Caliber Mining and Logistics IPO: सुनील सिंघानिया की एबक्कस एसेट मैनेजर्स द्वारा समर्थित कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स अपना आईपीओ लाने जा रही है। महाराष्ट्र स्थित इस कंपनी ने मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल कर दिया है। कंपनी का इरादा पब्लिक इश्यू के जरिए 600 करोड़ रुपये जुटाने का है। 30 दिसंबर को दाखिल किए गए ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार आईपीओ में 500 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, प्रमोटरों द्वारा 100 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जाएगी।
Caliber Mining and Logistics IPO से जुड़ी डिटेल
इसके अलावा, कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स प्री-आईपीओ राउंड में 100 करोड़ रुपये जुटाने पर विचार कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो नए इश्यू का साइज कम हो जाएगा। प्रमोटर चड्डा फैमिली के पास कैलिबर माइनिंग में 94.91 फीसदी हिस्सेदारी है। शेष 5.09 फीसदी हिस्सेदारी पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास है, जिसमें अबक्कस फोर2एट ऑपर्च्युनिटीज फंड, कैटेगरी II अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड की 3.89 फीसदी हिस्सेदारी भी शामिल है।
कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स कोल माइनिंग और लॉजिस्टिक्स सर्विसेज प्रोवाइड करती है। इसका मुकाबला पावर मेक प्रोजेक्ट्स, एनसीसी, सिंधु ट्रेड लिंक्स और दिलिप बिल्डकॉन जैसी लिस्टेड कंपनियों के साथ है। कंपनी ने इस साल सितंबर-अक्टूबर में 240 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर 25,83,333 इक्विटी शेयरों के प्राइवेट प्लेसमेंट के माध्यम से 62 करोड़ रुपये जुटाए हैं। जिसमें से 50 करोड़ रुपये अबक्कस द्वारा 20,83,333 इक्विटी शेयरों के लिए प्रोवाइड किए गए थे।
Caliber Mining and Logistics कहां करेगी फंड का इस्तेमाल
कंपनी नए इश्यू से होने वाली आय में से 175 करोड़ रुपये का उपयोग कर्ज चुकाने (अक्टूबर 2024 तक कुल बकाया 767.65 करोड़ रुपये) के लिए करने की योजना बना रही है। इसके अलावा, मशीनरी की खरीद के लिए 200 करोड़ रुपये और शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए खर्च किए जाएंगे।
Caliber Mining and Logistics का कारोबार
कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स कोल माइनिंग और लॉजिस्टिक्स सर्विसेज में एक प्रमुख कंपनी है। इसकी सर्विसेज में कोयला खनन, ओवरबर्डन रिमूवल, कोल लोडिंग और अनलोडिंग, रोड ट्रांसपोर्टेशन, को-ऑर्डिनेशन ऑफ रेल ट्रांसपोर्टेशन शामिल हैं। कंपनी की माइनिंग और ओवरबर्डन रिमूवल सर्विसेज महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, और मध्य प्रदेश में स्थित हैं। वेस्टर्न कोलफील्ड्स और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स, जो कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनियां हैं, कैलिबर के सबसे बड़े ग्राहक हैं।
अक्टूबर 2024 तक कैलिबर माइनिंग के पास 5084.7 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक है, जिसमें से 96.60 फीसदी कोल माइनिंग सर्विसेज और ओवरबर्डन हटाने की सर्विसेज शामिल हैं। शेष 3.40 फीसदी में लॉजिस्टिक्स सर्विस कॉन्ट्रैक्ट्स और वर्क ऑर्डर्स शामिल हैं। डीएएम कैपिटल एडवाइजर्स आईपीओ के लिए एकमात्र बुक रनिंग लीड मैनेजर है।
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