Last Updated on दिसम्बर 12, 2024 17:22, अपराह्न by Pawan
मार्केट रेगुलेटर सेबी ने एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) को प्रशासनिक चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी मर्चेंट बैंकिंग से जुड़े कुछ नियमों का पालन नहीं करने के मामले में जारी की गई है। बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि मार्केट रेगुलेटर ने बैंक की आंतरिक जांच के बाद यह टिप्पणी की है। एचडीएफसी बैंक का शेयर 12 दिसंबर को पर्सेंट की गिरावट के साथ पर बंद हुआ। बैंक को प्रशासनिक चेतावनी संबंधी चिट्ठी बैंक की इनवेस्टमेंट बैंकिंग गतिविधियों की निगरानी के दौरान की गई टिप्पणियों से संबंधित थी।
बैंक ने कहा है कि वह प्रशासनिक संबंधी चिट्ठी में बताई गई चिंताओं से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाएगा और इससे बैंक की फाइनेंशियल, ऑपरेशनल या अन्य गतिविधियों पर कोई असर नहीं होगा। मार्केट रेगुलेटर द्वारा प्रशासनिक चेतावनी चिट्ठी 9 दिसंबर को जारी की गई और बैंक को यह चिट्ठी 11 दिसंबर को मिली।
एचडीएफसी बैंक ने कहा है, ‘चेतावनी वाली चिट्ठी में सेबी (मर्चेंट बैंकर्स) रेगुलेशंस 1992, सेबी (इश्यू ऑफ कैपिटल एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस 2018 और सेबी (इनसाइडर ट्रेडिंग की रोकथाम) रेगुलेशंस 2015 कुछ प्रावधानों के उल्लंघन की बात कही गई है।’ पिछले 6 महीने में इस प्राइवेट बैंक के शेयर में शानदार तेजी देखने को मिली है।
इस दौरान HDFC Bank के स्टॉक में करीब 18 पर्सेंट की तेजी है, जिसके बाद बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 4 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ा है। फिलहाल, बैंक का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 14 लाख करोड़ रुपये के पार है। HDFC के साथ मर्जर के बाद HDFC Bank के शेयर में अंडरपरफॉर्मेंस देखने को मिल रहा था। लेकिन, अब यह बैंक प्राइवेट सेक्टर बैंकों में आउटपरफॉर्मर है। बैंक के मार्जिन और एसेट क्वॉलिटी में सुधार के बाद शेयर में यह तेजी नजर आ रही है।