Last Updated on दिसम्बर 20, 2025 9:51, पूर्वाह्न by Khushi Verma
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पहली बार 5 जुलाई 2019 को लाल कपड़े के कवर में बजट लेकर संसद पहुंचीं।
देश के 80वे केंद्रीय बजट की तैयारियां शुरू हो गई हैं, लेकिन इस बार बजट की तारीख को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। क्योंकि, साल 2026 में 1 फरवरी को रविवार है और उसी दिन गुरु रविदास जयंती भी है।
अगर 1 फरवरी को बजट पेश किया जाता है, तो 2017 में बजट की तारीख बदलने के बाद यह पहला मौका होगा जब रविवार को बजट पेश किया जाएगा। वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का ये आठवां बजट होगा। वे लगातार 8 बजट पेश करने वाली देश की पहली वित्तमंत्री बन जाएंगी।
शनिवार को बजट आने की उम्मीद कम साल 2020 और 2025 में भी बजट शनिवार (1 फरवरी) को पेश किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार बजट 31 जनवरी (शनिवार) को पेश नहीं किया जाएगा। अगर रविवार को बजट नहीं आता है, तो दूसरा विकल्प 2 फरवरी (सोमवार) का होगा। 2017 से पहले बजट फरवरी के आखिरी वर्किंग डे पर आता था, जिसे बदलकर 1 फरवरी किया गया ताकि 1 अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष सुचारू रूप से शुरू हो सके।
सरकार परंपरा को बरकरार रखना चाहती है मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि सरकार 1 फरवरी की अपनी परंपरा को बरकरार रखना चाहती है। संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि बजट की तारीख पर फैसला समय आने पर कैबिनेट कमेटी लेगी। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि गुरु रविदास जयंती केंद्र सरकार की ‘पब्लिक हॉलिडे’ लिस्ट में नहीं बल्कि ‘रिस्ट्रिक्टेड हॉलिडे’ में आती है। ऐसे में रविवार होने के बावजूद संसद की विशेष बैठक बुलाकर बजट पेश किया जा सकता है।
निर्मला सीतारमण बनाएंगी नया रिकॉर्ड बजट 2026-27 निर्मला सीतारमण का लगातार आठवां बजट होगा। इसके साथ ही वे पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगी। मोरारजी देसाई ने भी 8 पूर्ण बजट पेश किए थे, लेकिन उन्होंने दो अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में ऐसा किया था। वहीं, सीतारमण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली दो लगातार सरकारों में यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली वित्त मंत्री बनेंगी।
रविवार को संसद चलने के पुराने उदाहरण संसद के इतिहास में ऐसे कई मौके आए हैं जब रविवार या छुट्टियों के दिन भी सदन की कार्यवाही चली है। 2020 में कोरोना महामारी के दौरान और 2012 में संसद की 60वीं वर्षगांठ के मौके पर रविवार को बैठक हुई थी। इसी तरह 1957 में बुद्ध पूर्णिमा की छुट्टी होने के बावजूद राष्ट्रपति ने दोनों सदनों को संबोधित किया था। जानकारों का कहना है कि बजट एक संवैधानिक प्रक्रिया है, इसलिए विशेष परिस्थितियों में रविवार को सदन चल सकता है।