Last Updated on अप्रैल 26, 2025 19:10, अपराह्न by Pawan
एथर एनर्जी के सीईओ तरुण मेहता ने कहा है कि चीन के दुर्लभ अर्थ मैगनेट के एक्सपोर्ट पर रोक का असर उनकी कंपनी पर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कंपनी के आईपीओ से पहले 26 अप्रैल को मीडिया से बातचीत में यह कहा। उन्होंने कहा कि हमारे ऊपर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। इसका ज्यादा असर अमेरिका-चीन के रिश्तों पर पड़ेगा। हाल में खबर आई थी कि चीन के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख मिनरल्स के एक्सपोर्ट पर रोक लगा देने से ईवी के उत्पादन पर असर पड़ेगा।
ईवी के उत्पादन में होता है इस्तेमाल
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के उत्पादन के लिए दुर्लभ अर्थ मैगनेट जरूरी है। इसकी ग्लोबल सप्लाई में चीन की बड़ी भूमिका है। मेहता ने कहा कि एथर की सप्लाई चेन पर फिलहाल किसी तरह का असर पड़ने नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुर्लभ अर्थ मैगनेट को लेकर ज्यादा चिंता नहीं है, लेकिन लिथियम सेल को लेकर चिंता है, क्योंकि इसकी सप्लाई चीन करता है। ईवी बैटरीज के उत्पादन के लिए यह जरूरी है।
घरेलू कंपनियों से पार्टनरशिप बढ़ाने पर जोर
उन्होंने कहा कि हमारा फोकस घरेलू कंपनियों के साथ पार्टनरशिप बढ़ाने पर होगा। एथर ने बैटरी सेल की सप्लाई के लिए Amara Raja और LG Energy जैसी कंपनियों से समझौता किया है। कंपनी सप्लाई के मामले में डायवर्सिफिकेशन चाहती है। साथ ही उसका फोकस लोकल सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर है। मेहता का यह बयान कंपनी के आईपीओ के ओपन होने से ठीक पहले आया है। कंपनी का आईपीओ 28 अप्रैल को खुलने जा रहा है।
एथर का आईपीओ 28 अप्रैल को खुलेगा
एथर एनर्जी अपने आईपीओ में करीब 2,626 करोड़ रुपये के नए शेयर इश्यू करेगी। इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल होगा। तरुण मेहता और स्वप्निल जैन ने 2013 में एथर की शुरुआत की थी। अब यह कंपनी इंडियन इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के दोपहियों के मार्केट की प्रमुख कंपनी बन गई है। इसका मुकाबला Ola Electric, Bajaj और TVS Motor Company से है। तीनों कंपनियों स्टॉक मार्केट में लिस्टेड हैं।