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Stocks To Buy: 45% तक रिटर्न दे सकते हैं ये चुनिंदा रियल एस्टेट शेयर, एमके ग्लोबल ने लगाया दांव

Stocks To Buy: 45% तक रिटर्न दे सकते हैं ये चुनिंदा रियल एस्टेट शेयर, एमके ग्लोबल ने लगाया दांव

Last Updated on दिसम्बर 2, 2025 14:16, अपराह्न by Pawan

Stocks To Buy: ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल ने भारत के रियल एस्टेट सेक्टर पर कवरेज शुरू किया है, और इस सेक्टर पर मोटे तौर पर पॉजिटिव नजरिया अपनाया है। ब्रोकरेज ने लोढ़ा डेवलपर्स, सनटेक रियल्टी और अरविंद स्मार्टस्पेसेज के शेयरों को ‘खरीदने’ की सलाह दी है। वहीं DLF के शेयर को इसने पोर्टफोलियो में ‘जोड़ने’ रेटिंग और ओबेरॉय रियल्टी को ‘घटाने’ की सलाह है।

ब्रोकेरज ने लोढ़ा डेवलपर्स के शेयर के लिए लिए 1,500 रुपये का टारगेट प्राइस किया है, जो इसमें मौजूदा स्तरों से 33% तक के बढ़त का अनुमान है। वहीं DLF के लिए इसने 810 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है, जो इसमें करीब 14 प्रतिशत उछाल की संभावना दिखाता है।

एमके ग्लोबल सबसे अधिक बुलिश सनटेक रियल्टी पर है, जिसे इसने 610 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यह इसके शेयरों में मौजूदा स्तर से करीब 45% तक की बढ़त का अनुमान है। वहीं अरविंद स्मार्टस्पेसेज के लिए इसने 850 रुपये का टारगेट तय किया है, जो 39 प्रतिशत की संभावित तेजी का अनुमान लगाता है।

दूसरी ओबेरॉय रियल्टी के लिए ब्रोकरेज ने 1,650 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जो इसमें 2% की मामूली बढ़त का अनुमान है।

एमके का कहना है कि वित्त वर्ष 2011 से वित्त वर्ष 2025 के बीच लिस्टेड रियल एस्टेट कंपनियों का मार्केट शेयर दोगुना होकर 15 प्रतिशत पर पहुंच गया है। ब्रोकरेज ने कहा कि हाउसिंग सेक्टर में रेजिडेंशियल डिमांड मजबूत बनी हुई है और भविष्य में इसके जारी रहने की पूरी उम्मीद है।

ब्रोकरेज ने स्मॉलकैप और मिडकैप साइज कंपनियों को प्राथमिकता दी है, जिनके बारे में उसका अनुमान है कि वे वित्त वर्ष 2025 से 2028 के बीच 25 से 35 प्रतिशत की प्री-सेल्स ग्रोथ दर्ज कर सकती हैं। इसका कारण कम बेस इफेक्ट और उनके मार्केट शेयर में लगातार बढ़ोतरी माना जा रहा है। लार्जकैप कंपनियों में ब्रोकरेज ने लोढ़ा डेवलपर्स को बेहतर ग्रोथ विजिबिलिटी और डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो के चलते अपना टॉप पिक्स बताया है।

एमके ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि वह जिन रियल एस्टेट कंपनियों को कवर करता है, उनका कैश जेनरेशन मजबूत दिख रहा है। इनके नेट ऑपरेटिंग कैश फ्लो कलेक्शंस का 30 से 60 प्रतिशत तक है। पिछले तीन से चार सालों में बिजनेस डेवलपमेंट मजबूत रहा है, जबकि वित्त वर्ष 2017 के बाद से इंडस्ट्री का शुद्ध कर्ज 65 प्रतिशत कम हुआ है। इससे रियल एस्टेट कंपनियां आने वाले ग्रोथ फेज के लिए बेहतर स्थिति में हैं और संभावित जोखिमों का सामना करने में सक्षम हैं।

ब्रोकरेज का मानना है कि अरविंद स्मार्टस्पेसेज और सनटेक रियल्टी जैसी कंपनियां आकर्षक वैल्यूएशन पर कारोबार कर रही हैं और वे अपनी नेट एसेट वैल्यू (NAV) से 10 से 20 प्रतिशत डिस्काउंट पर ट्रेड कर रही हैं। लोढ़ा भी मौजूदा स्तरों पर आकर्षक बना हुआ है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि लोढ़ा के लिए तय किया गया टारगेट प्राइस उसकी NAV पर 45 प्रतिशत प्रीमियम दिखाता है, जो पिछले एक से दो सालों में देखे गए स्तरों से कम है। एमके ने DLF को उसकी NAV पर वैल्यू किया है, क्योंकि ब्रोकरेज को यहां सीमित ग्रोथ और कम डायवर्सिफिकेशन की उम्मीद है। वहीं ओबेरॉय रियल्टी को पहले से ही प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड करने के चलते 50 प्रतिशत NAV प्रीमियम के साथ ‘फेयरली प्राइस्ड’ माना गया है।

डिस्क्लेमरः एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

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