Last Updated on November 28, 2025 16:42, PM by Pawan
Ratan Tata Villla: रतन टाटा अपने विजन के लिए जाने जाते थे। टाटा समूह ने रतन टाटा की लीडरशीप में टाटा नैनो लॉन्च, टेटली टी, जगुआर लैंड रोवर और डेवू मोटर्स के ट्रक डिविजन को खरीदा। रतन टाटा ने अपने समय में प्रॉपर्टी में भी निवेश किया। रतन टाटा ने करीब 20 साल पहले सेशेल्स में एक विला 55 लाख रुपये में खरीदा था। जिसे आज एक परिवार 55 करोड़ रुपये में खरीदने के लिए तैयार है।
भारत से हजारों किलोमीटर दूर, हिंद महासागर के बीचों-बीच बसे शांत और हरे-भरे द्वीप सेशेल्स में रतन टाटा का विला चर्चा का विषय बना हुआ है। यह विला माहे (Mahe) द्वीप के एक बेहद सुंदर और शांत इलाके में स्थित है, जहां नीला समुद्र और सफेद रेत इसे पोस्टकार्ड जैसा दृश्य बनाते हैं। यह विला 20 साल पहले इंडस्ट्रलिस्ट रतन टाटा ने खरीदा था। वो भी ऐसे समय में जब विदेशी नागरिकों को सेशेल्स में संपत्ति खरीदने की अनुमति लगभग नहीं मिलती थी। उन्हें यह छूट दिलाने में मदद की थी उनके करीबी मित्र और एयरसेल के फाउंडर सी शिवसंकरन ने की जिनके पास सेशेल्स की नागरिकता थी।
अब कौन खरीदना चाहता है यह विला?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अब इस विला को फिर से खरीदने में स्वयं शिवसंकऱन का परिवार दिखा रहा है। रतन टाटा ने अपने निधन से पहले वसीयत में इस विला को अपनी सिंगापुर स्थित निवेश फर्म RNT Associates को सौंपा था। वैल्युएशन करने वालों ने इस विला की कीमत करीब 85 लाख रुपये बताई है, लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि शिवसंकऱन की फैमिली इस विला के लिए 6.2 मिलियन डॉलर यानी लगभग 55 करोड़ रुपये देने के लिए तैयार है।
हालांकि जब शिवसंकऱन से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता आप किस बारे में बात कर रहे हैं। उनके इस जवाब से साफ है कि बातचीत बेहद संवेदनशील है और अभी विला खरीदने को लेकर बातचीत चल रही है।
रतन टाटा और शिवसंकऱन की दोस्ती की झलकें
यह रिश्ता सिर्फ कारोबार तक सीमित नहीं था। शिवसंकरन खुद बताते हैं कि वह लगातार 7 साल तक हर सुबह 7:15 बजे मुंबई में रतन टाटा के घर जाते थे और करीब 45 मिनट उनके साथ बिताते थे। कई बार यह बातचीत तब होती जब टाटा साहब अपनी मॉर्निंग वर्कआउट कर रहे होते।
उनकी दोस्ती की एक और कहानी भी फेमस है। एक बार वे दोनों सिंगापुर से सेशेल्स जा रहे थे, तभी विमान के एक इंजन में खराबी आ गई। यात्रियों में घबराहट फैल गई। शिवसंकरन इतने घबरा गए कि उन्होंने अपना Gmail पासवर्ड भी बेटे को ईमेल कर दिया। लेकिन रतन टाटा शांत रहे। उन्होंने बस इतना कहा कि पायलट को अपना काम करने दो। यह एक लाइन उनके भरोसेमंद और शांत स्वभाव का उदाहरण बन गई।
टाटा ग्रुप और सेशेल्स का पुराना रिश्ता
सेशेल्स और टाटा ग्रुप का रिश्ता दशकों पुराना है। 1982 में सेशेल्स ने टाटा मोटर्स पर एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया था। हालांकि, आज टाटा मोटर्स या ताज होटेल्स की वहां कोई एक्टिव मौजूदगी नहीं है।
इस विला की सेल जितनी सीधी दिखती है, उतनी है नहीं। सी शिवसंकऱन इस समय सेशेल्स सुप्रीम कोर्ट में दिवालियापन के प्रोसेस का सामना कर रहे हैं। ऐसे में अगर उनका परिवार यह विला खरीदना चाहता है तो कानूनी पेचीदगियां काफी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार शिवसंकरन के बेटे सरवणा शिवसंकरन Marlo Technologies के फाउंडर इस खरीद प्रक्रिया में गहराई से जुड़े हुए हैं।