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Silver Price Crash: एक ही दिन में ₹21000 गिर गया चांदी का भाव, ये 5 कारण हैं जिम्मेदार

Silver Price Crash: एक ही दिन में ₹21000 गिर गया चांदी का भाव, ये 5 कारण हैं जिम्मेदार

Last Updated on दिसम्बर 30, 2025 1:08, पूर्वाह्न by Pawan

Silver Price Crash: चांदी के भाव में सोमवार को भारी गिरावट आई। चांदी की कीमत MCX पर करीब 21,000 रुपये प्रति किलोग्राम टूट गई। मुनाफा काटने के लिए निवेशकों की भारी बिकवाली हुई। MCX Silver March फ्यूचर्स गिरकर इंट्रा डे में 2,33,120 रुपये प्रति किलो के निचले स्तर तक आ गया।

इसी सत्र में चांदी गिरावट से पहले 2,54,174 रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड हाई बना चुकी थी। लेकिन, फिर यह गिरकर 2,22,504 रुपये तक आ गई। वैश्विक बाजार में भी यही तस्वीर रही। सोमवार को पहली बार चांदी कुछ देर के लिए 80 डॉलर प्रति औंस के पार चली गई, लेकिन वहां टिक नहीं पाई। शाम 9 बजे तक चांदी चांदी 10% से ज्यादा गिरावट के साथ 71 डॉलर तक आ गई थी।

2025 में अब तक चांदी करीब 181 प्रतिशत चढ़ चुकी है। इसने सोने के मुकाबले कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। चांदी में जबरदस्त रैली देखने के पीछे कुछ ठोस कारण जिम्मेदार रहे। जैसे कि अमेरिका में इसे क्रिटिकल मिनरल का दर्जा मिलना, सप्लाई का सीमित रहना, स्टॉक्स का लगातार घटना, इंडस्ट्रियल इस्तेमाल बढ़ना और निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी।

 

लेकिन इतनी तेज बढ़त के बाद बाजार में ठहराव आना तय माना जा रहा था। चांदी की कीमत क्रैश होने के पीछे 5 प्रमुख कारण जिम्मेदार हैं।

रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद मुनाफावसूली

आज सुबह चांदी रिकॉर्ड स्तर के आसपास पहुंच गई थी। MCX पर भाव करीब 2.54 लाख रुपये प्रति किलो तक चले गए। जब कोई कमोडिटी इतनी ऊंचाई पर पहुंचती है, तो निवेशक स्वाभाविक रूप से मुनाफा निकालने लगते हैं। यही आज हुआ।

जैसे ही निवेशकों ने मुनाफा बुक करना शुरू किया, भारी बिकवाली आई और नतीजा यह रहा कि एक ही दिन में करीब 21,000 रुपये प्रति किलो की गिरावट देखने को मिली।

ग्लोबल मार्केट से भी आया दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी में भारी उतार-चढ़ाव दिखा। आज पहली बार चांदी कुछ समय के लिए 80 डॉलर प्रति औंस के ऊपर चली गई, लेकिन वहां टिक नहीं पाई। थोड़ी ही देर में भाव फिसलकर 71 डॉलर तक आ गए।

जब ग्लोबल मार्केट में इस तरह की तेज बिकवाली आती है, तो उसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है। इसी वजह से MCX पर भी चांदी के दाम तेजी से नीचे आए।

भू-राजनीतिक तनाव में कमी

चांदी को आमतौर पर सोने की तरह सुरक्षित निवेश माना जाता है। जब दुनिया में तनाव बढ़ता है, युद्ध या अनिश्चितता होती है, तो निवेशक चांदी और सोने जैसी धातुओं की तरफ भागते हैं। लेकिन आज तस्वीर थोड़ी बदली हुई थी।

रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर शांति की संभावनाओं पर सकारात्मक संकेत मिले। अमेरिका और यूक्रेन के नेताओं के बीच बातचीत में प्रगति की खबरें आईं। जैसे ही बाजार को लगा कि जियोपॉलिटिकल टेंशन कुछ कम हो सकती है, वैसे ही सेफ हेवन एसेट्स से पैसा निकलने लगा। इसका सीधा असर चांदी की कीमतों पर पड़ा।

Silver down

मार्जिन बढ़ने से ट्रेडर्स पर दबाव

आज की गिरावट की एक अहम वजह मार्जिन बढ़ाया जाना भी रही। CME ग्रुप, जो COMEX और दूसरे बड़े डेरिवेटिव प्लेटफॉर्म चलाता है, उसने सिल्वर फ्यूचर्स पर मार्जिन बढ़ा दिया है। पहले जहां ट्रेडर्स को करीब 20,000 डॉलर मार्जिन देना पड़ता था, अब यह बढ़कर 25,000 डॉलर के आसपास हो गया है।

मार्जिन बढ़ने का मतलब यह है कि ट्रेडर्स को ज्यादा कैश लगाना पड़ेगा। ऐसे में कई ट्रेडर्स मजबूरी में अपनी पोजिशन काटते हैं, जिससे बाजार में बिकवाली और तेज हो जाती है।

तेजी के बाद करेक्शन आना तय

पिछले कुछ महीनों में चांदी में असाधारण तेजी देखने को मिली है। इस साल अब तक चांदी करीब 181 प्रतिशत चढ़ चुकी थी। पिछले एक साल में ही भाव लगभग तीन गुना हो गए थे। जब किसी एसेट में इतनी तेज रैली आती है, तो एक समय के बाद करेक्शन आना लगभग तय माना जाता है। आज वही करेक्शन अचानक और तेज तरीके से देखने को मिला।

टेक्निकल वजहें भी जिम्मेदार

टेक्निकल चार्ट्स की बात करें तो चांदी अपने 200 दिन के मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रही थी। ऐसे हालात में छोटे-छोटे ट्रिगर भी बड़ी गिरावट की वजह बन जाते हैं। इसके अलावा मनोवैज्ञानिक फैक्टर भी काम करता है।

जब भाव बहुत ऊपर चले जाते हैं, तो बाजार में यह डर बनने लगता है कि कहीं टॉप न बन जाए। इसी डर में लोग जल्दी-जल्दी बेचने लगते हैं और गिरावट और तेज हो जाती है।

Silver Price Outlook: 2025 में चांदी में 160% से ज्यादा की तेजी, मोतीलाल ओसवाल ने बताई आगे की रणनीति - silver price outlook 2025 massive rally motilal oswal strategy structural supply crisis

आगे का आउटलुक क्या कहता है

अमेरिकी फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म BTIG ने कीमती धातुओं में आई इस तेजी को लेकर चेताया है। फर्म का कहना है कि यह रैली अब ‘पैराबॉलिक’ स्टेज में पहुंच चुकी है। ‘पैराबॉलिक स्टेज’ का मतलब उस स्थिति से है, जब किसी एसेट की कीमत बहुत कम समय में असामान्य और लगभग सीधी रेखा में ऊपर की तरफ भागने लगती है।

BTIG के मुताबिक, ऐसे मूव्स का अंत आमतौर पर धीरे-धीरे नहीं, बल्कि तेज और गहरी गिरावट के साथ होता है। कंपनी का साफ कहना है, ‘पैराबोला का अंत सिर्फ एक ही तरह से होता है- बराबर और उलटी दिशा की तेज प्रतिक्रिया के साथ। इसमें समय के साथ करेक्शन नहीं होता।’

टेक्निकल चार्ट क्या संकेत दे रहे हैं

टेक्निकल नजर से देखें तो चांदी इस वक्त अपने 200 दिन के मूविंग एवरेज से करीब 89 प्रतिशत ऊपर ट्रेड कर रही है। BTIG का कहना है कि 1979 में हंट ब्रदर्स के स्क्वीज को छोड़ दें, तो जब भी चांदी 200-DMA से 60 प्रतिशत से ज्यादा ऊपर गई है, उसके बाद 20, 30 और 40 दिनों में कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है।

फर्म के मुताबिक, भले ही इस बार फंडामेंटल कहानी अलग हो, लेकिन साल की शुरुआत से अब तक करीब 174 प्रतिशत की तेजी में ज्यादातर पॉजिटिव फैक्टर पहले ही दामों में शामिल हो चुके हैं।

 

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