Last Updated on दिसम्बर 30, 2025 8:00, पूर्वाह्न by Khushi Verma
गुजरात किडनी एंड सुपर स्पेशियलिटी के शेयर 30 दिसंबर को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हो सकते हैं। कंपनी का आईपीओ 22 दिसंबर से 24 दिसंबर के बीच खुला था। यह 5.21 गुना सब्सक्राइब हुआ था। ग्रे मार्केट में एक्टिविटीज को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, अनऑफिशियल मार्केट में इस शेयर की कीमतें प्रीमियम पर चल रही हैं।
Gujarat Kidney and Super Speciality का आईपीओ 251 करोड़ रुपये का था। कंपनी के शेयर का प्राइस बैंड 108-114 रुपये तय किया था। कंपनी ने इससे पहले एंकर इनवेस्टर्स से 100 करोड़ रुपये से थोड़ा जैसा पैसे जुटाए थे। मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च अफसर रवि सिंह ने कहा कि इंडिया के हॉस्पिटल इंडस्ट्री में स्ट्रक्चरल ग्रोथ दिख रही है। इसमें हेल्थकेयर की बढ़ती डिमांड और सरकार की कोशिशों का हाथ है।
उन्होंने कहा कि यह इंडस्ट्री FY2016 में 2,400 अरब रुपये की थी। FY2024 में यह करीब 6,496 रुपये पर पहुंच गई। इसे FY2026 तक 8,200 करोड़ रुपये तक पहुंच जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी सरकार की स्कीम से हॉस्पिटल में ऑक्युपेंसी लेवल बढ़ने की उम्मीद है। सरकार गवर्नमेंट हॉस्पिटल्स, मेडिकल कॉलेज और नए AIIMS में निवेश कर रही है। इससे हॉस्पिटल सेक्टर के लिए लंबी अवधि का आउटलुक पॉजिटिव लगता है।
सिंह ने कहा, “गुजरात किडनी को हेल्थकेयर की बढ़ती डिमांड का फायदा मिलेगा। यह कई शहरों में अपनी सेवाएं शुरू कर रही है। इसे इंटिग्रेटेड और फार्मेसी सर्विसेज का भी सपोर्ट हासिल है। इसका फोकस एफोर्डेबल हेल्थकेयर पर है।” उन्होंने कहा कि कंपनी ने कई हॉस्पिटल्स के साथ इंटिग्रेशन के जरिए कंपनी अपनी ऑपरेशनल एफिशियंसी बढ़ा रही है। यह मेडिकल टेक्नोलॉजीज, इक्विपमेंट और स्पेशियलाइज्ड टैलेंट में निवेश कर रही है।
उन्होंने कहा कि इनवेस्टर्स कंपनी के शेयरों को लंबी अवधि के लिहाज से अपने पास बनाए रख सकते हैं। कंपनी ने आईपीओ से हासिल पैसे का इस्तेमाल अहमदाबाद में पारेख्स हॉस्पिटल्स के अधिग्रहण के लिए करने का प्लान बनाया है। यह अश्विनी मेडिकल सेंटर को खरीदने के लिए भी कुछ पेमेंट कर सकती है। इसके अलावा कंपनी का प्लान वडोदरा में नया हॉस्पिटल्स शुरू करने का है।