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ऑपरेशन सिंदूर के बाद डिफेंस स्टॉक्स में आया तूफान, 1.8 लाख करोड़ रुपये का हो गया फायदा!

ऑपरेशन सिंदूर के बाद डिफेंस स्टॉक्स में आया तूफान, 1.8 लाख करोड़ रुपये का हो गया फायदा!

Last Updated on मई 19, 2025 12:44, अपराह्न by

नई दिल्ली:ऑपरेशन सिंदूर‘ के दौरान भारत ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया था। इस संघर्ष में भारत में बने मिसाइलों और ड्रोन ने पाकिस्तान के रडार को चकमा दे दिया था। वहीं, भारत की हवाई सीमा पूरी तरह से सुरक्षित थी। चूंकि अब दोनों देशों के बीच सीजफायर हो चुके है, लेकिन भारतीय डिफेंस स्टॉक्स रॉकेट बने हुए हैं। निवेशकों को ‘ऑपरेशन सिंदूर‘ के बाद डिफेंस सेक्टर में और ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। इस वजह से डिफेंस स्टॉक्स में 9 मई से लगभग 1.8 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

ड्रोन बनाने वाली कंपनी ideaForge Technology सबसे आगे है। इसके शेयरों में 8 मई से 56% की वृद्धि हुई है। युद्धपोत बनाने वाली कंपनियां कोचीन शिपयार्ड के शेयरों में 41% और GRSE के शेयरों में 40% की तेजी आई है। मिश्रा धातु निगम, जेन टेक्नोलॉजीज, पारस डिफेंस और डेटा पैटर्न्स के शेयरों में भी 30% से अधिक की वृद्धि हुई है। रक्षा PSU कंपनी HAL, जो तेजस जेट और ध्रुव हेलीकॉप्टर बनाती है, के शेयरों में 16% की तेजी आई है। निवेशकों को उम्मीद है कि सरकार स्वदेशी हथियारों की सफलता को देखते हुए रक्षा क्षेत्र को और ऑर्डर देगी। इससे निर्यात के नए अवसर भी खुलेंगे

ऑपरेशन सिंदूर से मिली मार्केट को उड़ान

जो लोग इस क्षेत्र पर लंबे समय से नजर रख रहे हैं, वे जानते हैं कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तेजी सिर्फ एक नई शुरुआत है। जुलाई 2022 से जुलाई 2024 के बीच निफ्टी डिफेंस इंडेक्स में 350% की तेजी आई थी। लेकिन फरवरी 2025 तक यह 38% तक गिर गया, क्योंकि बाजार सतर्क हो गया था। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने एक बार फिर से इस क्षेत्र में तेजी ला दी है।

Antique के Sanjeev B Zarbade का कहना है कि वित्त वर्ष 2022-25 के बीच रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने 8.45 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। यह पिछले तीन वर्षों में मंजूर किए गए प्रस्तावों से 3.3 गुना अधिक है। आने वाले वर्षों में और भी बड़े ऑर्डर मिल सकते हैं।

इसमें प्रोजेक्ट 18 के तहत 8 अगली पीढ़ी के विध्वंसक शामिल हैं, जिनकी कीमत 800 अरब रुपये है। इसके अलावा, प्रोजेक्ट 76 के तहत 12 पनडुब्बियां भी शामिल हैं, जिनकी कीमत 1,200-1,500 अरब रुपये हो सकती है। भारत 2028 तक तीसरे विमान वाहक की योजना को भी अंतिम रूप दे सकता है, जिसे 2038 तक तैनात किया जा सकता है।

 

एक्सपर्ट ने दी बाय रेटिंग

ब्रोकरेज जेफरीज ने HAL (लक्ष्य 4,715 रुपये), डेटा पैटर्न्स (2,690 रुपये) और BEL (325 रुपये) पर बाय रेटिंग दी है। जेफरीज को उम्मीद है कि रक्षा क्षेत्र में पूंजीगत व्यय बढ़ने से इन कंपनियों की आय में अच्छी वृद्धि होगी। वहीं कुछ विशेषज्ञ इस तेजी को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि मार्केट का वैल्यूएशन बहुत अधिक हो गया है।

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