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IndiGo Share Price: ₹150000000000 स्वाहा… इंडिगो के शेयर हुए धड़ाम! दो घंटे में 7% से ज्यादा की गिरावट

IndiGo Share Price: ₹150000000000 स्वाहा… इंडिगो के शेयर हुए धड़ाम! दो घंटे में 7% से ज्यादा की गिरावट

Last Updated on दिसम्बर 8, 2025 13:33, अपराह्न by Pawan

इंडिगो संकट का असर सोमवार को इसके शेयर पर भी दिखाई दिया। इंडिगो एयरलाइंस की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (InterGlobe Aviation Ltd) के शेयर में सोमवार को बड़ी गिरावट आई। बाजार खुलने के दो घंटे में ही यह 7 फीसदी से ज्यादा गिर गया। सुबह 11:30 बजे बीएसई पर यह इंडिगो का शेयर 7.44% की गिरावट के साथ 4971.75 रुपये पर कारोबार कर रहा था।

इंडिगो के शेयर में गिरावट इसलिए भी आई क्योंकि एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने सीईओ पीटर एल्बर्स को हालिया बड़े पैमाने पर उड़ानों में आई रुकावटों को लेकर मिले शो-कॉज नोटिस का जवाब देने की समय सीमा बढ़ा दी है। वहीं, एयरलाइन ने यह भी बताया है कि उसका फ्लाइट नेटवर्क 10 दिसंबर तक स्थिर हो जाएगा। कंपनी ने ऑन-टाइम परफॉर्मेंस में सुधार और कैंसिलेशन में कमी की भी जानकारी दी है।

दो घंटे अरबों रुपये स्वाहा

इस गिरावट के कारण इंडिगो के निवेशकों को तगड़ी चोट लगी है। शुरुआती दो घंटे में ही कंपनी का मार्केट कैप करीब 15 हजार करोड़ रुपये कम होकर 1,92,116.20 करोड़ रुपये रह गया है। पिछले हफ्ते भी इसमें जबरदस्त गिरावट आई थी। पिछले हफ्ते कंपनी का मार्केट कैप करीब 16 हजार करोड़ रुपये गिर गया था। ऐसे में देखें तो 1 दिसंबर से अब तक इसके मार्केट कैप में 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की गिरावट आई है।

आज भी दिखा असर

इंडिगो फ्लाइट कैंसिलेशन का असर सोमवार को भी दिखा। अभी तक कुल 250 से ज्यादा उड़ानें कैंसिल हो चुकी हैं। दिल्ली एयरपोर्ट से 134 फ्लाइट और जम्मू-कश्मीर से 16 फ्लाइट कैंसिल हुईं। इंडिगो ने रद्द या अत्यधिक विलंबित उड़ानों के लिए अब तक 610 करोड़ रुपये के रिफंड की प्रक्रिया पूरी कर ली है। शनिवार तक 3,000 लगेज यात्रियों तक पहुंचा दिए गए हैं। वहीं डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को एक शो-कॉज नोटिस का जवाब देने के लिए अतिरिक्त 24 घंटे का समय दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इंडिगो की फ्लाइट कैंसिलेशन पर एक याचिकाकर्ता की अर्जेंट सुनवाई की मांग को ठुकरा दिया। देश भर के बड़े एयरपोर्ट्स पर फ्लाइट्स में रुकावटें जारी थीं। याचिकाकर्ता ने कहा कि बहुत सारे यात्री एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं और उन्हें तुरंत सुनवाई की जरूरत है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कोर्ट समझता है कि ‘लाखों लोग फंसे हुए हैं, कुछ का जरूरी काम होगा, कुछ की तबीयत खराब होगी।’ उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने पहले ही जरूरी कदम उठा लिए हैं और स्थिति को स्वीकार किया है। इसलिए, उन्होंने अर्जेंट सुनवाई की जरूरत नहीं समझी।

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