Last Updated on दिसम्बर 6, 2025 17:55, अपराह्न by Khushi Verma
IPO Watch: अगले सप्ताह आईपीओ की झड़ी लग रही है। सोमवार से शुक्रवार के बीच मेन बोर्ड और एसएमई के कुल 12 आईपीओ बाजार में आ रहे हैं। ये बाजार से करीब 14,000 करोड़ रुपये जुटाएंगे। इससे 2025 के आईपीओ कैलेंडर का आखिरी पखवाड़ा काफी व्यस्त रहने की उम्मीद है।
सोमवार को खुलेंगे पांच आईपीओ
इस आईपीओ की गहमागहमी की शुरुआत अगले सोमवार यानी 8 दिसंबर से होगी। इसी दिन कोरोना रेमेडीज़ (Corona Remedies) और वेकफिट इनोवेशंस (Wakefit Innovations) के आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेंगे। ये दोनों मेनबोर्ड आईपीओ हैं। इसी दिन के.वी.टॉयज इंडिया, प्रोडॉक्स सॉल्यूशंस और रिद्धि डिस्प्ले इक्विपमेंट्स के आईपीओ भी खुल रहे हैं। ये तीनों बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे।
कोरोना रेमेडीज
कोरोना रेमेडीज एक मध्यम आकार की फार्मा कंपनी है, जिसकी घरेलू बिक्री में अच्छी ग्रोथ देखी जा रही है। यह कंपनी 655.37 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (Offer for Sale) लाएगी। इसके शेयर की कीमत 1,008 से 1,062 रुपये प्रति शेयर के बीच तय की गई है। कंपनी के पास महिलाओं के स्वास्थ्य, कार्डियो-डायबिटीज और दर्द निवारक दवाओं का एक बड़ा पोर्टफोलियो है। पूरे भारत में इसका मार्केटिंग नेटवर्क भी काफी मजबूत है। इस कंपनी की लगातार मुनाफे वाली स्थिति और बढ़ते वितरण नेटवर्क को देखते हुए, एंकर बिडिंग (Anchor Bidding) में निवेशकों की अच्छी दिलचस्पी रहने की उम्मीद है।
वेकफिट इनोवेशंस
फर्नीचर और होम सॉल्यूशंस ब्रांड वेकफिट इनोवेशंस (Wakefit Innovations) भी इसी दिन अपना 1,288.89 करोड़ रुपये का आईपीओ खोलेगा। इसके शेयर की कीमत 185 से 195 रुपये प्रति शेयर रखी गई है। वेकफिट, जो ऑनलाइन गद्दे बनाने और बेचने के लिए जानी जाती है और अब घर के दूसरे सामान भी बनाती और बेचती है। यह इस महीने के सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले कंज्यूमर इंटरनेट लिस्टिंग में से एक है। बाज़ार इस बात के संकेत देखना चाहता है कि क्या लोग गैर-ज़रूरी सामानों पर खर्च करने के लिए तैयार हैं।
तीन एसएमई आईपीओ
सोमवार को ही इसके अलावा, टेक-आधारित डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट फर्म प्रोडॉक्स सॉल्यूशंस (Prodocs Solutions) का छोटा, 27.6 करोड़ रुपये का आईपीओ आ रहा है। इसी दिन रिद्धि डिस्प्ले इक्विपमेंट्स (Riddhi Display Equipments) का आईपीओ भी है, जो 8 दिसंबर को खुला कर 10 दिसंबर को बंद होगा। इसके अलावा, केवी टॉयज इंडिया का आईपीओ इसी दिन खुल कर 37.74 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है।
बुधवार को भी चार आईपीओ खुलेंगे
अगले सप्ताह बुधवार को भी चार आईपीओ खुल रहे हैं। इस दिन नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज (Nephrocare Health Services), पार्क मेडी वर्ल्ड (Park Medi World), शिपवेव्स ऑनलाइन (Shipwaves Online) और यूनिसेम एग्रीटेक (Unisem Agritech) अपने तीन-दिवसीय इश्यू खोलेंगे। नेफ्रोकेयर, जिसे आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज (ICICI Securities) का समर्थन प्राप्त है, 871 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसके शेयर की कीमत 438 से 460 रुपये प्रति शेयर के बीच होगी। यह डायलिसिस सेवाएं देने वाली कंपनी भारत की बढ़ती स्वास्थ्य ज़रूरतों, खासकर क्रोनिक किडनी रोगों के इलाज की बढ़ती मांग को देखते हुए एक अच्छा निवेश विकल्प मानी जा रही है। हॉस्पिटल चेन पार्क मेडी वर्ल्ड 920 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है, जबकि एक छोटी कृषि समाधान कंपनी यूनिसेम एग्रीटेक 21.45 करोड़ रुपये का लक्ष्य लेकर चल रही है। ये तीनों आईपीओ 12 दिसंबर को बंद हो जाएंगे। दो एसएमई आईपीओ यूनीसेम एग्रीटेक और शिपवेव्स ऑनलाइन क्रमश: 20.36 करोड़ और 53.53 करोड़ रुपये जुटाएंगे।
गुरुवार को पेजन एग्रो
अगले सप्ताह गुरुवार को एसएमई (SME) आईपीओ – पैजन एग्रो इंडिया (Pajson Agro India) 11 दिसंबर को खुलेंगे। यह कंपनी बाजार से 70.23 करोड़ रुपये जुटाएगी।
सप्ताह के अंत में आएगा बड़ा आईपीओ
इस सपताह के अंतिम दिन यानी 12 दिसंबर को आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी (ICICI Prudential AMC) का आईपीओ आ सकता है। इसकी योजना बाजार से 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की है। यह हाल के वर्षों में सबसे बड़े वित्तीय आईपीओ में से एक है। इसके प्राइस बैंड की घोषणा अगले सोमवार को हो सकती है।
आत्मविश्वास को दर्शाता है
विश्लेषकों का कहना है कि इतने सारे आईपीओ का एक साथ आना कंपनियों के आत्मविश्वास को दर्शाता है और बाज़ार में नए आईपीओ के लिए लगातार बनी हुई मांग का भी संकेत है। हालांकि, कुछ लोग यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (Foreign Portfolio Investors) लगातार बिकवाली कर रहे हैं, ऐसे में इतने सारे आईपीओ का आना बाज़ार पर भारी पड़ सकता है। हाल ही में निफ्टी (Nifty) ने नए रिकॉर्ड स्तर बनाए हैं, लेकिन यह बढ़त बहुत सीमित रही है। इससे यह चिंता बढ़ जाती है कि अगर इसी रफ्तार से फंड जुटाया जाता रहा तो बाज़ार की अवशोषण क्षमता (absorption capacity) पर असर पड़ सकता है।