Last Updated on फ़रवरी 10, 2025 23:48, अपराह्न by Pawan
महंगाई ने डाला दबाव, लेकिन कंपनी ने खेला शानदार दांव
इस तिमाही में कंपनी की आय में 6% की बढ़ोतरी हुई है और वॉल्यूम ग्रोथ भी 6% रही। हालांकि, कोकोआ और पाम ऑयल जैसी कमोडिटीज की बढ़ती कीमतों ने मार्जिन पर दबाव डाला। लेकिन ब्रिटानिया ने इसे बखूबी संभालते हुए रणनीतिक कदम उठाए, जैसे कीमतों में बढ़ोतरी और खर्च में कटौती।
कर्मचारी खर्च में 47% की कमी की गई, जिससे कंपनी का EBITDA (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) उम्मीद से बेहतर ₹8.4 बिलियन पर पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में EBITDA मार्जिन 17-18% के बीच स्थिर रहेगा।
ग्रामीण बाजार में धमाल, शहरों में भी पकड़ मजबूत
ब्रिटानिया की असली ग्रोथ रूरल मार्केट्स से आई है, जहां बिक्री ने राष्ट्रीय औसत से 2.6 गुना ज्यादा तेज रफ्तार पकड़ी। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी कंपनी की पकड़ मजबूत हो रही है, जहां बिस्किट से लेकर डेयरी और क्रोइसां तक हर कैटेगरी में अच्छी बिक्री हो रही है।
मैनेजमेंट का मास्टर प्लान
कंपनी ने महंगाई से निपटने के लिए Q3 में 2%, Q4 में 2.5% और अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 1.5% की कीमत बढ़ाने की योजना बनाई है। इसके साथ ही लागत में 2.5% की कटौती पर काम हो रहा है, जिससे मुनाफे पर दबाव कम होगा।
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि ब्रिटानिया की लॉन्गटर्म रणनीति मजबूत है। इनोवेशन, बेहतर वितरण नेटवर्क और ग्रामीण बाजारों में गहरी पकड़ इसे आगे बढ़ाएगी। इसी आधार पर उन्होंने BUY की रेटिंग दी है। गौर करने वाली बात है कि इस शेयर का 52 वीक हाई 6469.90 रुपये है और अभी ये 31% डिस्काउंट के साथ 4915 रुपये पर ट्रेड कर रहा है।