Last Updated on अगस्त 28, 2025 12:47, अपराह्न by Khushi Verma
हॉन्ग कॉन्ग की ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए का कहना है कि रूस से कच्चा तेल खरीदने पर भारत को उम्मीद से कम मुनाफा ही मिल रहा है। भारत में अभी जितना तेल बाहर से आ रहा है, उसमें से 36% तो रूस का है जो वैश्विक मांग का करीब 5% ही है। सीएलएसए के मुताबिक अगर रूस से भारत कच्चा तेल खरीदना बंद करता है तो इसके भाव $90-100 प्रति बैरल तक उछल सकते हैं। सीएलएसए का कहना है कि कच्चे तेल के आयात का मुद्दा अब राजनीतिक हो गया है, फिर भी भारत वैश्विक नियमों के भीतर व्यापार करने के अपने सोवरेन अधिकार पर जोर दे रहा है।