Last Updated on दिसम्बर 8, 2025 11:48, पूर्वाह्न by Khushi Verma
Invicta Diagnostic IPO Listing: रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी सर्विसेज देने वाली इनविक्टा डायग्नॉस्टिक के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में 17% प्रीमियम पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 4 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹85 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹100.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 17.65% का लिस्टिंग गेन (Invicta Diagnostic Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹95.00 (Invicta Diagnostic Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 11.76% मुनाफे में हैं।
Invicta Diagnostic IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
इनविक्टा डायग्नॉस्टिक का ₹28.12 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 1-3 दिसंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 4.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.51 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 6.96 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.44 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 33,08,800 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹21.11 करोड़ महाराष्ट्र में पांच नए डायग्नोस्टिक सेंटर शुरू करने में मेडिकल इक्विपमेंट्स की खरीदारी और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Invicta Diagnostic के बारे में
जनवरी 2021 में बनी इनविक्टा डायग्नॉस्टिक रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी सर्विसेज देती है। मुंबई में 7 डायग्नॉस्टिक सेंटर्स और एक सेंट्रल लैब के जरिए यह पीसी डायग्नॉस्टिक्स ब्रांड के तहत इमेजिंग, रेडियोलॉजी और टेलीरेडियोलॉजी जैसी सर्विसेज देती है। यह हब-एंड-स्पोक मॉडल पर काम करती है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2025 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 29.40% उछलकर ₹4.93 और टोटल इनकम भी 89.81% उछलकर ₹30.18 पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹4.08 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹17.08 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हो चुकी है। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹3.72 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹14.42 करोड़ पड़े थे।