Last Updated on दिसम्बर 29, 2025 5:51, पूर्वाह्न by Pawan
Real Estate Outlook: 2025 में भारत के रियल एस्टेट बाजार ने मजबूत प्रदर्शन किया। एंड-यूजर डिमांड लगातार बनी रही, सरकार की नीतियों का सपोर्ट मिला और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार देखने को मिला।
बेशक वैश्विक और घरेलू आर्थिक चुनौतियां मौजूद थीं, फिर भी बड़े शहरों में घरों की मांग टिकी रही। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि सेक्टर अब साइक्लिकल रिकवरी से निकलकर फंडामेंटल्स के दम पर आगे बढ़ रहा है।
होम फाइनेंसिंग में बड़ा बदलाव
BASIC Home Loan के CEO और को-फाउंडर अतुल मोंगा का कहना है कि भारत में होम फाइनेंसिंग अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। जो सेक्टर पहले तेज ग्रोथ पर केंद्रित था, वह अब ज्यादा अनुशासित, पारदर्शी और जिम्मेदार बन रहा है। यह बदलाव इंडस्ट्री के लिए भी जरूरी है और समय की मांग भी।
मोंगा के मुताबिक, AI फाइनेंशियल इंक्लूजन को तेज करेगा। GST रिटर्न, किराया भुगतान, सैलरी क्रेडिट और डिजिटल ट्रांजैक्शन जैसे वैकल्पिक डेटा के जरिए AI उन होमबायर्स को पहचान सकेगा, जो अब तक औपचारिक क्रेडिट सिस्टम से बाहर थे। लेकिन असली असर तब होगा, जब AI की स्पीड और सटीकता को इंसानी समझ और संवेदनशीलता के साथ जोड़ा जाएगा।
सरकारी सपोर्ट और रेट कट्स से बढ़ा भरोसा
Sterling Developers के चेयरमैन और MD रमणी सास्त्री के मुताबिक, बढ़ती आकांक्षाओं और सरकार के सहयोगी कदमों से सेक्टर को फायदा मिला है। हाल के रेट कट्स ने होमबायर्स का भरोसा बढ़ाया, जिससे खरीदारी का माहौल बेहतर हुआ।
Intygrat Law के फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर वेंकट राव का कहना है कि 2025 में रियल एस्टेट के लिए ऑपरेटिंग माहौल ज्यादा स्थिर रहा। RBI की स्थिर रेपो रेट नीति ने डेवलपर्स और घर खरीदारों दोनों को लंबी अवधि की प्लानिंग करने में मदद की।
2025 में क्वालिटी और भरोसे पर जोर
भूटानी इंफ्रा के CEO आशीष भूटानी के मुताबिक, 2025 में खासकर दिल्ली-NCR का रियल एस्टेट सेक्टर पहले के मुकाबले ज्यादा स्थिर, पारदर्शी और पॉलिसी-ड्रिवन हो गया है। लग्जरी सेगमेंट में लाइफस्टाइल बदलाव, बढ़ती आय और डिजाइन, सस्टेनेबिलिटी व वेलनेस पर फोकस से मांग मजबूत बनी हुई है।
अमरावती ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन रजनीकांत मिश्रा बताते हैं कि 2025 में उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट बाजार में साफ सकारात्मक रुझान दिखा है। खासतौर पर अफोर्डेबल और मिड-सेगमेंट हाउसिंग की मजबूत मांग ने बाजार को विस्तार दिया है, जहां फोकस व्यावहारिक और क्वालिटी-लिविंग वाले प्रोजेक्ट्स पर है।
वहीं शालीमार कॉर्प के डायरेक्टर कुनाल सेठ मुताबिक, 2025 यूपी रियल एस्टेट के लिए सिर्फ ग्रोथ का नहीं, बल्कि बदलाव का साल रहा है। बेहतर डिजाइन, क्वालिटी और स्मार्ट लिविंग की ओर ग्राहकों की बढ़ती पसंद ने मार्केट की दिशा तय की है, और यही ट्रेंड आगे भी जारी रहने वाला है।
लग्जरी हाउसिंग: साइज नहीं, अनुभव अहम
2025 में लग्जरी हाउसिंग सिर्फ बड़े साइज या ऊंची कीमत तक सीमित नहीं रही। Notandas Realty के मैनेजिंग डायरेक्टर हर्ष जगवानी के मुताबिक, खरीदार अब लोकेशन की क्वालिटी, प्राइवेसी और हैंडओवर के बाद बिल्डिंग कैसे काम करती है, इन बातों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
मुंबई के बांद्रा, जुहू और सांताक्रूज जैसे इलाकों में सीमित सप्लाई और रिडेवलपमेंट-आधारित प्रोजेक्ट्स में लगातार मांग बनी रही।
यह ट्रेंड साइक्लिकल नहीं, स्ट्रक्चरल है
TARC Ltd के CEO और MD अमर सारिन का कहना है कि लग्जरी हाउसिंग में यह बदलाव साइक्लिकल नहीं बल्कि स्ट्रक्चरल है। दिल्ली और गुरुग्राम में खरीदार ऐसे लग्जरी घर पसंद कर रहे हैं, जिनमें वेलनेस, टेक्नोलॉजी और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का सही तालमेल हो।
उनका मानना है कि 2026 में भी अच्छी कनेक्टिविटी वाले इलाकों में, जहां क्वालिटी सप्लाई सीमित है, मांग मजबूत बनी रहेगी।
वेलनेस और सस्टेनेबिलिटी बनी नई प्राथमिकता
2025 में वेलनेस-आधारित लिविंग एक बड़ी थीम बनकर उभरी। Trehan Iris के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अभिषेक त्रेहान के मुताबिक, साल के पहले हिस्से में NCR में लग्जरी होम्स की बिक्री लगातार बढ़ी, जिसमें गुरुग्राम का बड़ा योगदान रहा।
खरीदार अब कीमत से ज्यादा हेल्थ और पर्यावरणीय गुणवत्ता पर ध्यान दे रहे हैं। जैसे कि ग्रीन स्पेस, फिटनेस इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर लाइफस्टाइल।
मेट्रो से बाहर भी बढ़ रही दिलचस्पी
मेट्रो शहरों के अलावा अब लाइफस्टाइल-ड्रिवन लोकेशंस में भी निवेश बढ़ रहा है। GHD Group के CMD भारत ठाकरण के मुताबिक, गोवा तेजी से हॉलिडे डेस्टिनेशन से निकलकर फर्स्ट-होम और रिटायरमेंट डेस्टिनेशन बन रहा है।
रिमोट वर्किंग, सीमित जमीन और मजबूत रेंटल यील्ड इसकी बड़ी वजह हैं। पिछले दो साल में अमीर खरीदारों और NRI की मांग दोगुनी हुई है, जो बताता है कि यह बाजार सट्टेबाजी नहीं बल्कि एंड-यूज पर आधारित है।
2026 का आउटलुक: तेज रफ्तार नहीं, स्थिरता
आगे की बात करें तो डेवलपर्स मानते हैं कि 2026 तेज उछाल की बजाय कंसॉलिडेशन का साल होगा। M5 Mahendra Group के वाइस प्रेसिडेंट महेंद्र नागराज के मुताबिक, GST रेशनलाइजेशन के बाद इनपुट कॉस्ट में कमी और पॉलिसी सपोर्ट से अफोर्डेबिलिटी और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन मजबूत होगा।
AU Real Estate के डायरेक्टर आशीष अग्रवाल ने चेतावनी दी कि बढ़ती कीमतें नए खरीदारों के लिए चुनौती बन सकती हैं। उनके मुताबिक, आने वाले समय में ट्रांसपेरेंट प्राइसिंग और वैल्यू-ड्रिवन डिजाइन ज्यादा अहम होंगे।
2026 में वैल्यू और क्वालिटी की दौड़
मैप्सको ग्रुप के डायरेक्टर राहुल सिंगला के मुताबिक, 2025 के अंत तक भारतीय रियल एस्टेट मजबूती, इनोवेशन और नई लीडरशिप के अहम मोड़ पर पहुंच चुका है। सस्टेनेबिलिटी, डिजिटल अपनाने और कस्टमर-फोकस्ड प्रोजेक्ट्स ने सेक्टर की दिशा तय की है, और 2026 में यही ट्रेंड आगे बढ़ेगा।
बीपीटीपी के CEO मानिक मलिक का कहना है कि 2025 अनुशासित ग्रोथ और बढ़ते खरीदार भरोसे का साल रहा। प्रीमियम और अपर-मिड सेगमेंट में तेजी बरकरार है, जबकि द्वारका एक्सप्रेसवे और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड जैसे माइक्रो-मार्केट वैल्यू-बेस्ड ग्रोथ का केंद्र बने हुए हैं। 2026 में सेक्टर की नींव मजबूत दिखती है।
पायनियर अर्बन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऋषभ पेरीवाल के अनुसार, 2025 में दिल्ली-NCR ने खुद को देश का सबसे प्रीमियम रियल एस्टेट मार्केट साबित किया। HNIs और NRIs की मांग, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर कनेक्टिविटी के चलते हाई-ग्रोथ कॉरिडोर उभरे। 2026 में फोकस वॉल्यूम से हटकर क्वालिटी और वैल्यू पर रहेगा।