Last Updated on दिसम्बर 29, 2025 16:14, अपराह्न by Pawan
पिछले कुछ दिनों में रेलवे स्टॉक्स काफी तेजी से भागे हैं। वहीं रेलवे भी अपने नेटवर्क को बेहतर करने के लिए तैयारी कर रहा है। मुख्य फोकस सेफ्टी पर है। माना जा रहा है कि सरकार बजट 2026-27 में रेल सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए अधिक आवंटन कर सकती है। खबरों के मुताबिक, रेलवे के लिए लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन हो सकता है, जो रेलवे के कुल पूंजीगत व्यय (capital expenditure) का लगभग आधा होगा। इसमें बड़ी रकम ट्रेन दुर्घटना रोकने के लिए इस्तेमाल होने वाले कवच (kavach) में खर्च हो सकती है।इसके बाद रेलवे से जुड़े ऐसे कई शेयर हैं जो रॉकेट बन गए हैं। इन्हीं में एक शेयर Concord Control Systems Ltd (कॉनकॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स लिमिटेड) का है। इस मल्टीबैगर शेयर में पिछले काफी समय से जबरदस्त तेजी आ रही है। सोमवार दोपहर 12 बजे यह शेयर 2.15% की तेजी के साथ 2470 रुपये पर कारोबार कर रहा था। दिन के कारोबार के दौरान यह 4 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 2520 रुपये पर पहुंच गया था।
बाजार खुलते ही ऑल-टाइम हाई पर हिंदुस्तान कॉपर का शेयर, सात दिन में 48.35% उछली कीमत
6 महीने में रेकॉर्ड तेजी
कॉनकॉर्ड कंट्रोल के शेयर में लगातार तेजी आ रही है। पिछले 6 महीने में यह शेयर 130 फीसदी उछल चुका है। यानी 6 महीने में निवेशकों की रकम दोगुने से ज्यादा हो गई है। वहीं इस साल भी इसमें 130 फीसदी से ज्यादा की तेजी बनी हुई है। लॉन्ग टर्म में इस शेयर ने निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न दिया है। पिछले 3 साल से कुछ ज्यादा समय में ही इसने 2700 फीसदी से ज्यादा की छलांग लगा दी है।
आगे कितना दम?
इस शेयर की तेजी को देखें तो यह करोड़पति बनाने वाला शेयर साबित हो सकता है। इसका कारण कंपनी को मिला ताजा ऑर्डर भी है। कंपनी को कवच v4.0 उपकरण के लिए तकनीकी प्रोटोटाइप की मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी से यह साबित हो गया है कि सिस्टम का डिजाइन, सुरक्षा और आपस में काम करने की क्षमता अच्छी है। अब कंपनी डेवलपमेंट के काम से आगे बढ़कर फील्ड ट्रायल और व्यावसायिक तौर पर इसे लागू करने के लिए तैयार है।
नया ऑर्डर कितना बड़ा?
यह कंपनी मुख्य रूप से अपनी सहयोगी कंपनी प्रोगोटा इंडिया के जरिए कवच में काम करती है, जिसमें उसकी 46.5% हिस्सेदारी है। कॉनकॉर्ड ने कवच 4.0 के फील्ड ट्रायल के लिए 19.5 करोड़ रुपये का अपना पहला ऑर्डर हासिल किया है। यह ट्रायल साउथ सेंट्रल रेलवे जोन में 53 किलोमीटर के एक हिस्से को कवर करेगा। इस प्रोजेक्ट में 5 स्टेशन, 6 रिमोट इंटरफेस यूनिट और 10 लोकल कवच सिस्टम को लगाना और चालू करना शामिल है।
क्या है कवच सिस्टम?
यह एक ऐसा सिस्टम है जो ट्रेनों की दुर्घटना को रोकता है। अगर ट्रेन में यह सिस्टम लगा है तो ट्रेन आमने-सामने या आगे-पीछे से एक-दूसरे से टकराती नहीं हैं। साथ ही यह सिस्टम ड्राइवर की तरफ से सिग्नल अनदेखी को भी खत्म कर देता है। यही नहीं, अगर ट्रेन ओवरस्पीड में है तो भी कवच सिस्टम उस पर कंट्रोल रखता है। इसका मकसद एक ही है कि ट्रेनें किसी भी तरह आपस में न टकराएं।
डिस्क्लेमर: इस विश्लेषण में दिए गए सुझाव व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श कर लें। क्योंकि शेयर बाजार की परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।