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आखिर क्या है Starlink और इसके आने से इंडियन टेलिकॉम कंपनियों पर क्या असर होगा? | Zee Business

आखिर क्या है Starlink और इसके आने से इंडियन टेलिकॉम कंपनियों पर क्या असर होगा? | Zee Business

Last Updated on जून 6, 2025 12:21, अपराह्न by Pawan

 

एलन मस्क की कंपनी Starlink भारत में आने के लिए पूरी तरह तैयार है. डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकम्युनिकेशन से इसे कंडिशनल अप्रूवल भी मिल चुका है. मार्च के महीने में रिलायंस जियो और एयरटेल ने स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस के लिए हाथ मिलाने का ऐलान किया था. ताजा खबर ये है कि जियो और एयरटेल की तरफ से सरकार के उस फैसले का विरोध किया जा रहा है, जिसके तहत सैटेलाइट स्पेक्ट्रम सर्विस को बहुत सस्ती दरों पर देने की तैयारी हो रही है. इंडियन टेलिकॉम रेग्युलेटरी ने मई के महीने में एक प्रपोजल दिया था जिसके मुताबिक, सैटेलाइट सर्विस प्रोवाइडर को अपने रेवेन्यू का केवल 4% गवर्नमेंट को सर्विस चार्ज के तौर पर देना होगा. इस आर्टिकल में जानेंगे कि आखिरकार Starlink क्या है और इसके आने का इंडियन टेलिकॉम कंपनियों पर किस तरह असर होगा.

What is Starlink?

Starlink एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स का सैटेलाइट इंटरनेट डिविजन है.यह दुनिया का पहला और सबसे बड़ा  satellite constellation (नेटवर्क ऑफ सैटेलाइट) है. स्टारलिंक लो अर्थ ऑर्बिट का इस्तेमाल ब्रॉडबैंड इंटरनेट सर्विस के लिए करता है. यह हाई स्पीड एंड low-latency (मिनिमल टाइम डिले) के साथ दुनियाभर में सस्ता इंटरनेट सर्विस उपलब्ध करवाती है. इसके 5000 से अधिक सैटेलाइट लोअर ऑर्बिट में हैं और 70 से अधिक देशों में स्टारलिंक इंटरनेट सर्विसेज उपलब्ध है.

Starlink के ग्रोथ की पूरी कहानी

स्टारलिंक SpaceX का ही इंटरनेट डिविजन है, जिसने 2015 में पहली बार अमेरिकी फेडरल कम्युनिकेशन कमिशन के सामने सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस को लेकर एप्लीकेशन दिया था. 2019 में पहली बार 60 ऑपरेशनल स्टारलिंक सैटेलाइट को लॉन्च किया गया था. 2020 में अमेरिका और कनाडा में स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस शुरू की गई. 2021 तक 12 से अधिक देशों में इसकी सर्विस उपलब्ध हो गई और 1000 से अधिक स्टारलिंक सैटेलाइट ऑर्बिट में लॉन्च की जा चुकी थी. 2023 में स्टारलिंक ने  Direct-to-Cell प्लान को लॉन्च किया और दुनियाभर के टेलिकॉम जाएंट्स के साथ करार किया गया. 2024 के आधार पर स्टारलिंक के 5000 से अधिक सैटेलाइट स्पेस में है और 70+ से अधिक देशों में इसकी सर्विसेज उपलब्ध है. 2025 में इसका फोकस अब टेलिकॉम से हटकर मोबिलिटी, एविएशन और एंटरप्राइजेज सर्विसेज पर है.

भारत में क्या सर्विस देगी Starlink?

अब जब Starlink के भारत में आने का रास्ता साफ हो चुका है तो यह जानना जरूरी है कि इसका मकसद उन सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में इंटरनेट सर्विसेज को उपलब्ध करवाना है जहां ट्रेडिशनल टेलिकॉम कंपनियां जैसे रिलायंस जियो, एयरटेल, वोडाफोन आइडिया, BSNL का पहुंचना दूभर है. ऐसे में स्टारलिंक का डायरेक्ट कॉम्पिटिशन इन कंपनियों से नहीं है. यही वजह है कि मार्च में जियो और एयरटेल ने अपने यूजर्स के बेहतर इंटरनेट एक्सपीरियंस के लिए स्टारलिंक के साथ हाथ मिलाया था. जानकारी के मुताबिक, शुरू में स्टारलिंक 50 हजार यूजर्स के साथ इंटरनेट सर्विस लॉन्च करेगी.

Starlink का प्लान कितना महंगा होगा?

सेंट्रम ब्रोकिंग ने अपनी डीटेल रिपोर्ट में बताया कि स्टारलिंक का बेसिक प्लान 850 रुपए का हो सकता है जिसमें हर महीने 50GB डेटा मिलेगा. अनलिमिटेड डेटा प्लान 2500-3400 रुपए तक का हो सकता है. इक्विपमेंट बॉक्स की कीमत 21-43 हजार रुपए तक हो सकती है जिसके कारण एडॉप्शन रेट लो होगा. ऐसे में कंपनी सब्सक्रिप्शन मॉडल ला सकती है. अर्बन सिटीज की बात करें तो 400-500 रुपए में ब्रॉडबैंड सर्विसेज उपलब्ध हो जाती है जिसके कारण स्टारलिंक को यहां भी परेशानी होगी. ऐसे में Starlink की उपयोगिता दुर्गम एरिया के लिए बेहतर होगी. एयरटेल और जियो ने इसी कारण कंपनी से हाथ मिलाया है. ब्रोकरेज का मानना है कि नियर टर्म में स्टारलिंक का टेलिकॉम कंपनियों और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स पर निगेटिव असर नहीं होगा. यह यूजर्स के लिए प्रीमियम ऑफरिंग होगी.

Telecom Stocks में क्या करें?

सेंट्रम ब्रोकिंग ने कहा कि वह टेलिकॉम कवरेज कंपनियों में Bharti Airtel और Indus Towers पर बुलिश है और BUY रेटिंग दी गई है. एयरटेल के लिए 2168 रुपए और इंडस टावर के लिए 509 रुपए का टारगेट दिया गया है. इसके अलावा Vodafone Idea  और Tata Communications के लिए रिड्यूस रेटिंग दी गई है और 7 रुपए/1618 रुपए का टारगेट दिया गया है.

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