Last Updated on दिसम्बर 15, 2025 10:35, पूर्वाह्न by Pawan
Corona Remedies IPO Listing: घरेलू सेल्स के मामले में दूसरी सबसे तेज बढ़ रही दिग्गज फार्मा कंपनी कोरोना रेमेडीज के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 144 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹1062 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹1,452.00 और NSE पर ₹1,470.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 38% का लिस्टिंग गेन (Corona Remedies Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर NSE पर यह ₹1,432.50 (Corona Remedies Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 34.89% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹54 के डिस्काउंट पर मिला है।
Corona Remedies IPO को मिला था धांसू रिस्पांस
कोरोना रेमेडीज का ₹655.37 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 8-10 दिसंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 144.54 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 293.80 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 220.18 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 30.39 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 15.56 गुना भरा था। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का था और इश्यू के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 61,71,101 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है और चूंकि इश्यू के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है तो कंपनी को कोई पैसा नहीं मिला है।
Corona Remedies के बारे में
अगस्त 2004 में बनी कोरोनो रेमेडीज एक फार्मा कंपनी है महिलाओं के स्वास्थ्य, कार्डियोलॉजी, पेन मैनेजमेंट, यूरोलॉजी और अन्य प्रकार की थेरेपी से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। जून 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से इसके पोर्टफोलियो में 71 ब्रांड्स हैं। इसका मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क देश भर में फैला हुआ है। देश के 22 राज्यों में इसके 2671 एमआर हैं। इसकी दो मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं जोकि गुजरात में हैं। कंपनी के ताकत की बात करें तो घरेलू सेल्स के हिसाब से यह देश की 30 सबसे बड़ा फार्मा कंपनियों में सबसे तेज बढ़ रही दूसरी कंपनी है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹84.93 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹90.50 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹149.43 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना 16% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹1202.35 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली तिमाही अप्रैल-जून 2025 में कंपनी को ₹46.20 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹348.56 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हो चुकी है। जून 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹106.65 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹545.86 करोड़ पड़े थे।