Uncategorized

Upper Circuit Share: 10 रुपये से कम के शेयर में 20% का अपर सर्किट, गिरते बाजार में पैसा बरसा गया यह स्टॉक

Upper Circuit Share: 10 रुपये से कम के शेयर में 20% का अपर सर्किट, गिरते बाजार में पैसा बरसा गया यह स्टॉक

Last Updated on दिसम्बर 8, 2025 14:57, अपराह्न by Khushi Verma

Penny Stock: शेयर मार्केट में सोमवार को बड़ी गिरावट रही। दोपहर 2 बजे तक सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा गिर गया था। वहीं एक शेयर में अपर सर्किट लग गया।

अपर सर्किट शेयर
 
नई दिल्ली: केसोराम इंडस्ट्रीज (Kesoram Industries) के शेयर सोमवार को रॉकेट की तरह ऊपर चढ़ गए। शेयर 20% की अपर सर्किट लिमिट को छूकर 7.82 रुपये पर पहुंच गए। इस शेयर में यह तेजी ऐसे समय आई जब सोमवार को स्टॉक मार्केट में बड़ी गिरावट रही। दोपहर 2 बजे सेंसेक्स करीब 750 अंकों की गिरावट के साथ 84,963 पर कारोबार कर रहा था।इस शेयर में तेजी इसलिए आई क्योंकि कंपनी के मालिकाना हक में बड़ा बदलाव आया है। अब बिड़ला परिवार का इस कंपनी से पूरा नाता खत्म हो गया है। यह खबर शुक्रवार को हुए एक बड़े ब्लॉक डील के बाद आई थी। इस डील में फ्रंटियर वेयरहाउसिंग लिमिटेड ने बीके बिड़ला ग्रुप की इस कंपनी में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी खरीद ली है। यह सब तब हुआ जब केसोराम ने अपने सीमेंट बिजनेस को अलग कर

क्या हुई है डील?

फ्रंटियर वेयरहाउसिंग की एंट्री एक शेयर खरीद समझौते के बाद हुई है। इस समझौते के तहत, फ्रंटियर वेयरहाउसिंग बिड़ला-कंट्रोल्ड प्रमोटर ग्रुप की कंपनियों से 13,29,69,279 शेयर खरीदेगी। हर शेयर की कीमत 4 रुपये होगी। यह डील करीब 53 करोड़ रुपये की है। इससे केसोराम की वोटिंग शेयर कैपिटल का 42.8% हिस्सा फ्रंटियर वेयरहाउसिंग के पास चला जाएगा। यह बिड़ला परिवार के स्वामित्व का अंत है।

बिड़ला परिवार का यह एग्जिट कुछ महीनों बाद हुआ है, जब अल्ट्राटेक सीमेंट ने केसोराम के सीमेंट डिवीजन को 1:52 के शेयर स्वैप रेशियो पर अपने में मिला लिया था। यह डीमर्जर 1 मार्च 2025 से प्रभावी हो गया है। यह एक कंपोजिट स्कीम के तहत हुआ है, जिसकी तारीख 1 अप्रैल 2024 थी। अब केसोराम के पास सिर्फ नॉन-सीमेंट बिजनेस बचा है।

क्या है कंपनी की स्थिति?

डीमर्जर के बाद केसोराम के पास कोई अलग से मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी नहीं है। कंपनी का सारा काम उसकी पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी, साइग्नेट इंडस्ट्रीज के जरिए चलता है। इसी सब्सिडियरी में रेयॉन, ट्रांसपेरेंट पेपर और केमिकल्स का बिजनेस है। बांसबेरिया, हुगली में जो स्पन पाइप्स और फाउंड्री यूनिट थी, वह या तो हमेशा के लिए बंद हो गई है या फिर सस्पेंड है। वहीं, हुगली जिले में ही जो रेयॉन प्लांट है, वह साइग्नेट के तहत काम कर रहा है।आर्थिक तौर पर कंपनी अभी भी मुश्किलों में है। केसोराम ने FY25 की सितंबर तिमाही के लिए 25.87 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट लॉस रिपोर्ट किया है। पिछले साल इसी तिमाही में यह लॉस 69.92 करोड़ रुपये था, तो इस बार थोड़ा कम हुआ है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 6.03% घटकर 55.17 करोड़ रुपये हो गया है। यह दिखाता है कि सीमेंट बिजनेस को अलग करने के बाद कंपनी का ऑपरेशन छोटा हो गया है।

एक महीने में गजब की तेजी

इस शेयर में पिछले कुछ दिनों में जबरदस्त तेजी आई है। बात अगर पिछले एक महीने की करें तो शेयर 50 फीसदी से ज्यादा उछला है। एक महीने पहले शेयर की कीमत 5.06 रुपये थी। अब यह शेयर 7.82 रुपये पर आ गया है। ऐसे में इसने एक महीने में निवेशकों को करीब 55% रिटर्न दिया है

Source link

Click to comment

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Most Popular

To Top