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गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों के शेयर ने कर दी मौज, RBI के एक आदेश से करीब 8% तक उछल गए स्टॉक्स

गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों के शेयर ने कर दी मौज, RBI के एक आदेश से करीब 8% तक उछल गए स्टॉक्स

Last Updated on जून 9, 2025 3:32, पूर्वाह्न by Pawan

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गोल्ड लोन लेने वालों को बड़ी राहत दी है। रिजर्व बैंक ने सोने के लोन के नियमों में बदलाव किया है। इससे सोना गिरवी रखकर लोन लेने वाली कंपनियों के शेयरों में उछाल आया है। शुक्रवार को Muthoot Finance, Manappuram Finance और IIFL Finance के शेयर 2 से 7% तक बढ़ गए।

रिजर्व बैंक ने 2.5 लाख रुपये से कम के सोने के लोन के लिए Loan-to-Value (LTV) अनुपात की सीमा बढ़ा दी है। एलटीवी का मतलब है कि आप सोने की कीमत का कितना प्रतिशत लोन के रूप में ले सकते हैं। पहले यह सीमा 75% थी, जिसे अब बढ़ाकर 85% कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अगर आपके पास 1 लाख रुपये का सोना है तो आप अब 85,000 रुपये तक का लोन ले सकते हैं।

कितनी आई शेयर में तेजी?

शुक्रवार को मुथूट फाइनेंस का शेयर 6.70% की तेजी के साथ 2446.70 रुपये पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान इसमें 7.73 फीसदी की तेजी आ गई थी। वहीं मणप्पुरम फाइनेंस का शेयर 5.63% की तेजी के साथ 247.60 रुपये पर बंद हुआ था। दिन में इसमें 6 फीसदी तक की तेजी आई थी। इसी प्रकार आईआईएफएल फाइनेंस का शेयर 5.18% की बढ़त के साथ 451.05 रुपये पर बंद हुआ था। यह शेयर दिन में कारोबार के दौरान 5.63 फीसदी तक उछल गया था।

लॉन्ग टर्म में अच्छा रहा है रिटर्न

इन तीनों कंपनियों का लॉन्ग टर्म का रिटर्न देखें तो इन्होंने निवेशकों की झोली भर दी है। मुथूट फाइनेंस ने एक साल में करीब 40 फीसदी तो 5 साल में 150 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है। वहीं मणप्पुरम फाइनेंस शेयर का भी एक साल का रिटर्न करीब 40 फीसदी रहा है। हालांकि 5 साल में इसने निवेशकों को निराश किया है। 5 साल का रिटर्न करीब 70 फीसदी रहा है।

बात अगर आईआईएफएल फाइनेंस के शेयर की करें तो एक साल में इसने निवेशकों का नुकसान किया है। एक साल में इसके रिटर्न में करीब 8 फीसदी की गिरावट आई। वहीं 5 साल में इसने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। इसका 5 साल का रिटर्न 586 फीसदी रहा है।

गोल्ड लोन लेने वालों को भी राहत

रिजर्व बैंक के गवर्नर ने यह भी कहा कि छोटे सोने के लोन के लिए क्रेडिट अप्रैजल की जरूरत नहीं होगी। क्रेडिट अप्रैजल का मतलब है कि बैंक यह जांच नहीं करेगा कि आप लोन चुका पाएंगे या नहीं।

साथ ही Priority Sector Lending (PSL) कैटेगरी के तहत आने वाले लोन के लिए ही एंड-यूज मॉनिटरिंग की जाएगी। एंड-यूज मॉनिटरिंग का मतलब है कि बैंक यह देखेगा कि आप लोन का इस्तेमाल किस काम के लिए कर रहे हैं। इन नियमों से कागजी कार्रवाई कम होगी, लोन जल्दी मिलेगा और बैंकों के लिए नियमों का पालन करना आसान हो जाएगा।

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