Last Updated on जुलाई 15, 2025 15:52, अपराह्न by
Defence PSU Stocks: डिफेंस पीएसयू (Defence PSU) हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिडेट (Hindustan Aeronautics Ltd) पर बड़ी खबर है. कंपनी को स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (LCA) तेजस मार्क-1ए के लिए GE-404 इंजन मिला है. भारतीय फाइटर जेट तेजस मार्क-1ए (Tejas Markt-1A) के निर्माण में अब तेजी आएगी. अमेरिकी कंपनी ने भारत को जेट इंजन की सप्लाई शुरू कर की है. यह अमेरिकी कंपनी से मिला दूसरा जेट इंजन है.
HAL बना रही तेजस फाइटर जेट
सरकारी डिफेंस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) तेजस का निर्माण कर रही है. HAL को इस वित्त वर्ष के अंत तक कुल 12 GE-404 इंजन मिलने हैं. ये सभी इंजन भारतीय लड़ाकू विमान Tejas Markt-1A में लगाए जाएंगे. बता दें कि भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) ने अपनी फ्लीट के लिए 83 एलसीए मार्क-1ए लड़ाकू विमानों (LCA Mark 1A Fighter Jet) का ऑर्डर दिया है. दरअसल भारतीय वायुसेना को नए लड़ाकू विमानों की जरूरत है. इसके लिए वायुसेना ने स्वदेशी लड़ाकू का विकल्प चुना है.
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इन लड़ाकू विमानों की आपूर्ति में हो रही देरी को लेकर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह अलग-अलग मौकों पर अपना बात भी रख चुके हैं. उन्होंने एलसीए मार्क-1ए (LCA Mark 1A) की लड़ाकू विमानों की आपूर्ति में हो रही देरी को स्वीकार किया और इसको लेकर चिंता व्यक्त की थी. माना जा रहा है कि अब वायुसेना को जल्द नए विमानों की आपूर्ति की जा सकेगी.
ये स्वदेशी लड़ाकू विमान आत्मनिर्भर भारत के तहत भारत में ही बनाए जा रहे हैं. इन विमानों का निर्माण HAL के द्वारा किया जा रहा है. एचएएल ने एलसीए मार्क-1ए लड़ाकू विमानों की आपूर्ति में हो रही देरी को लेकर कहा था कि वे एयरफोर्स की चिंताओं से वाकिफ हैं. एचएएल को इंजन का इंतजार था. अब अमेरिका से इंजन मिलना शुरू हो गया है. इस साल (2025-26) में कुल एक दर्जन एविएशन इंजन मिल जाएंगे. ऐसे में वायुसेना को एलसीए मार्क-1ए (LCA Mark 1A) की सप्लाई जल्द शुरू हो जाएगी. भारतीय वायुसेना ने 83 तेजस एमके-1ए का ऑर्डर एचएएल को दिया है.
एचएएल का कहना है कि विदेश से इंजन न मिलने के कारण इन विमानों की आपूर्ति में देरी हुई. ऐसे समय में जब भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन तेजी से कम हो रही हैं तो अब एलसीए के मार्क-1ए (Mk1A) वर्जन की सप्लाई से स्थिति बेहतर हो सकती है. इससे वायुसेना की क्षमता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
Mk1A के 83 विमानों की मंजूरी
दरअसल रक्षा मंत्रालय स्वदेशी एलसीए प्रोजेक्ट को वायुसेना की मुख्य ताकत बनाने में जुटा है. यानी वायु सेना के लिए ज्यादा से ज्यादा एलसीए की स्क्वाड्रन उपलब्ध कराई जाएंगी. फिलहाल, वायुसेना के पास दो एलसीए-तेजस (मार्क-1) की स्क्वॉड्रन है जिन्हें तमिलनाडु के सुलूर एयरबेस पर तैनात किया गया है. केंद्र सरकार ने मार्क-1ए के कुल 83 विमानों की मंजूरी दी है. इसके अलावा 97 अतिरिक्त विमानों के लिए योजना बनाई गई है. कुल 220 एलसीए विमान, वायुसेना के मिग-21, मिग-29 और मिराज की जगह लेंगे, जो अब पुराने हो चुके हैं. इसके साथ ही सरकार ने एलसीए के मार्क-2 (Mk2) वर्जन यानी मीडियम वेट फाइटर एयरक्राफ्ट के लिए भी मंजूरी दी है.
HAL Share Price
डिफेंस पीएसयू स्टॉक (Defence PSU Stock) मंगलवार को 0.17 फीसदी की बढ़त के साथ 4,895.05 रुपये पर बंद हुआ है. स्टॉक का प्रदर्शन देखें तो यह 3 महीने में 16 फीसदी और 6 महीने में 28 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुका है. जबकि इस साल शेयर में अब तक 17 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है. हालांकि, पिछले एक साल में शेयर 11 फीसदी से ज्यादा करेक्ट हो चुका है. वहीं, बीते दो वर्ष में शेयर 155 फीसदी, 3 वर्ष में 467 फीसदी और 5 साल में 1,031 फीसदी चढ़ा है.