Last Updated on दिसम्बर 20, 2025 14:56, अपराह्न by Khushi Verma
इन्फोसिस के अमेरिकी शेयर शुक्रवार को बाजार खुलते ही उछल पड़े। यह तेजी ऐसी थी कि न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज को दो बार ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। इस दौरान कंपनी का मार्केट कैप अरबों डॉलर बढ़ गया। जानिए क्या है पूरा मामला…
रोकनी पड़ी ट्रेडिंग
रिपोर्ट के मुताबिक टिकर के नाम का यह गलत मेल स्वचालित ट्रेडिंग एल्गोरिदम को भ्रमित कर गया। ये सिस्टम ऐसे एसेट्स को ढूंढने के लिए बनाए गए हैं जो गलत कीमत पर हों या जिनमें अचानक तेजी आ रही हो। संभवतः, डेटा में इस गड़बड़ी को उन्होंने खरीदने का संकेत समझा। इससे एक फीडबैक लूप बन गया, जिससे कम ट्रेडिंग वॉल्यूम में कीमत को और बढ़ा दिया। इस कारण एक्सचेंज को दो बार ट्रेडिंग रोकनी पड़ी क्योंकि अस्थिरता बहुत बढ़ गई थी। यह सब ट्रेडिंग सेशन की शुरुआत में ही शुरू हो गया था।
यह अचानक आई तेजी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। Infosys के ADRs आखिरकार $20.22 पर बंद हुए, जो $1.04 या 5.42% की बढ़ोतरी थी। इस दौरान कुल 118.7 मिलियन की भारी मात्रा में ट्रेडिंग हुई। कंपनी ने एक्सचेंज को दी गई जानकारी में स्पष्ट किया कि ऐसी कोई भी महत्वपूर्ण घटना नहीं हुई है जिसे सेबी (SEBI) के नियमों के तहत बताने की आवश्यकता हो। इन्फोसिस के इस घटनाक्रम का असर विप्रो के ADRs पर भी पड़ा। विप्रो के ADRs 7% बढ़कर $3.06 पर बंद हुए, जबकि दिन के दौरान वे $3.09 के उच्च स्तर पर भी पहुंचे थे।