Dalal Street: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते एक बार फिर गिरावट देखने को मिली। इस दौरान BSE सेंसेक्स में 237.8 अंक या 0.29 फीसदी की गिरावट आई है। इसके अलावा, निफ्टी में भी 156.15 अंक या 0.64 फीसदी की गिरावट देखी गई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब अगले हफ्ते शेयर बाजार की दिशा मैक्रो इकोनॉमिक डेटा, सितंबर तिमाही के नतीजे, ग्लोबल ट्रेंड्स और विदेशी निवेशकों के रुख से तय होगी। आने वाले हफ्ते में सितंबर तिमाही के नतीजों के अंतिम दौर के बीच कुछ शेयरों में एक्शन दिख सकता है। इसके अलावा, बाजार पर अमेरिकी मुद्रास्फीति, फेड चेयर जेरोम पॉवेल की स्पीच, भारत की CPI महंगाई और FII एक्टिविटी का भी असर होने की उम्मीद है। गुरु नानक जयंती के अवसर पर 15 नवंबर को बाजार बंद रहेगा।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड, वेल्थ मैनेजमेंट, सिद्धार्थ खेमका ने कहा, “ग्लोबल फैक्टर्स और कमजोर तिमाही नतीजों के कारण भारतीय शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव की उम्मीद है।” इसके अलावा, जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, बाजार ट्रम्पोनॉमिक्स और FII एक्टिविटी से प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका के शॉर्ट से मीडियम टर्म में अन्य बाजारों से बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है।
2500 से अधिक कंपनियों के आएंगे तिमाही नतीजे
यह तिमाही नतीजों का अंतिम हफ्ता होगा, जिसमें 2500 से अधिक कंपनियां अपने सितंबर तिमाही के परिणाम घोषित करेंगी। इनमें ONGC, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, हिंडाल्को, श्री सीमेंट, आयशर मोटर्स, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, हीरो मोटोकॉर्प जैसी बड़ी निफ्टी 50 कंपनियां शामिल हैं।
इसके अलावा, हुंडई मोटर, एफएसएन ई-कॉमर्स वेंचर्स (नायका), ब्रेनबीज सॉल्यूशंस (फर्स्टक्राई), होनासा कंज्यूमर (मामाअर्थ), वोडाफोन आइडिया, ज़ाइडस लाइफसाइंसेस, बैंक ऑफ इंडिया, भारत फोर्ज, बजाज कंज्यूमर केयर, बलरामपुर चीनी मिल्स, हिंदुस्तान कॉपर, जुबिलेंट फूडवर्क्स, एनएमडीसी, यूपीएल, अशोका बिल्डकॉन, बॉश, सीईएससी, ईएमएस, फिनोलेक्स केबल्स, जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन, मार्कसन्स फार्मा, संवर्धन मदरसन, नैटको फार्मा, पी एन गाडगिल ज्वैलर्स, सुला वाइनयार्ड्स, एल्केम लैबोरेटरीज, अपोलो टायर्स, एस्ट्राजेनेका फार्मा, दिलीप बिल्डकॉन, एक्सिकॉम टेली-सिस्टम्स, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स, हैप्पीस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज, कल्याण ज्वैलर्स, एनबीसीसी, पीआई इंडस्ट्रीज, सेनको गोल्ड, थर्मैक्स, टोरेंट पावर, वॉकहार्ट, जैगल प्रीपेड ओशन सर्विसेज, भारत डायनेमिक्स, डेल्हीवरी, ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स इप्का लैबोरेटरीज, मेडी असिस्ट हेल्थकेयर और मुथूट फाइनेंस भी अपनी तिमाही नतीजों की घोषणा करेंगे।
CPI इनफ्लेशन
निवेशकों की नजर अक्टूबर के लिए CPI और WPI इनफ्लेशन के आंकड़ों पर भी रहेगी, जिसकी घोषणा 12 और 14 नवंबर को की जाएगी। अधिकांश अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि सितंबर में मुद्रास्फीति के 5.49 और 1.84 फीसदी के आंकड़े थोड़े बढ़ेंगे, लेकिन उनका यह भी मानना है कि खरीफ की फसल के साथ, नवंबर से ये आंकड़े उलट सकते हैं।
12 नवंबर को जारी होने वाले सितंबर के इंडस्ट्रियल आउटपुट के आंकड़ों में भी सुधार की उम्मीद है, जबकि अगस्त में इसमें 0.14 फीसदी की गिरावट आई थी। अक्टूबर के लिए पैसेंजर व्हीकल की बिक्री के आंकड़े 13 नवंबर को जारी किए जाएंगे। बाजार की नजर 15 नवंबर को अक्टूबर के राजकोषीय घाटे के आंकड़ों, 8 नवंबर को समाप्त सप्ताह के लिए फॉरेक्स रिजर्व और 1 नवंबर को समाप्त पखवाड़े के लिए बैंक लोन और डिपॉजिट ग्रोथ पर होगी।
US इनफ्लेशन
अक्टूबर में वैश्विक स्तर पर निवेशक अमेरिकी मुद्रास्फीति और खुदरा बिक्री पर नजर रखेंगे, जो दिसंबर में अपनी अगली बैठक में फेड के ब्याज दर निर्णय को प्रभावित करेगा। एक्सपर्ट्स के अनुसार, कंज्यूमर इनफ्लेशन सितंबर में दर्ज की गई 2.4 फीसदी से थोड़ी बढ़ सकती है, जबकि कोर इनफ्लेशन 3.3 फीसदी पर स्थिर रहने की संभावना है।
इसके अलावा, मार्केट की नजर सप्ताह के दौरान कई फेड अधिकारियों के भाषणों पर रहेगी, जिसमें 15 नवंबर को पॉवेल का भाषण भी शामिल है। हालांकि उन्होंने नवंबर की पॉलिसी मीटिंग के बाद कहा था कि वे दिसंबर में ब्याज दरों में कटौती से इनकार नहीं करते हैं, लेकिन इकोनॉमिक इंडिकेटर्स फेड के अगले कदम को तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा
यूरो जोन के Q3-CY24 जीडीपी आंकड़ों के लिए दूसरे अनुमान के साथ-साथ यूके और जापान के Q3 जीडीपी आंकड़ों के शुरुआती अनुमान भी अगले हफ्ते आने वाले हैं। चीन इस हफ्ते अक्टूबर के लिए अपनी खुदरा बिक्री, औद्योगिक उत्पादन, हाउस प्राइस इंडेक्स और बेरोजगारी के आंकड़े जारी करेगा।
फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (FII)
फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (FII) की बिकवाली के चलते बाजार में पिछले एक महीने से अधिक समय से कमजोरी दिख रही है। ऐसे में इस हफ्ते भी निवेशकों की नजर FII और DII की एक्टिविटी पर रहेगी। FII की लगातार बिकवाली ने बाजार पर जबरदस्त दबाव बनाया है। हालांकि, DII ने काफी हद तक इसकी भरपाई करने में कामयाबी हासिल की है और बाजार को मजबूत सपोर्ट किया है।
27 सितंबर से लगातार 30 दिनों तक FII कैश सेगमेंट में नेट सेलर्स बने रहे, उन्होंने 1.45 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे। दूसरी ओर, इसी अवधि में DII ने 1.35 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। मौजूदा महीने में अब तक FII ने नेट 19850 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं और DII ने नेट 14014 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।
तेल की कीमतें
अगले हफ्ते बाजार की निगाहें तेल की कीमतों पर भी रहेंगी, जो अब तक स्टेबल रही हैं। भारत शुद्ध तेल आयातक है, इसलिए इसमें कोई भी बड़ा बदलाव बाजारों को प्रभावित करता है। आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए चीन के बड़े डेट स्वैप प्रोग्राम के बाद तेल की कीमतों के लिए इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स सप्ताह के अंत में 1 फीसदी की बढ़त के साथ 73.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
हालांकि, यह सभी प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा, जो एक पॉजिटिव संकेत है। इसकी कीमतें पिछले कई हफ्तों से 80 डॉलर के निशान से नीचे बनी हुई हैं, जिससे तेल आयातकों को राहत मिली है।
आने वाले हफ्ते में भी प्राइमरी मार्केट में हलचल रहेगी, क्योंकि तीन कंपनियां पब्लिक होंगी, जिनमें मेनबोर्ड सेगमेंट में ब्लैकबक ऐप ऑपरेटर जिंका लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस का 1115 करोड़ रुपये का आईपीओ शामिल है। यह आईपीओ 13 नवंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा।
निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस का आईपीओ 11 नवंबर को क्लोज होगा, जिसका इरादा 2200 करोड़ रुपये जुटाने का है। सैगिलिटी इंडिया के शेयर 12 नवंबर को शेयर बाजारों में लिस्ट होंगी। इसके बाद स्विगी और ACME सोलर होल्डिंग्स की लिस्टिंग 13 नवंबर को होगी। निवा बूपा भी अगले हफ्ते 14 नवंबर को लिस्ट होगी।
SME सेगमेंट में हार्डवेयर रेंटल सॉल्यूशन मंगल कंप्यूसोल्यूशन 12 नवंबर को अपना 16.23 करोड़ रुपये का आईपीओ लॉन्च करेगा। इसके बाद ओनिक्स बायोटेक का 29.34 करोड़ रुपये का आईपीओ 13 नवंबर को आएगा। नीलम लिनेन्स एंड गारमेंट्स अपना 13 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 12 नवंबर को बंद करेगा।
टेक्निकल व्यू
टेक्निकल की बात करें तो बाजार कमजोर दिख रहा है और उम्मीद है कि यह कंसोलिडेशन जारी रहेगा। निफ्टी 50 अपने 10 और 20-वीक के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) से नीचे है, जिसका अपवर्ड जर्नी के लिए टूटना जरूरी है। ओवरऑल, अक्टूबर से ही लोअर-हाई-लोअर-लो का फॉर्मेशन हो रहा है, जबकि पिछले हफ्ते की वॉल्यूम एवरेज से अधिक थी।
इंडेक्स ने अपर और लोअर शैडो के साथ एक बियरिश कैंडल बनाई, जो वीकली चार्ट पर एक हाई वेव पैटर्न जैसा दिखता है, जो फ्यूचर मार्केट ट्रेंड्स के बारे में बुल्स और बियर के बीच वोलैटिलिटी और अनिर्णय को दिखाता है।
24000 का स्तर इमिडिएट सपोर्ट के रूप में कार्य करेगा, इसके बाद बिक्री दबाव बढ़ने पर 23800 के स्तर पर सपोर्ट होगा। दूसरी ओर, 24500 पर रेजिस्टेंस की उम्मीद है, और इससे ऊपर एक निर्णायक और सस्टेनेबल क्लोजिंग बाजार में तेजी ला सकता है।
कॉर्पोरेट एक्शन
आने वाले हफ्ते में होने वाली प्रमुख कॉर्पोरेट एक्शन इस प्रकार हैं:

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