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Stocks to BUY: ये लगेज स्टॉक्स दिला सकते हैं 37% तक रिटर्न, ब्रोकरेज ने लगाया बड़ा दांव

Stocks to BUY: ये लगेज स्टॉक्स दिला सकते हैं 37% तक रिटर्न, ब्रोकरेज ने लगाया बड़ा दांव

Last Updated on दिसम्बर 26, 2025 11:43, पूर्वाह्न by Khushi Verma

Stocks to BUY: देश की लगेज इंडस्ट्रीज अब एक टिकाऊ रिकवरी के दौर मे प्रवेश कर रही है। साल 2023 से 2028 के बीच यह सेक्टर 12% की सालाना कंपाउंड ग्रोथ के साथ बढ़कर करीब ₹36,000 करोड़ के आकार तक पहुंच सकता है। ब्रोकरेज फर्म एलारा कैपिटल ने एक हालिया रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया है।

यह सेक्टर हाल के दिनों में इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि VIP Industries के प्रमोटर्स ने प्राइवेट इक्विटी फर्म Multiples को कंपनी की 32% हिस्सेदारी बेचने का सौदा हाल ही में पूरा किया है। इस ट्रांजैक्शन के बाद लगेज इंडस्ट्री पर निवेशकों की नजरें और तेज हो गई हैं।

एलारा कैपिटल का मानना है कि लगेज सेगमेंट में ब्रांडेड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 2024 के 54% से बढ़कर 2027 तक 60% हो सकती है। इसकी वजह यह है कि किफायती और प्रीमियम दोनों सेगमेंट में उपयोगिता (फंक्शनलिटी) पर आधारित मांग तेजी से बढ़ रही है।

 

बढ़ते कॉम्पिटीशन ने बदला इंडस्ट्री का स्वरूप

रिपोर्ट के अनुसार, पहले जहां इस इंडस्ट्री में मुकाबला मुख्य रूप से VIP इंडस्ट्रीज, सैमसोनाइट (Samsonite) और सफारी इंडस्ट्रीज तक सीमित था, लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। कई डिजिटल-ओनली ब्रांड्स, प्राइवेट लेबल्स और D2C (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर) कंपनियों ने आक्रामक तरीके विस्तार किया है। हालांकि, एलारा का कहना है कि D2C कंपनियां ऑफलाइन पहुंच की सीमाओं और ऊंचे कस्टमर एक्विजिशन लागत की वजह से पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच पा रही हैं।

सफारी और VIP इंडस्ट्रीज में क्यों दिख रहा है फायदा

एलारा कैपिटल के मुताबिक, सफारी इंडस्ट्रीज और VIP इंडस्ट्रीज दोनों ही कंपनियां कैपेसिटी एक्सपैंशन, बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और कड़े कॉस्ट कंट्रोल्स का फायदा उठाने की बेहतर स्थिति में हैं।

पिछले पांच सालों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो सफारी इंडस्ट्रीज ने VIP इंडस्ट्रीज को काफी पीछे छोड़ दिया है। सफारी के शेयरो ने इस अवधि में 54% CAGR की दर से रिटर्न दिया है, जबकि VIP इंडस्ट्रीज के केवल 2.5% CAGR की दर से बढ़े हैं।

सेल्स ग्रोथ के मोर्चे पर भी सफारी आगे रही है। पिछले पांच सालों में उसकी बिक्री 21% CAGR की दर से बढ़ी, जबकि VIP की ग्रोथ सिर्फ 5% CAGR रही। सफारी की EPS भी इस दौरान 35% CAGR से बढ़ी है।

VIP इंडस्ट्रीज के लिए चुनौतीपूर्ण दौर

वित्तीय मोर्चे पर VIP इंडस्ट्रीज का प्रदर्शन फिलहाल दबाव में है। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी ने ₹156 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि FY25 में यह नुकसान ₹69 करोड़ था।

एलारा कैपिटल का कहना है कि VIP फिलहाल सुधार और स्थिरता के दौर से गुजर रही है। हालिया ओनरशिप ट्रांजिशन से कंपनी में बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस और नए सिरे से फोकस आने की उम्मीद है।

हालांकि, एलारा के मुताबिक VIP इंडस्ट्रीज की रिकवरी तभी संभव है जब कंपनी लगातार बेहतर प्रदर्शन करे, मार्जिन में सुधार लाए और अपना खोया हुआ मार्केट शेयर दोबारा हासिल करे। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी के टर्नअराउंड की संभावना से शेयर की वैल्यू बढ़ सकती है। एलारा के मुताबिक, रिस्क-रिवार्ड के लिहाज से VIP में री-रेटिंग की संभावना जरूर है।

जोखिम भी कम नहीं

एलारा ने VIP इंडस्ट्रीज के लिए कुछ जोखिमों की भी पहचान की है। इनमें बढ़ता कॉम्पिटीशन, इनपुट कॉस्ट में तेज उछाल और कंज्यूमर डिमांड में बदलाव को समय रहते न पहचान पाना मुख्य जोखिम बताए गए हैं।

टारगेट प्राइस और शेयरों का प्रदर्शन

ब्रोकरेज ने Safari Industries के लिए ₹3,111 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो इसका इस समय का सबसे ऊंचा टारेगट प्राइस है। यह कंपनी के शेयरों में मौजूदा स्तर से करीब 37% तक की तेजी का अनुमान है। वहीं VIP Industries के लिए इसने ₹430 का टारगेट दिया गया है, जो मौजूदा स्तर से इस शेयर मे करीब 9% की तेजी का अनुमान है।

साल 2025 में अब तक Safari Industries के शेयर करीब 14% टूट चुके हैं, जबकि VIP Industries के शेयरों में लगभग 18% की गिरावट देखी है। इसके बावजूद, एलारा कैपिटल का मानना है कि सेक्टर की लॉन्ग-टर्म रिकवरी थीम बरकरार है और चुनिंदा खिलाड़ियों के लिए आगे अवसर मौजूद हैं।

 

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