपनी ग्रुप इंडस्ट्रियल मार्सेल डसॉल्ट है, जिसके पास कंपनी में 66.28% हिस्सेदारी है। वहीं कंपनी की 22.94% हिस्सेदारी फ्री-फ्लोट बनी हुई है। इसके अलावा एयरबस के पास कंपनी की वेबसाइट के अनुसार 7 मार्च 2025 तक 10.56% हिस्सेदारी है।
हाल ही में इंडियन एयरफोर्स (IAF) ने SCALP क्रूज मिसाइलों और हैमर प्रिसिजन-गाइडेड हथियारों से लैस राफेल लड़ाकू विमानों को तैनात किया था। इन विमानों ने पाकिस्तान के एयरस्पेस में प्रवेश किए बिना ही कई आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया था। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ये हमले इंडियन एयरस्पेस से किए गए थे। भारत के अलावा, मिस्र और कतर के वायुसेना बेड़े में भी राफेल शामिल हैं।
कंपनी ने पूरे साल में 60,053 करोड़ रुपए की सेल की
डसॉल्ट एविएशन के शेयरों में तेजी कंपनी के मजबूत फाइनेंशियल रिजल्ट्स की वजह से भी है। कंपनी ने पूरे साल में 6.24 बिलियन यूरो यानी 60,053 करोड़ रुपए की सेल की है। इसके अलावा कंपनी की नेट इनकम भी बढ़कर 924 मिलियन यूरो यानी 8,890 रुपए तक पहुंच गई है। पिछले एक साल में फ्रांसीसी एयरोस्पेस और डिफेंस इंडस्ट्री में 17.7% की ग्रोथ देखने को मिली है।
सितंबर 2016 में भारत ने 36 फ्लाई-अवे राफेल के लिए 7.8 बिलियन यूरो का कॉन्ट्रैक्ट किया था, जिसमें 18 और विमानों के लिए ऑप्शन था। शुरुआती डिलीवरी 2019 तक होने की उम्मीद थी और सभी 36 राफेल छह साल के भीतर भारत को मिलेंगे। इस डील में स्पेयर्स और मेटियोर मिसाइल जैसे हथियार भी शामिल थे।
भारत को 63 हजार करोड़ रुपए में 26 राफेल मरीन मिलेंगे
भारत ने 11 दिन पहले फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन के साथ अप्रैल के आखिरी में अपनी नेवी के लिए करीब 63 हजार करोड़ रुपए ($7.4 बिलियन) के 26 और राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए एक एग्रिमेंट पर हस्ताक्षर किए। समुद्री हमले, एयर डिफेंस और अन्य मिशनों के लिए डिजाइन किए गए 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों की डिलीवरी 37-65 महीनों में होने की बात कही जा रही है।

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