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Share Market: शेयर बाजार में इन 3 कारणों से गिरावट, सेंसेक्स दिन के हाई से 1,000 अंक टूटा… ₹5 लाख करोड़ डूबे

Last Updated on नवम्बर 13, 2024 3:26, पूर्वाह्न by Pawan

Share Market Falls: भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार 12 नवंबर को कारोबार की शुरुआत हरे निशान में की, लेकिन इसके बाद इनमें तेज गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स कारोबार के दौरान 79,820.98 के अपने इंट्राडे हाई से करीब 1,032 अंक लुढ़ककर 78,767.49 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी अपने इंट्राडे हाई से करीब 330 अंक लुढ़ककर 23,912 पर पहुंच गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली जारी रही और दोनों इंडेक्स 1 फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। यहां तक कि अधिकतर सेक्टोरल इंडेक्स भी लाल निशान में थे। इस गिरावट के चलते बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 5 लाख करोड़ रुपये घटकर 437.49 रुपये पर आ गया।

शेयर बाजार में आज की गिरावट की पीछे 3 मुख्य कारण रहे-

1. कंपनियों के कमजोर तिमाही

अधिकतर कंपनियों के सितंबर तिमाही के नतीजे बाजार के अनुमानों से कमजोर रहे हैं। इसके चलते खास तौर से मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में हाल में काफी बिकवाली देखने को मिल रही है। जेफरीज के एनालिस्ट्स क्रिस वुड ने बताया कि कमजोर नतीजों के चलते भारतीय कंपनियों को साल 2020 की शुरुआत के बाद का अपना अब तक के सबसे बड़े डाउनग्रेड का सामना करना पड़ रहा है।

2. FIIs की ओर से बिकवाली

विदेशी निवेशकों (FIIs) का भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकालने का सिलसिला थम नहीं रहा है। विदेशी निवेशकों ने नवंबर महीने में अबतक करीब 22,156.41 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी कर चुके हैं। इससे पहले उन्होंने अक्टूबर में रिकॉर्ड 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की थी। इसके चलते शेयर बाजार में लगातार दबाव बना हुआ है। इस बीच MSCI के इमर्जिंग मार्केट इनवेस्टेबल मार्केट इंडेक्स (EM IMI) में चीन ने वापस भारत को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान पर कब्जा जमा लिया है। चीन के सस्ते वैल्यूएशन को देखते हुए विदेशी निवेशक भारत की जगह उसकी ओर रुख कर रहे हैं।

3. ऑटो, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में कमजोरी

निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी ऑटो और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में आज 1 फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिली। निफ्टी बैंक इंडेक्स लगभग 1 फीसदी तक गिर गया। ऑटो कंपनियों के अक्टूबर महीने के बिक्री आंकड़े निवेशकों में उत्साह जगाने में नाकाम रहे। इस बीच हुंडई मोटर इंडिया के कमजोर तिमाही नतीजों ने निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित किया है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स से जुड़े आंकड़े आने से पहले निवेशक बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों को लेकर भी सतर्क दिखे।

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