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Phytochem Remedies IPO: आज से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया फाइटोकेम रेमेडीज का आईपीओ, यहां जानिए जीएमपी से लेकर तमाम डिटेल

Phytochem Remedies IPO: आज से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया फाइटोकेम रेमेडीज का आईपीओ, यहां जानिए जीएमपी से लेकर तमाम डिटेल

Last Updated on दिसम्बर 18, 2025 13:16, अपराह्न by Pawan

जम्मू की पैकेजिंग कंपनी फाइटोकेम रेमेडीज (इंडिया) का आईपीओ आज यानी गुरुवार को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम जीरो बताया जा रहा है। जिसका मतलब है कि अभी लिस्टिंग पर ज्यादा फायदे की उम्मीद नहीं है। कंपनी 98 रुपये प्रति शेयर के फिक्स्ड प्राइस पर 38.22 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है।

फ्रेश इश्यू है

बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर आया यह 39 लाख शेयरों का आईपीओ पूरा का पूरा फ्रेश इश्यू है। इसमें निवेशक आज से आवेदन करना शुरू कर सकते हैं। इसका सब्सक्रिप्शन अगले सप्ताह 22 दिसंबर को बंद होगा। इस शेयर के बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने की संभावित तारीख 26 दिसंबर है।

क्या है जीएमपी

अनौपचारिक ग्रे मार्केट में प्रीमियम अभी शेयर के इश्यू प्राइस के बराबर चल रहा है। इससे पता चलता है कि निवेशक एक फ्लैट शुरुआत की उम्मीद कर रहे हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि प्रीमियम का न होना एसएमई (SME) पेशकशों के प्रति सतर्क भावना को दर्शाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि नियम कड़े हो गए हैं और निवेशकों की दिलचस्पी चुनिंदा है।

रिटेल इन्वेस्टर्स को कितना निवेश करना होगा

इश्यू प्राइस पर, फाइटोकेम रेमेडीज का प्री-आईपीओ मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 115 करोड़ रुपये है। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश काफी ज्यादा है, 2.35 लाख रुपये। ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें कम से कम 2,400 शेयर खरीदने होंगे। नॉन-इंस्टीट्यूशनल और रिटेल कैटेगरी में इश्यू का लगभग 47.5% हिस्सा है। मार्केट मेकर, आफ्टरट्रेड ब्रोकिंग के लिए लगभग 5% आरक्षित है। फाइटोकेम रेमेडीज, एफएमसीजी (FMCG), खाद्य और पेय पदार्थ, फार्मास्यूटिकल्स, कीटनाशक और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले गत्ते के डिब्बे और बोर्ड बनाती है। कंपनी के जम्मू के बारी ब्राह्मणा में दो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट हैं और सितंबर 2025 तक 51 लोग काम करते हैं।

कैसी है कंपनी की वित्तीय स्थिति

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो पिछले दो सालों में इसकी मुनाफावसूली में काफी सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 25 में रेवेन्यू 12% बढ़ा, जबकि टैक्स के बाद मुनाफा लगभग दोगुना होकर 4.48 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में, कंपनी ने 3.75 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। कंपनी आईपीओ से मिले पैसों का इस्तेमाल मुख्य रूप से मशीनरी और सिविल कंस्ट्रक्शन पर पूंजीगत व्यय के लिए करना चाहती है। साथ ही, कुछ कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा।

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