Last Updated on जुलाई 23, 2025 13:31, अपराह्न by Pawan
Suzlon Energy ने घोषणा की कि मद्रास में माननीय उच्च न्यायालय ने सीजीएसटी और केंद्रीय उत्पाद शुल्क के संयुक्त आयुक्त के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें कंपनी पर ₹1,18,39,093 का जुर्माना लगाया गया था। यह आदेश 21 जुलाई, 2025 को रद्द किया गया था, और कंपनी को 22 जुलाई, 2025 को प्राप्त हुआ।
पृष्ठभूमि
यह मामला सीजीएसटी और केंद्रीय उत्पाद शुल्क, चेन्नई नॉर्थ कमिश्नरेट, चेन्नई के आयुक्त कार्यालय द्वारा लगाए गए ₹1,18,39,093 के जुर्माने से संबंधित है। Suzlon Energy ने पहले 28 फरवरी, 2025 को इस जुर्माने के बारे में जानकारी दी थी।
उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप
Suzlon Energy ने सीजीएसटी और केंद्रीय उत्पाद शुल्क के संयुक्त आयुक्त के आदेश के खिलाफ मद्रास में माननीय उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर की। उच्च न्यायालय ने 21 जुलाई, 2025 के अपने आदेश में उक्त आदेश को रद्द कर दिया।
कंपनी का बयान
यह घोषणा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड और BSE लिमिटेड को की गई, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि यह जानकारी सदस्यों और आम जनता के लिए उपलब्ध है।
Suzlon Energy ने सीजीएसटी और केंद्रीय उत्पाद शुल्क के संयुक्त आयुक्त के आदेश के खिलाफ मद्रास में माननीय उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर की। उच्च न्यायालय ने 21 जुलाई, 2025 के अपने आदेश में उक्त आदेश को रद्द कर दिया।
कंपनी का बयान
यह घोषणा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड और BSE लिमिटेड को की गई, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि यह जानकारी सदस्यों और आम जनता के लिए उपलब्ध है।