Markets

टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी, 7% तक उछले गोकलदास और KPR मिल के भाव, जानें कारण

टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी, 7% तक उछले गोकलदास और KPR मिल के भाव, जानें कारण

Last Updated on जुलाई 8, 2025 17:24, अपराह्न by Pawan

Textile Stocks: अमेरिका की ट्रंप सरकार ने बांग्लादेश पर 35% टैरिफ लगाने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद आज 8 जुलाई को भारतीय टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया। गोकलदास एक्सपोर्ट्स, केपीआर मिल, वर्धमान टेक्सटाइल्स जैसी कंपनियों के शेयरों में 7% तक की तेजी आई। सुबह 9.30 बजे के करीब, गोकलदास एक्सपोर्ट्स और वर्धमान टेक्सटाइल्स के शेयर 7% चढ़कर क्रमशः 967.85 रुपये और 533.1 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे। इसके अलावा सियाराम सिल्क मिल्स और नाहर स्पिनिंग मिल्स के शेयरों में भी 4% तक की तेजी देखी गई, जबकि केपीआर मिल के शेयरों में 2% की मजबूती दर्ज की गई।

टैरिफ का असर

अमेरिका ने बांग्लादेश से आने वाले टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स पर 35% का टैरिफ यानी आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है। यह अप्रैल में घोषित 37% टैरिफ से थोड़ा कम जरूर है, लेकिन यह अब भी मूल टैरिफ दर 10% से कहीं अधिक है। यह नया टैरिफ 1 अगस्त से लागू होगा, और तब तक इसके ऊपर बातचीत की संभावना बनी हुई है।

बांग्लादेश की अमेरिका में रेडीमेड गारमेंट बाजार में 9% हिस्सेदारी है, जबकि वियतनाम की हिस्सेदारी 19% है। भारत की बाजार हिस्सेदारी 6% है, लेकिन बढ़ते अमेरिकी टैरिफ के बीच भारत को इन दोनों देशों पर कॉम्पिटिटिव बढ़त मिल सकती है।

वियतनाम के साथ अमेरिका का जो व्यापार समझौते हुआ है, उसके तहत वियतनाम से सीधे आने वाले वस्त्रों पर 20% टैरिफ और अन्य देशों से होकर आने वाले उत्पादों पर 40% टैरिफ लगाया गया है। इस कदम से भारत को वियतनाम पर भी रणनीतिक बढ़त मिल सकती है, बशर्ते अमेरिका के साथ भारत का प्रस्तावित व्यापार समझौता उचित शर्तों के साथ हो।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर नजर

भारतीय प्रतिनिधिमंडल हाल ही में वाशिंगटन से लौटा है और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। यदि इस समझौते के तहत भारत के लिए टैरिफ कम किए जाते हैं, तो भारतीय टेक्सटाइल कंपनियों को अमेरिकी बाजार में बड़ी हिस्सेदारी हासिल हो सकती है।

हालांकि, एनालिस्ट्स का यह भी कहना है कि यदि भारत के टैरिफ में कोई बदलाव नहीं होता है, तो वियतनाम के मुकाबले भारत की कॉम्पिटिटिव स्थिति कमजोर पड़ सकती है।

Source link

Click to comment

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Most Popular

To Top